गुरूवार, जून 30Digitalwomen.news

DW Editorial

क्रेज बरकरार: 15 साल पहले एपल आईफोन का सफर हुआ था शुरू, आज भी इसे लेने के लिए लगती हैं लाइनें
DW Editorial, Latest News

क्रेज बरकरार: 15 साल पहले एपल आईफोन का सफर हुआ था शुरू, आज भी इसे लेने के लिए लगती हैं लाइनें

15 years of iPhone: Remembering Steve Jobs and incredible journey of Apple JOIN OUR WHATSAPP GROUP मौजूदा समय में दुनिया मोबाइल फोन चलाने में सबसे ज्यादा व्यस्त है। ‌ मोबाइल में आईफोन का क्रेज सबसे अधिक बना हुआ है। भारत समेत विश्व के करोड़ों युवाओं के हाथ में आईफोन मिल जाएंगे। आईफोन की अगर आज बात चली है तो एपल कंपनी को कौन भूल सकता है। एपल कंपनी के संस्थापक दिवंगत स्टीव जॉब्स के विचार करोड़ों युवाओं के हमेशा आदर्श रहेंगे। आज भले ही हमारे बीच स्टीव जॉब्स नहीं हैं लेकिन उनके आईफोन की पूरी दुनिया दीवानी है। पिछले एक दशक से जब-जब एपल आईफोन का नया वर्जन लॉन्च होता है तब अमेरिका के कई शहरों में इसे लेने के लिए रात से ही लोगों की लाइनें लग जाती है। एक दशक से एपल के आईफोन की दुनिया में सबसे अधिक डिमांड है। स्टीव जॉब्स ने आईफोन को पहली बार 29 जून 2007 को आज ही के दिन लॉन्च किया था। 15 ...
एटीएम हुआ 55 साल का: देश में तीन दशक से रुपए निकालने के लिए लोगों का हमसफर बना एटीएम, साल 1967 में हुई शुरुआत
DW Editorial, Latest News

एटीएम हुआ 55 साल का: देश में तीन दशक से रुपए निकालने के लिए लोगों का हमसफर बना एटीएम, साल 1967 में हुई शुरुआत

55 years of ATMs: A walk down the memory lane - JOIN OUR WHATSAPP GROUP आज चर्चा एटीएम की करेंगे। रुपए निकालने की एक ऐसी मशीन जो देशवासियों की जिंदगी से भी जुड़ी हुई है। आपको चौराहे पर या किसी विशेष स्थान पर एटीएम लगी हुई दिखाई पड़ जाती होगी। साल 2016 में जब मोदी सरकार ने देश में नोटबंदी की थी तब उस समय एटीएम के बाहर कई महीनों तक पैसे निकालने के लिए लोगों की लंबी-लंबी लाइनें लगी रही। नोटबंदी के दौरान अगर एटीएम नहीं होते तब देशवासियों को अपने ही पैसे निकालने में और अधिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता। देश में करीब दो दशक से रुपयों का ट्रांजैक्शन करने के लिए सबसे लोकप्रिय और अच्छा माध्यम एटीएम बना हुआ है। गांव, कस्बों से लेकर छोटे बड़े सभी शहरों में आपको एटीएम मशीनें दिखाई पड़ जाएंगी। हालांकि करीब चार-पांच सालों से गूगल पे, फोन पे, अमेजॉन, व्हाट्सएप, और पेटीएम आदि से देशवासी रुपयों क...
Today is Toothbrush Day: आज दुनिया को मिली थी ‘टूथब्रश’ की सौगात, 524 साल पहले इस देश से हुई शुरुआत
DW Editorial, Latest News, TRENDING

Today is Toothbrush Day: आज दुनिया को मिली थी ‘टूथब्रश’ की सौगात, 524 साल पहले इस देश से हुई शुरुआत

