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बंगाल में सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहे ज्योति बसु की पुण्यतिथि आज, प्रधानमंत्री बनने की इच्छा राह गई थी अधूरी

Remembering Jyoti Basu- The longest serving CM Of West Bengal whose desire to become PM remains unfulfilled
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पश्चिम बंगाल के कम्युनिस्ट नेता और सबसे लंबे समय तक सत्ता पर राज करने वाले ज्योति बसु की आज पुण्यतिथि है। ‌वे 23 साल तक साल 1970 से 2000 तक पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री रहे। पश्चिम बंगाल में बतौर मुख्‍यमंत्री काम करने वाले बसु के बारे में कभी ये कहा जाता था कि वे भारत के प्रधानमंत्री बन सकते थे। बसु का जन्म पूर्वी बंगाल (यानी अब का बांग्लादेश) में 8 जुलाई 1914 को हुआ। उन्होंने कलकत्ता के कैथोलिक स्कूल से पढ़ाई की। फिर सेंट जेवियर्स कॉलेज में पढ़े। फिर वकालत की पढ़ाई करने लंदन चले गए। 1930 में उन्‍होंने कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया की सदस्यता ली। जल्‍द ही वे पार्टी में अहम पदों पर पहुंचे और फिर पश्चिम बंगाल के मुख्‍यमंत्री बने। बसु की सरकार ने राज्य में कई महत्‍वपूर्ण काम किए. ज्योति बसु की अधिकृत जीवनी लिखने वाले सुरभि बनर्जी ने अपनी किताब में इस बात का जिक्र किया है कि ज्‍योति बसु हमेशा प्रधानमंत्री बनना चाहते थे। हालांकि बसु ने खुद दो बार ये ऑफर ठुकराया था। पर 1996 में तीसरी बार उन्‍हें प्रधानमंत्री बनने का ऑफर मिला। इस बार वो प्रधानमंत्री बनने को तैयार थे। उन्‍होंने कहा था कि अगर पार्टी अनुमति देगी तो वे प्रधानमंत्री बनेंगे। लेकिन उन्‍हें धक्‍का तब लगा जब पार्टी ने उन्‍हें इसकी इजाजत नहीं दी। दरअसल केंद्र में किसी एक पार्टी को बहुमत नहीं मिला था और मिली-जुली सरकार बननी थी। पर बसु की पार्टी में इसके लिए एकमत नहीं बन सका। साल 200 में ज्योति दा ने सेहत की वह से 2000 में बंगाल के मुख्यमंत्री पद को छोड़ दिया और उनकी जगह बुद्धदेव भट्टाचार्य मुख्यमंत्री बने। इसके बाद धीरे धीरे ज्योति बासु राजनैतिक रूप से उतनी सक्रियता कम होने लगी। यहां तक कि साल 2006 में उन्होंने राजनीति से संन्यास लेने की इच्छा जाहिर की। संन्यास की इच्छा जताने पर 2008 में होने वाली पार्टी की 19वीं कांग्रेस तक उन्हें रुकने को कहा गया और 2008 में वे पार्टी की कंद्रीय समिति के साथ ही पोलित ब्यूरो के आमंत्रित सदस्य भी बने रहे। एक जनवरी 2010 को ज्योति दा की तबयियत ज्यादा खराब हो गई और निमोनिया की वजह से उन्हें कोलकाता के एएमआरआई अस्पताल में भर्ती कराया गया जिसक बाद 17 जनवरी 2010 को उनका निधन हो गया।

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