रविवार, जनवरी 29Digitalwomen.news

Tag: durgapuja

Chaitra Navratri 2022: कल से चैत्र नवरात्रि के साथ नव संवत्सर भी होगा शुरू, अलग-अलग नामों से मनाया जाता है यह पर्व
Latest News

Chaitra Navratri 2022: कल से चैत्र नवरात्रि के साथ नव संवत्सर भी होगा शुरू, अलग-अलग नामों से मनाया जाता है यह पर्व

Chaitra Navratri 2022 JOIN OUR WHATSAPP GROUP आज विक्रम संवत 2078 का आखिरी दिन है। एक बाद 2079 शुरू हो जाएगा। भारतीय संस्कृति और हिंदू शास्त्रों के हिसाब से कल का दिन धार्मिक दृष्टि से भी बहुत महत्वपूर्ण है। हर साल चैत्र माह के शुक्ल पक्ष से नवरात्रि की शुरुआत होती है। वहीं साथ ही हिंदू नववर्ष भी शुरू हो रहा है। हिंदू नववर्ष के पहले दिन को हिंदू संवत्सर या फिर विक्रम संवत के नाम से जाना जाता है। सोशल मीडिया पर इस बार हिंदू नव संवत्सर को लेकर 2 दिन पहले ही बधाई संदेश शुरू हो गए हैं। अलग-अलग प्रदेशों में इसे अलग तरीके से मनाया जाता है। महाराष्ट्र में गुड़ी पड़वा, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक इस दिन को उगादी, पंजाब में बैसाखी और सिंधी चेती चंडी के नाम से मनाते हैं। इस बार हिंदू नव वर्ष की शुरुआत 2 अप्रैल शनिवार से हो रही है । चैत्र नवरात्रि को लेकर देशभर के देवी मंदिरों को खूब सजाया गया ह...
Navratri 2020 Special: नवरात्रि का सातवां दिन, मां कालरात्रि की करें पूजा(नवरात्रि विशेष)
Latest News, News

Navratri 2020 Special: नवरात्रि का सातवां दिन, मां कालरात्रि की करें पूजा(नवरात्रि विशेष)

Seventh Day navratri worship maa kalratri आज नवरात्रि का सप्तम दिन हैं ।आज मां दुर्गाजी का सप्तम् स्वरूप मां कालरात्रि देवी की पूजा की जाती है। दुर्गा मां की पूजा का सातवां दिन नवरात्रि के दिनों में काफी महत्त्वपूर्ण माना जाता है। मां कालरात्रि को सदैव शुभ फल देने के कारण शुभंकरी भी कहा जाता है। कहा जाता है कि मां कालरात्रि की पूजा करने से काल का नाश होता है। मां के इस स्वरूप को वीरता और साहस का प्रतीक माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि मां कालरात्रि की कृपा से भक्त हमेशा भयमुक्त रहता है, उसे अग्नि, जल, शत्रु आदि किसी का भी भय नहीं होता। पौराणिक कथाओं में मां कालरात्रि को काली का ही रूप माना जाता है। काली मां इस कलियुग मे प्रत्यक्ष फल देने वाली हैं। काली, भैरव तथा हनुमान जी ही ऐसे देवी व देवता हैं, जो शीघ्र ही जागृत होकर भक्त को मनोवांछित फल देते हैं। काली के नाम व रूप अनेक हैं। किन्तु लो...
Navratri 2020 Special: नवरात्रि का छठा दिन, मां कात्यानी की करें पूजा ( नवरात्रि विशेष )
Latest News, News

Navratri 2020 Special: नवरात्रि का छठा दिन, मां कात्यानी की करें पूजा ( नवरात्रि विशेष )

Navratri 2020 Special Maa katyayani puja vidhi sixth day of navratra आज शारदीय नवरात्रि का छठा द‍िन है। आज मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा करते हैं। दुर्गा सप्तशती में मध्य चरित्र जिस महिषासुर का उल्लेख मिलता है उसका वध करने वाली देवी मां कात्यायनी ही हैं। इसलिए इन्हें महिषासुर मर्दनी के नाम से भी जानते हैं। देवी के इस स्‍वरूप की पूजा से कन्याओं को योग्य जीवनसाथी की प्राप्ति होती है तथा विवाह में आने वाली बाधाएं भी दूर होती हैं। माता कात्यायनी की उपासना से साधक इस लोक में स्थित रहकर भी अलौकिक तेज और प्रभाव से युक्त हो जाता है तथा उसके रोग, शोक, संताप, भय आदि सर्वथा विनष्ट हो जाते हैं। माता हर हाल में भक्तों की कामना पूरी करती है। पौराणिक कथाओं में देवी कात्यायनी के ऋषि कात्यायन बड़े भक्त थें ,इनकी तपस्या से प्रसन्न होकर माता ने इनके घर पुत्री रूप में प्रकट होने का वरदान ...
Navratri 2020 Special: नवरात्रि का पांचवां दिन, मां स्कंदमाता की करें पूजा (नवरात्रि विशेष)
Latest News

Navratri 2020 Special: नवरात्रि का पांचवां दिन, मां स्कंदमाता की करें पूजा (नवरात्रि विशेष)

Navratri 2020 Special आज नवरात्रि का पांचवां दिन है। आज के दिन मां दुर्गा के पांचवे स्वरूप मां स्कंदमाता की पूजा की जाती है। इनकी पूजा करने से व्यक्ति के लिए मोक्ष के द्वार खुल जाते हैं, साथ ही परम सुख की प्राप्ति मिलती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इनकी कृपा से मूर्ख व्यक्ति भी ज्ञानी हो जाता है। यह पहाड़ों पर रहकर सांसारिक जीवों में नवचेतना का निर्माण करने वालीं देवी हैं। स्कंद कुमार कार्तिकेय की माता के कारण भी इन्हें स्कंदमाता नाम से जाना जाता है। इनकी उपासना से भक्त की सारी इच्छाएं पूरी हो जाती हैं। भक्त को मोक्ष मिलता है। वहीं, मान्‍यता यह भी है कि इनकी पूजा करने से संतान की प्राप्‍ति होती है। इनकी 4 भुजाएं हैं। मां का आसन कमल है। यही कारण है कि इन इसी कारण इन्हें पद्मासना देवी भी कहा जाता है। इनका वाहन सिंह है।यदि सच्चे मन से मां स्कंदमाता की आराधना की जाए तो व्यक्ति सभी मनोकामनाए...