Today is Toothbrush Day JOIN OUR WHATSAPP GROUP (दांतों का साथी)--शंभू नाथ गौतमआज 26 जून, दिन संडे है। छह दिनों से जारी महाराष्ट्र संकट पर मुंबई से लेकर राजधानी दिल्ली तक सियासी माहौल गरमाया हुआ है। देश में राजनीति का उतार-चढ़ाव चलता रहता है। आज महाराष्ट्र, कल कोई दूसरा तो प्रदेश होगा जिसमें ऐसे हालात दिखाई देंगे। खैर ! यह सियासत है क्या कीजिएगा। आइए आज रविवार को आपके और हमारे नित्य जीवन से जुड़ी सेहत से संबंधित बातें कर ली जाए। देश में सवेरे उठकर भारत ही नहीं बल्कि दुनिया के करोड़ों लोग हर दिन दांतों को साफ करने के लिए 'टूथब्रश' का इस्तेमाल करते हैं। आज पूरी दुनिया में दांतों को साफ करने के लिए सबसे अच्छा टूथब्रश का तरीका ही कारगर माना जाता है। आज ही पहली बार 524 साल पहले चीन में टूथब्रश की शुरुआत हुई थी। बता दें कि 26 जून 1498 में चीनी शासक होंगझी ने टूथब्रश का पेटेंट कराया था। ...
39 Years Of World Cup Victory: 25 जून का वह मैच जब क्रिकेट जगत से भारत ने वेस्टइंडीज की बादशाहत को खत्म कर लिखा अपना नया आयाम
Cricket, DW Editorial, Latest News

39 Years Of World Cup Victory: 25 जून का वह मैच जब क्रिकेट जगत से भारत ने वेस्टइंडीज की बादशाहत को खत्म कर लिखा अपना नया आयाम

39 Years of World Cup Victory: On this day in 1983 Kapil Dev's Team lifts Maiden World Cup JOIN OUR WHATSAPP GROUP नई दिल्ल, 25 जून। क्रिकेट जगत में एक समय था जब वेस्टइंडीज टीम का राज हुआ करता था। 1975 में शुरु हुआ वर्ल्ड कप का सफर में एक ही बादशाह था वेस्टइंडीज जिसकी बादशाहत खत्म करने के लिए कपिल देव की एकादश ने हर भारतीयों को मुस्कुराने की वजह से दे दी और पूरा भारत बोल उठा चक दे इंडिया। विविय़न रिचर्ड्स और क्लाइव लॉयड जैसे खिलाड़ियों के सामने अच्छे-अच्छों की पसीने छूट जाते थे ऐसे में जब भारतीय टीम इंग्लैंड की धरती पर पहुंची तो सभी को यही उम्मीद थी कि एक विदेशी टूर करने टीम गई है और बस दो-चार दिन घूमकर वापस आ जाएगी। टूर्नामेंट के दौरान टीम इंडिया की स्थिति इतनी बुरी थी कि अगर कपील देव ने 175 रनों की पारी नहीं खेली होती तो टीम इंडिया कब का बाहर हो चुकी होती। लेकिन टीम के अंदर था...
Emergency 1975: भारतीय इतिहास की सबसे बदनुमा दाग ‘आपातकाल’ के पीछे की पूरी कहानी
DW Editorial, Latest News

Emergency 1975: भारतीय इतिहास की सबसे बदनुमा दाग ‘आपातकाल’ के पीछे की पूरी कहानी

1975: A State of Emergency was Declared in India JOIN OUR WHATSAPP GROUP नई दिल्ली, 25 जून। साल 1975, 26 जून की सुबह बाकी दिन की गर्मियों के जैसे ही थी। सब अपने काम में व्यस्त थे। तभी रेडियो पर आवाज सुनाई पड़ती है। भाइयों और बहनों राष्ट्रपति जी ने आपातकाल की घोषणा की है, इससे आतंकित होने का कोई कारण नहीं है। आवाज तत्कालिन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की थी। ऐलान में भले ही आतंकित न होने की बात कही गई थी, लेकिन 25 जून की रात जो कुछ हुआ वह किसी आतंकी से कम नहीं। तत्का्लीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कहने पर राष्ट्र पति फखरुद्दीन अली अहमद ने आपातकाल के आदेश पर हस्ताीक्षर कर दिए। नतीजा- देश के लोकतंत्र पर सबसे बदनुमा दाग। अगले 21 महीने नागरिक अधिकार छीन लिए गए, सत्तार के खिलाफ बोलना अपराध हो गया, विरोधी जेलों में ठूंस दिए गए। उन दिनों देश ने जबरन नसबंदी का भयावह दौर भी देखा। Order gi...
इमरजेंसी के 47 साल: 21 महीनों तक नागरिकों की आजादी कैद में रही, खत्म कर दिए गए थे मौलिक अधिकार
DW Editorial, Latest News, TRENDING

