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बाबा केदारनाथ धाम के कपाट भी खोले गए, सीएम धामी और हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद
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बाबा केदारनाथ धाम के कपाट भी खोले गए, सीएम धामी और हजारों श्रद्धालु रहे मौजूद

With full rituals, portals of Kedarnath temple opened JOIN OUR WHATSAPP GROUP अक्षय तृतीया पर मंगलवार को गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट पूरे विधि विधान के साथ श्रद्धालुओं के लिए खोले गए थे। इसके साथ ही चार धाम की यात्रा भी शुरू हो गई थी। आज बाबा केदारनाथ धाम के कपाट भी 6 महीने बाद पूरे विधि विधान के साथ खोले गए। शुक्रवार सुबह 6:25 पर वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मंदिर के दरवाजे खुले। https://youtu.be/OyX43LP1U5c With full rituals, portals of Kedarnath temple opened जिसके बाद रावल (मुख्य पुजारी) ने बाबा की डोली लेकर मंदिर में प्रवेश किया। इस मौके पर 10 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। केदारनाथ धाम के आसपास आज मौसम भी बहुत खराब है। भारी ठंड के बीच श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचे हुए हैं। बता दें कि गंगोत्री धाम के कपाट खुलने ...
Akshay Tritiya 2022: धार्मिक-मांगलिक, शुभ कार्यों और खरीदारी के साथ सुख-समृद्धि का प्रतीक है यह पर्व
DW Editorial

Akshay Tritiya 2022: धार्मिक-मांगलिक, शुभ कार्यों और खरीदारी के साथ सुख-समृद्धि का प्रतीक है यह पर्व

Akshay Tritiya 2022 JOIN OUR WHATSAPP GROUP कल एक ऐसा पर्व है जिसके नाम के आगे ही अक्षय है। अक्षय का अर्थ अनंत, विनाश का अभाव, जो सदा बना रहने वाला, सदा एक जैसा रहने वाला, जिसका क्षय या विघटन न हो, अविनाशी, क्षयरहित, आदि को हिंदी में 'अक्षय' कहते हैं। मंगलवार (3 मई) को देश में 'अक्षय तृतीया' का पर्व मनाया जाएगा। भारतीय ज्योतिष शास्त्र, सनातन धर्म का सबसे अहम और शुभ दिन इसे माना जाता है। इसी दिन परशुराम जयंती भी है सनातन धर्म के अनुसार इस तिथि को शुभ कार्यों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि इस दिन किए कार्यो का क्षय नहीं होता।अक्षय तृतीया अपने आप में स्वयं सिद्ध मुहूर्त है कोई भी शुभ कार्य का प्रारंभ किया जा सकता है। यह वैशाख शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाता है। हिंदू धर्म की मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया सर्वाधिक सर्व सिद्धि योग वाली तिथि है। इस दिन किए जा...
Mahashivratri 2022 Shubh Yog: महाशिवरात्रि आज, जानें कैसे करें भोलेनाथ की पूजा
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Mahashivratri 2022 Shubh Yog: महाशिवरात्रि आज, जानें कैसे करें भोलेनाथ की पूजा

Mahashivratri 2022 Shubh Yog JOIN OUR WHATSAPP GROUP देश भर में आज महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार, महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस दिन भगवान शंकर की पूरे विधि विधान से पूजा अर्चना की जाती है। मान्यता है कि इस दिन महादेव का व्रत रखने से सौभाग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। महाशिवरात्रि के दिन महादेव के लिंग स्वरूप का पूजन किया जाता है। यह भगवान शिव का प्रतीक है। शिव का अर्थ है- कल्याणकारी और लिंग का अर्थ है सृजन। पौराणिक कथा: Maha Shivaratri भगवान शंकर के अनेकों नाम हैं, भक्त अपने महादेव को नीलकंठ, शिव, शंकर, महादेव, भोलेनाथ जैसे कई नामों से याद करते हैं। पौराणिक ग्रंथों के अनुसार भगवान शंकर ने ही धरती पर सबसे पहले जीवन के प्रचार-प्रसार का प्रयास किया था, इसीलिए भगवान शिव को ...
If I could go anywhere: India’s Varanasi — a sacred site on a river of rituals and altered states
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If I could go anywhere: India’s Varanasi — a sacred site on a river of rituals and altered states

