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नए संसद भवन उद्घाटन समारोह का विपक्षी दलों ने किया बायकॉट, संसद भवन में स्थापित किया जाएगा सेंगोल

The historic installation of the sacred Sengol in the new Parliament on May 28
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देश के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी 28 मई को नए संसद भवन का उद्घाटन करेंगे जिसको लेकर चर्चाएं बनी हुई है सभी विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे पर केंद्र सरकार का विरोध कर रही है और कांग्रेस सहित सभी 19 विपक्षी दलों ने नये संसद भवन के उद्घाटन समारोह का बायकॉट करने का फैसला किया है।

संसद भवन में स्थापित किया जाएगा सेंगोल:
देश के गृहमंत्री अमितशाह ने एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कहा कि आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है ऐसे में एक ऐतिहासिक घटना का उल्लेख करते हुए कहा कि सेंगोल का महत्व काफी पुराने समय से है इसे किसी संग्रहालय में रखना उचित नही है इसकी सबसे अच्छी जगह नया संसद भवन है. सेंगोल की स्थापना के लिए सबसे पवित्र जगह इस देश की संसद ही है,

सेंगोल को स्वीकारेंगे पीएम मोदी:

इस ऐतिहासिक सेंगोल को देश के प्रधानमंत्री नरेंद मोदी 28 मई को नए संसद भवन को देश को समर्पित करेंगे उसी दिन तमिलनाडु से आये अधिनम के सेंगोल को स्वीकार कर लोकसभा अध्यक्ष के आसन के पास इसे स्थापित करेंगे

भारत के इतिहास में सेंगोल का महत्व:

भारत के इतिहास में सेंगोल का खास महत्व है
देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने 14 अगस्त 1947 की रात में तमिलनाडु के अधिनान के जरिये सेंगोल को स्वीकार किया. यह अंग्रेजो से हमारे सत्ता हस्तनान्तरन का एक संकेत था। सेंगोल अर्थात राजदण्ड सत्ता हस्तांतरण का प्रतीक हैं

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