इमरजेंसी के 47 साल: 21 महीनों तक नागरिकों की आजादी कैद में रही, खत्म कर दिए गए थे मौलिक अधिकार

47th Anniversary of 1975 Emergency in India: The Darkest Period of India Democracy JOIN OUR WHATSAPP GROUP लोकतंत्र के लिए 25 जून एक ऐसी तारीख है जो कभी भुलाई नहीं जा सकती है। आज से 47 साल पहले 25-26 जून की रात 1975 में इंदिरा सरकार ने देश में आपातकाल (इमरजेंसी) लगाई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने आपातकाल की घोषणा के साथ ही सभी नागरिकों के मौलिक अधिकार खत्म कर दिए गए थे। अभिव्यक्ति का अधिकार ही नहीं, लोगों के पास जीवन का अधिकार भी नहीं रह गया था। प्रेस सेंसरशिप, नसबंदी, दिल्ली के सौंदर्यीकरण के नाम पर जबरन झुग्गियों को उजाड़ा जाना और कई ऐसे फैसले रहे, जिसकी वजह से भारत के आपातकाल को देश का सबसे काला दिन कहा जाता है। पूरे देश में अफरा-तफरी का माहौल था। इंदिरा गांधी के आपातकाल के दौरान जुल्म और ज्यादतियों के खिलाफ आवाज उठाने वाले नेताओं से लेकर सामाजिक कार्यकर्ताओं तक को ...
महाराष्ट्र में कमल खिलने को तैयार, भाजपा के ‘ऑपरेशन लोटस’ में एकनाथ शिंदे बने नायक
DW Editorial, Latest News

महाराष्ट्र में कमल खिलने को तैयार, भाजपा के ‘ऑपरेशन लोटस’ में एकनाथ शिंदे बने नायक

Maharashtra political crisis: Can BJP repeat 'Operation Lotus' JOIN OUR WHATSAPP GROUP महाराष्ट्र की सियासत में अब उद्धव सरकार की उल्टी गिनती शुरू हो गई है । शिवसेना के वरिष्ठ नेता और उद्धव सरकार में दिग्गज मंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र की सियासत में उलटफेर करके रख दिया है। पूरी कहानी एकनाथ शिंदे के इर्द-गिर्द घूम रही है। लेकिन इस सियासी खेल के पीछे भारतीय जनता पार्टी का 'ऑपरेशन लोटस' (ऑपरेशन कमल) एक बार फिर से चर्चा में है। ‌अचानक एकनाथ शिंदे के मजबूत तौर पर उभरने के पीछे भाजपा की ही रणनीति मानी जा रही है। शिंदे के बगावती तेवर साफ तौर पर इशारे कर रहे हैं कि वह भाजपा का साथ लिए इतना बड़ा कदम नहीं उठा सकते थे। ‌फिलहाल शिंदे मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पार्टी के तेजतर्रार नेता संजय राउत पूरी तरह से बैकफुट पर है। शिंदे गुट लगातार मजबूत होता जा रहा है। अब एकनाथ शिंदे का दावा है कि उ...
From the archives (1985) | Air India disaster: How Air India’s ill-fated Kanishka aircraft was bombed
DW Editorial, Latest News

From the archives (1985) | Air India disaster: How Air India’s ill-fated Kanishka aircraft was bombed