Cherine Fahd, University of Technology Sydney In this series we pay tribute to the art we wish could visit — and hope to see once travel restrictions are lifted. Varanasi, or Banaras as the locals call it, is one of India’s most sacred cities. Located in the province of Uttar Pradesh in northern India, it is an important place of pilgrimage for Hindus. Buddhists and spiritual seekers from around the globe are also drawn to its waters. For yogis there is a transformative promise of gurus and ashrams. For Buddhists there is Sarnath, the town where Buddha is believed to have given his first teaching after receiving enlightenment. There is also bhang lassi, a yogurt drink laced with cannabis for psychedelic effect. Author Geoff Dyer hilariously rendered Varanasi in his semi...
Dev Uthani Ekadashi 2021: देवउठनी एकादशी आज, चार महीने से सोए देव जागे, शुरू हुए मांगलिक कार्य
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Dev Uthani Ekadashi 2021: देवउठनी एकादशी आज, चार महीने से सोए देव जागे, शुरू हुए मांगलिक कार्य

देव उठनी एकादशी आज है। महिलाओं ने सूप पीट दिया है। 4 महीने से सोए देव जाग गए हैं। इसी के साथ मांगलिक शुभ कार्यों की शुरुआत हो चुकी है। अब आने वाले 5 महीनों में बैंड, बाजा-बारात (शहनाई) गूंजेगी। बता दें कि देवउठनी एकादशी कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को मनाई जाती है। इसे हरिप्रबोधिनी एकादशी या देवोत्थान एकादशी भी कहते हैं। देवोत्थान एकादशी दीपावली के बाद आती है। इसी दिन भगवान शिव की प्राचीन नगरी वाराणसी में देव दिवाली भी मनाई जाती है। दीपावली के बाद लोग देव जागने की तैयारी भी करने लगते हैं। ‌माना जाता है कि भगवान विष्णु आषाढ़ शुक्ल एकादशी को चार माह के लिए सो जाते हैं और कार्तिक शुक्ल की एकादशी को निद्रा से जागते हैं। देव उठनी एकादशी के दिन से चतुर्मास का अंत होता है जिसमें श्रावण, भाद्रपद, आश्विन और कार्तिक माह शामिल हैं। मान्यता अनुसार इन चतुर्मास के दौरान भगवान विष्णु योग निद्...
अद्भुत छटा बिखेरने के लिए तैयार अयोध्या, 9 लाख दियों की ज्योति से बनेगा विश्व रिकॉर्ड
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अद्भुत छटा बिखेरने के लिए तैयार अयोध्या, 9 लाख दियों की ज्योति से बनेगा विश्व रिकॉर्ड

Deepotsav at Ayodhya set to be grandest भगवान प्रभु श्रीराम की नगरी अयोध्या में आज रात अलग है। एक ऐसी रात जो दीपावली के उत्सव के साथ करोड़ों लोगों की आस्था, विश्व रिकॉर्ड और एक संदेश भी देने के लिए व्याकुल है । ‌राम जन्मभूमि अयोध्या सुबह से ही अपनी अद्भुत छटा बिखेर रही है। समूचे शहर को 'दुल्हन' की तरह सजाया गया है। आज रात अयोध्या नगरी में 'त्रेतायुग' जैसा नजारा देखने को मिलेगा, दीप्ति, प्रकाश, चमक और झलक सेआकाश भी जगमगा उठेगा। देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु इस यादगार लम्हों के साक्षी बनने के लिए रामनगरी पहुंच चुके हैं। अयोध्या बेकरार है विश्व भर में एक और नया 'कीर्तिमान' बनाने को । देश ही नहीं बल्कि विश्व के तमाम न्यूज चैनलों के अयोध्या नगरी में हर एंगल से 'कैमरे' तन गए हैं। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई दिनों से इस दीपोत्सव कार्यक्रम के लिए स्वयं निगरानी कर रहे हैं। बता दें कि...
Ahoi Ashtami 2021: संतान की दीर्घायु और सुखमय भविष्य के लिए माताएं रखती हैं ‘अहोई अष्टमी का व्रत’
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Ahoi Ashtami 2021: संतान की दीर्घायु और सुखमय भविष्य के लिए माताएं रखती हैं ‘अहोई अष्टमी का व्रत’

हमारे देश में व्रत और त्योहारों का आना-जाना लगा रहता है। एक फेस्टिवल खत्म हुआ दूसरे की तैयारी शुरू हो जाती है। अगर इसी महीने की बात करें तो पहले नवरात्रि, विजय दशमी, (दशहरा) शरद पूर्णिमा, के बाद महिलाओं ने करवा चौथ का व्रत रखकर पति के सुख समृद्धि और लंबी आयु की कामना की। एक बार फिर से माताओं ने व्रत रखा है। ‌ आज 'अहोई अष्टमी' है। ‌इस दिन मां अपनी संतान की दीर्घायु और सुखमय भविष्य के लिए व्रत रखती हैं। कहा जाता है कि इस दिन से दिवाली की शुरुआत भी हो जाती है। हर वर्ष कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष के अष्टमी तिथि को अहोई अष्टमी का त्योहार मनाया जाता है। इस व्रत की परंपरा हमारे देश में प्राचीन काल से चली आ रही है। ‌यह व्रत करवा चौथ के 4 दिन बाद और दीपावली से 8 दिन पहले होता है। कार्तिक मास की आठवीं तिथि को पड़ने के कारण इसे ‘अहोई आठे’ भी कहा जाता है। इस दिन महिलाएं अहोई माता का व्रत रखती ह...
चंद्रमा से बरसता अमृत तो चांदनी करती उत्सव, शरद पूर्णिमा की रात खीर में आती है ‘मिठास’
DW Editorial

