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कोन्याक अगर राज्यसभा चुनाव जीतती हैं तो नागालैंड की पहली महिला होंगी, भाजपा ने बनाया प्रत्याशी
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कोन्याक अगर राज्यसभा चुनाव जीतती हैं तो नागालैंड की पहली महिला होंगी, भाजपा ने बनाया प्रत्याशी

Phangnon Konyak: BJP fields woman for lone Rajya Sabha seat from Nagaland JOIN OUR WHATSAPP GROUP इसी महीने 31 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए भाजपा ने नागालैंड से महिला प्रत्याशी को अपना उम्मीदवार बनाया है। 60 सदस्यीय विधानसभा में 35 विधायकों के साथ भाजपा की महिला मोर्चा अध्यक्ष एस फांगनोन कोन्याक को संसद के उच्च सदन में राज्य की एकमात्र सीट के लिए उम्मीदवार के रूप में नामित किया है। अगर फेंगनॉन राज्यसभा की मेंबर बनती हैं, तो 1963 के बाद पहला ऐसा मौका होगा जब कोई महिला संसद में नागालैंड को प्रतिनिधित्व करेंगी। इससे पहले 1963 में नागालैंड की रानो एम शाइजा लोकसभा सांसद चुनी गई थीं। नगालैंड विधानसभा में आज तक कोई महिला विधायक निर्वाचित नहीं हुई है। चुनाव के लिए पीठासीन अधिकारी के. रियो ने बताया कि प्रत्याशी सोमवार दोपहर 3 बजे तक नामांकन दाखिल कर सकते हैं। राज्य सभा के लिए 3...
सैकड़ों साल बाद वेटिकन प्रावधानों में हुए बदलाव, अब महिलाएं भी बन सकेंगी वेटिकन के विभागों की प्रमुख
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सैकड़ों साल बाद वेटिकन प्रावधानों में हुए बदलाव, अब महिलाएं भी बन सकेंगी वेटिकन के विभागों की प्रमुख

Vatican: Pope Francis Expands Potential Role of Women at Vatican JOIN OUR WHATSAPP GROUP वेटिकन के संविधान में जल्द ही अभूतपूर्व बदलाव होने वाले हैं, इसका ऐलान पोप फ्रांसिस ने शनिवार को किया है।नए संविधान के तहत बपतिस्मा (एक तरह का ईसाई संस्कार) करा चुके कोई भी कैथोलिक, चाहे वह महिला हो या पुरुष, वेटिकन के केंद्रीय प्रशासन के ज्यादातर विभागों का नेतृत्व कर सकेगा।मालूम हो कि सैकड़ों वर्षों से इन विभागों का नेतृत्व पुरुष कर रहे थे, जो सामान्य तौर पर कार्डिनल या बिशप होते थे। इस प्रैडिकेट इवांग्लियम (प्राक्लेमिंग द गास्पेल) नामक 54 पन्नों के संविधान को तैयार करने में लगभग नौ वर्षो से ज्यादा समय लगा है। नया संविधान पांच जून से होगा प्रभावी: Vatican: Pope Francis Expands Potential Role of Women at Vatican इस संविधान को पोप फ्रांसिस के पद संभालने की नौवीं वर्षगांठ जारी पर किया ...
Women are finding new ways to influence male-led faiths
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Women are finding new ways to influence male-led faiths

The number of women religious leaders is growing, but the 2018-2019 National Congregations Study, which surveyed 5,300 U.S. religious communities, found that only 56.4% of these communities would allow a woman to “be head clergy person or primary religious leader.” AP Photo/Young Kwak Emily Costello, The Conversation and Thalia Plata, The Conversation In some religions, women are barred from serving as clergy or excluded from top leadership roles. Nonetheless, women have broken into influential roles in these male-led faiths. How are these women forging new pathways in these traditionally patriarchal religions? The Associated Press, Religion News Service and The Conversation held a webinar with academics, journalists and religious leaders to discuss the future of women in faith l...
Celebrating the 191st birthday of Fatima Sheikh, a social reformer who was the first Woman Muslim Teacher of Modern India
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Celebrating the 191st birthday of Fatima Sheikh, a social reformer who was the first Woman Muslim Teacher of Modern India

