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Pravasi Bharatiya Divas 2023: महात्मा गांधी के स्वदेश लौटने पर मनाया जाता है यह दिवस, पूर्व पीएम अटलजी ने की थी शुरुआत

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देशवासियों के लिए आज खास दिन है। भारतीय मूल के जो लोग विदेशों में रहते हैं उनके लिए हर साल 9 जनवरी की तारीख याद दिलाती है भारत की माटी से जुड़ने के लिए। हालांकि भारतवंशी दुनिया के किसी भी कोने में क्यों न रहे वह अपने देश को भूल नहीं पाते हैं। बता दें कि हर साल 9 जनवरी को प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जाता है। ‌ भारत के सबसे स्वच्छ शहर में शुमार मध्यप्रदेश के इंदौर में इस बार 17वां प्रवासी भारतीय दिवस मनाया जा रहा है। रविवार को इसका औपचारिक आगाज हो चुका है। बता दें कि तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने वर्ष 2002 में इसे मनाने की घोषणा की थी। प्रवासी भारतीय दिवस का इंदौर में आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुभारंभ कर रहे हैं। ‌राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मंगलवार को इसका समापन करेंगी। राष्ट्रपति समापन सत्र में प्रवासी भारतीयों को सम्मानित भी करेंगी। इस मौके पर भारत मूल के हजारों लोग जो विदेशों में रह रहे हैं इंदौर आए हुए हैं। ‌ यूएन इंटरनेशनल माइग्रेशन रिपोर्ट 2020 के मुताबिक, भारत के 18 मिलियन (एक करोड़ 80 लाख) लोग विदेश में रहते हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि भारत के प्रवासियों की संख्या दुनिया में सबसे ज्यादा है, जो अलग-अलग देशों में है। प्रवासी भारतीय दिवस के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए कहा कि वह प्रवासी भारतीय दिवस मनाने के लिए 9 जनवरी को इंदौर जाने का इंतजार कर रहे हैं। यह प्रवासी भारतीयों के साथ जुड़ाव को गहरा करने का एक शानदार अवसर है, जिन्होंने खुद को विश्व स्तर पर प्रतिष्ठित किया है। बता दें कि प्रवासी भारतीय दिवस राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के दक्षिण अफ्रीका से भारत लौटने की याद में मनाया जाता है। ‌ 9 जनवरी 1915 में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी अपनी पत्नी कस्तूरबा गांधी के साथ साउथ अफ्रीका से भारत लौटे थे। बंबई (अब मुंबई) के अपोलो बंदरगाह पर गांधी जी और कस्तूरबा पहुंचे तो वहां मौजूद हजारों कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने गर्मजोशी से उनका स्वागत किया। महात्मा गांधी की दक्षिण अफ्रीका से भारत वापसी की याद में हर साल 9 जनवरी का दिन प्रवासी भारतीय दिवस के रूप में मनाया जाता है। भारत के विकास में प्रवासी भारतीयों के योगदान को सम्मानित करने के लिए यह दिवस मनाया जाता है। गांधीजी 24 साल की उम्र में एक केस लड़ने के लिए 1893 में साउथ अफ्रीका गए थे। वह 21 साल तक अफ्रीकी देश में रहे। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने इंदौर में 17वें प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन में भारत को दुनिया से जोड़ने के लिए भारत के युवाओं की सराहना की। उन्होंने कहा युवा पीढ़ी भारत को दुनिया से जोड़ने में सबसे आगे है। हमारा प्रयास प्रवासी भारतीयों के लिए अपने समर्थन को ज्यादा से ज्यादा करना है। उन्होंने विश्वास जताया कि देश और विदेश में भारतीय युवा विकास को अधिक ऊंचाइयों तक ले जाएंगे। विदेश मंत्रालय की तरफ से जारी एक प्रेस नोट के अनुसार, इस साल पीबीडी सम्मेलन में पांच सेशन शामिल हैं, जिनमें से हर एक में पैनल चर्चा की जाएगी। अमृत काल में भारत की प्रगति के विश्वसनीय भागीदार’ की थीम के तहत हो रहे तीन दिवसीय सम्मेलन में 70 देशों से 3500 से अधिक सदस्य हिस्सा ले रहे हैं।

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