चंद्रमा से बरसता अमृत तो चांदनी करती उत्सव, शरद पूर्णिमा की रात खीर में आती है ‘मिठास’

Sharad Purnima 2021 आमतौर पर हम लोग दिन की बात करते हैं लेकिन आज बात करेंगे रात की। एक ऐसी रात जिसमें पर्व, उत्सव के साथ सदियों पुरानी कई धार्मिक परंपराएं भी जुड़ी हुई हैं। इस चांदनी रात का लोगों को बेसब्री से इंतजार रहता है। जी हां हम आज चर्चा करेंगे शरद पूर्णिमा की। अश्विन मास शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को शरद पूर्णिमा कहा जाता है। शरद पूर्णिमा देश भर में धूमधाम के साथ मनाई जा रही है। सुबह से ही सोशल मीडिया पर बधाई-शुभकामनाओं का संदेश देने का सिलसिला जारी है। कहीं-कहीं यह त्योहार कल यानी 20 अक्टूबर को भी मनाया जाएगा। वैसे तो पूर्णिमा पूरे साल में 12 बार आती है लेकिन शरद पूर्णिमा हिंदू धर्म में विशेष महत्व के साथ कई प्राचीन धार्मिक आस्थाओं की याद दिलाती है। 'इस रात चंद्रमा अपने पूरे यौवन पर रहता है, ज्योतिष के अनुसार चंद्रमा सोलह कलाओं से परिपूर्ण होता है'। चंद्रमा से निकलने वाली किर...
Bangladesh Religious violence: Over 65 houses of Hindu community torched
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Bangladesh Religious violence: Over 65 houses of Hindu community torched

बांग्लादेश में एक बार फिर से हिंसा, रविवार रात 65 हिंदुयों के घरों में उपद्रवियों ने लगाई आग दुर्गा पूजा के दौरान बांग्लादेश में हिंदुओं पर शुरू हुई हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। रविवार रात एक बार फिर से उपद्रवियों ने रंगपुर के पीरगंज में 65 से ज्यादा हिंदुओं के घरों में आग लगा दी है। स्थानीय संघ परिषद के अध्यक्ष के मुताबिक, कम से कम 65 हिंदुओं के घर पर हमला किया गया और उन्हें आग के हवाले कर दिया गया है। इसमें 20 घर पूरी तरह जल चुके हैं। हिंदुओं के घरों में आग लगाए जाने की वजह एक सोशल मीडिया पोस्ट को बताया जा रहा है। सामने आ रहा है कि एक शख्स ने फेसबुक पर आपत्तिजनक पोस्ट किया था। इसके बाद तनाव पैदा हो गया और उपद्रवियों ने उस शख्स के घर पर हमला बोल दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उसको तो सुरक्षा प्रदान कर दी, लेकिन उपद्रवियों ने आसपास के घरों को आग के हवाले कर दिया। ...
Bangladesh: Three people were killed as Mob vandalise Durga Puja pandals
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Bangladesh: Three people were killed as Mob vandalise Durga Puja pandals

बांग्लादेश में दुर्गा पंडालों पर कट्टरपंथियों का हमला, तीन हिंदुओं की मौत पर देश में आक्रोश पूरे देश में महानवमी पर्व धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। देशवासी नवरात्रि के आखिरी दिन मां सिद्धिदात्री की आराधना कर रहे हैं। इस बीच पड़ोसी बांग्लादेश में कट्टरपंथियों ने हिंदुओं की आस्था पर फिर चोट पहुंचाई है। घटना कल शाम की है। मुस्लिम शरारती तत्वों ने बांग्लादेश में कई दुर्गा पंडालों पर हमला बोला। अष्टमी के दिन मूर्ति विसर्जन के मौके पर कई पूजा मंडपों में तोड़फोड़ की गई। हिंदू अब पूजा मंडपों की रखवाली कर रहे हैं। आज पूरी दुनिया चुप है। मां दुर्गा अपना आशीर्वाद दुनिया के सभी हिंदुओं पर बनाए रखें। कभी माफ न करें।' दूसरी ओर बांग्लादेश पुलिस का कहना है कि दुर्गा पूजा के दौरान चांदपुर जिले में भीड़ ने हिंदू मंदिर पर हमला किया। इस दौरान हुई झड़प में गोली मारकर 3 लोगों की हत्या कर दी गई। दुर्गा ...