देश के पहली महिला मुस्लिम शिक्षिका फातिमा शेख की 191वीं जयंती आज, समाज के गरीबों की शिक्षा में दिया था बड़ा योगदान Celebrating the 191st birthday of Fatima Sheikh, a social reformer who was the first Woman Muslim Teacher of Modern India JOIN OUR WHATSAPP GROUP आज भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका फामिता शेख की 191 वीं जयंती है। इस मौके पर गूगल ने उन्हें डूडल बनाकर सम्मानित किया है। कौन थी फातिमा शेख: फातिमा शेख का जन्म आज के ही दिन 9 जनवरी 1831 को भारत के पुणे महाराष्ट्र में हुआ था। फातिमा एक महिला शिक्षिका के साथ-साथ महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले की सहयोगी भी रही है। जब सावित्रीबाई फूले को दलित व गरीबों को शिक्षा देने के विरोध में उनके पिता ने घर से निकाल दिया था तो उस्मान शेख व फातिमा ने उन्हें शरण दी थी। उन्होंने समाज सुधारक ज्योति बा फुले और साव...
President Ram Nath Kovind Gives Assent to Surrogacy Act, 2021
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President Ram Nath Kovind Gives Assent to Surrogacy Act, 2021

राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने सेरोगेसी कानून को दी मंजूरी, अब नहीं हो सकेगा दुरुपयोग President Ram Nath Kovind Gives Assent to Surrogacy Act, 2021 JOIN OUR WHATSAPP GROUP देश में अब सरोगेसी (विनियमन) अधिनियम 2021 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मंजूरी दे दी है। राष्ट्रपति ने इसे शनिवार को मंजूरी दी और गजट प्रकाशन के साथ ही यह कानून लागू हो गया है। इस कानून में सरोगेसी को वैधानिक मान्यता देने और इसके व्यवसायीकरण को गैरकानूनी बनाने का प्रावधान है। Surrogacy Act, 2021 इस कानून से सरोगेसी के पैसे कमाने और इसके दुरुपयोग पर अंकुश लगेगा। इसके जरिये केवल मातृत्व प्राप्त करने के लिए सरोगेसी की अनुमति मिलेगी, जिसमें सरोगेट मां को गर्भ की अवधि के दौरान चिकित्सा खर्च और बीमा कवरेज के अलावा कोई और वित्तीय मुआवजा नहीं मिलेगा। बता दें की सरोगेसी का अर्थ किराये पर गर्भ होता है। इसका उपयो...
Google Doodle Today: चिकित्सा में अभूतपूर्व योगदान और सामाजिक कार्यों के लिए जानी जातीं हैं कमल रणदिवे
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Google Doodle Today: चिकित्सा में अभूतपूर्व योगदान और सामाजिक कार्यों के लिए जानी जातीं हैं कमल रणदिवे

Google Doodle Today: देश की महान हस्तियों और उनके वैज्ञानिक और सामाजिक क्षेत्र में किए गए कार्यों को भले ही हम भूल जाएं लेकिन गूगल उनको याद करता है। आज एक बार फिर दुनिया की सबसे बड़ी सर्चिंग साइट गूगल ने भारत की होनहार बेटी डॉक्टर 'कमल रणदिवे' के 104वें जन्म दिवस पर 'डूडल' बनाकर उन्हें याद किया है। इस डूडल में डॉ रणदिवे एक माइक्रोस्कोप को देख रही हैं। यह डूडल भारत के गेस्ट आर्टिस्ट इब्राहिम रयिन्ताकथ द्वारा बनाया गया है। जब गूगल ने डूडल बनाया तो हजारों यूजर्स को कमल रणदिवे के बारे में जानकारी भी हुई। आइए जानते हैं चिकित्सक कमल रणदिवे कौन थीं और उनका देश के विकास में क्या योगदान है। 'वे कैंसर जैसी बीमारी पर अभूतपूर्व अनुसंधान के लिए जानी जाती हैं'। कमल रणदिवे का जन्म 8 नवंबर 1917 में महाराष्ट्र के पुणे में हुआ था। उन्हें कमल समरथ के नाम से भी जाना जाता है। उनके पिता दिनकर दत्तात्रेय ने ...
Afghan women have a long history of taking leadership and fighting for their rights
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Afghan women have a long history of taking leadership and fighting for their rights