37 साल पहले एयर इंडिया के कनिष्क विमान में हुए जोरदार ब्लास्ट से सहम गई थी दुनिया From the archives (1985) | Air India disaster: How Air India’s ill-fated Kanishka aircraft was bombed JOIN OUR WHATSAPP GROUP 23 जून 1985 को एयर इंडिया के कनिष्क विमान में हुए ब्लास्ट से भारत समेत पूरी दुनिया दहशत में आ गई थी। 80 के दशक में पंजाब में खालिस्तान अलग राज्य बनाने की मांग को लेकर उग्रवाद चरम पर था। पंजाब जल रहा था । चारों तरफ सड़कों पर अफरा-तफरी का माहौल से लोगों का रात में निकलना भी मुश्किल हो गया था। इस विमान में ब्लास्ट की वजह पंजाब कनेक्शन भी सामने आया था। ‌1985 में आज के ही दिन एयर इंडिया के विमान 'कनिष्क' में ब्लास्ट हुआ था। ये विमान टोरंटो से मुंबई आ रहा था। इसे रास्ते में लंदन और दिल्ली में रुकना था। लंदन पहुंचने से 45 मिनट पहले अटलांटिक सागर के ऊपर विमान में जोरदार धमाका हुआ। ...
जानें कौन हैं एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू, क्या यशवंत सिन्हा के सामने भारी पड़ रहा मुर्मू का पलड़ा??<br>समझे राजनीति समीकरण
Breaking News, DW Editorial, Jharkhand, Latest News, Other States, States, TRENDING

जानें कौन हैं एनडीए की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू, क्या यशवंत सिन्हा के सामने भारी पड़ रहा मुर्मू का पलड़ा??
समझे राजनीति समीकरण

Who is Draupadi Murmu? BJP-led NDA's presidential candidate JOIN OUR WHATSAPP GROUP देश के प्रथम नागरिक यानी राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए भाजपा की ओर से द्रौपदी मुर्मू का नाम सामने आना एक बड़ी बात है। ऐसा पहली बार होगा जब एक आदिवासी और साथ साथ एक महिला का का नाम राष्ट्रपति के उम्मीदवार के लिए सामने आया हो।माना जा रहा है कि द्रौपदी मुर्मू का चेहरा सामने लाना भाजपा का मास्टर स्टॉक भी हो सकता है जिससे बीजू जनता दल का समर्थन भी जीत सके। कौन हैं द्रौपदी मुर्मू: BJP-led NDA's presidential candidate Draupadi Murmi with PM Modi (File Photo) ओडिशा के बेहद पिछड़े और संथाल बिरादरी से जुड़ी 64 वर्षीय द्रौपदी के जीवन का सफर संघर्षों से भरा रहा है।राजग की राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र की आंतरिक मजबूती की खूबसूरत और अद्भुत कहानी हैं। पार्षद के ...
योग में रंगा देश: देशवासियों ने लिया संकल्प, अच्छी सेहत और मन की शांति के लिए हर रोज करेंगे योग
DW Editorial, Latest News, States, TRENDING, Uttar Pradesh, Uttarakhand

योग में रंगा देश: देशवासियों ने लिया संकल्प, अच्छी सेहत और मन की शांति के लिए हर रोज करेंगे योग

International Yoga Day 2022: Yoga For Better Mental Health JOIN OUR WHATSAPP GROUP आज की सुबह कुछ खास रही। आम और खास सभी बुलंद इरादों के साथ योग के रंग में रंगे नजर आए। घरों, मैदानों और पार्कों में लाखों-करोड़ों लोगों ने योग किया। ‌इस दौरान जिन्होंने लोगों को योगाभ्यास करते हुए देखा उनसे भी रहा नहीं गया, उन्होंने भी व्यायाम करना शुरू कर दिया। कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक जैसे पूरा देश एक सूत्र में बंध गया हो। देश में इस बार ऐसा माहौल दिखाई दिया जैसे लोगों ने दृढ़ संकल्प ले लिया हो कि अच्छी सेहत के लिए 'योग को मित्र बनाएंगे' । भारत के साथ दुनिया के तमाम देशों में आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाया जा रहा है। हर साल 21 जून को यह दिवस मनाया जाता है। आज आठवां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस है। इस बार योग दिवस की थीम ‘मानवता के लिए योग' रखी गई है। इस साल योग दिवस की थीम दुनिया पर कोरोना के असर क...