Afghan women have a long history of taking leadership and fighting for their rights Afghan women hold ‘silent’ protests in Kabul against repressive measures under the Taliban regime. Bilal Guler/Anadolu Agency via Getty Images Wazhmah Osman, Temple University and Helena Zeweri, University of Virginia Ever since the Taliban recaptured Afghanistan, the question in much of the Western media has been, “What will happen to the women of Afghanistan?” Indeed, this is an important concern that merits international attention. The Taliban has already imposed many restrictions on women. At the same time, however, much of the Western media coverage appears to be reinforcing the idea that the U.S. military intervention helped expand the rights for Afghan...
China: #MeToo, inequality, harassment and sexual politics in the workplace
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China: #MeToo, inequality, harassment and sexual politics in the workplace

China: #MeToo, inequality, harassment and sexual politics in the workplace Jieyu Liu, SOAS, University of London The recent collapse of a high-profile sexual harassment case brought against a well-known television host has reignited debate in China over workplace gender roles and reinvigorated the country’s #MeToo movement. Zhou Xiaoxuan, 27, says she was an intern at Chinese state-owned media company CCTV when Zhu Jun, a prominent TV presenter, groped and forcibly kissed her. The case was dismissed on September 14 on the grounds it did not meet the required standard of proof. When Zhou first raised the allegations on social media in 2018 she quickly became the face of China’s #MeToo movement. Supporters gathered outside the court to protest the decision as Zhou vowed to ap...
Vandana Shiva fights patents on seeds to make farmers independent from Monsanto and Nestlé
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Vandana Shiva fights patents on seeds to make farmers independent from Monsanto and Nestlé

Vandana Shiva, the Indian scientist and activist stands for social justice and uncompromising sustainability. The Alternative Nobel Prize winner gained worldwide attention through her fight against the agricultural giant Monsanto. But Vandana Shiva does not only want to give the seeds back to the farmers who grow them. She is a well-known critic of globalisation, speaks out publicly against the concentration of wealth and fights for better coexistence on earth. Vandana Shiva: From physicist to activist A public lecture and press conference by Vandana Shiva and meeting with young farmers, NGOs and activists (2013) Before Vandana Shiva became a world-renowned social activist, she studied physics in India and Canada. As early as the 1970s, she became involved in the first Indian...
Decided To Allow Women In National Defence Academy, Centre to Supreme Court 
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Decided To Allow Women In National Defence Academy, Centre to Supreme Court 

लड़कियों में छाई खुशी: केंद्र की सुप्रीम कोर्ट को स्वीकृति के बाद बहादुर बेटियों के एनडीए में जाने के सच हुए 'सपने' Decided To Allow Women In National Defence Academy, Centre to Supreme Court  आज देश की उन बहादुर बेटियों के लिए बहुत ही गर्व का दिन है, जो कई वर्षों से एनडीए में शामिल होने के लिए संघर्ष कर रहीं थी। हालांकि 'पिछले महीने अगस्त की 18 तारीख को सुप्रीम कोर्ट ने लड़कियों के लिए एनडीए और नेवल एकेडमी में जाने के लिए फैसला सुनाया था और केंद्र सरकार से सीधा पूछा था आप इसे कब स्वीकृति दे रहे हैं आखिरकार बुधवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को अपनी स्वीकृत देते हुए बताया कि नेशनल डिफेंस एकेडमी में लड़कियों को हम प्रवेश देने के लिए तैयार हैं'। जिसके बाद देश भर में उन लड़कियों में खुशी दौड़ गई जो सेना में शामिल होने के लिए 'सपने संजोए' हुए हैं। बता दें कि केंद्र सरकार की तरफ से ...