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Brazilian legendary Footballer Pele has passed away at 82

नहीं रहें सर्व कालीन फुटबॉल के दिग्गज खिलाड़ी पेले, 82 वर्ष की उम्र में निधन

Brazilian legendary Footballer Pele has passed away at 82
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विश्व के महान फुटबॉलरों में से एक ब्राजील के दिग्गज पेले का 82 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन की खबर की पुष्टि उनकी बेटी ने गुरुवार देर रात इंस्टाग्राम पर की। कोलन कैंसर से जूझ रहे ब्राजील के पूर्व फुटबॉलर ने कीमोथेरेपी ट्रीटमेंट का जवाब देना बंद कर दिया था। उन्हें इस महीने की शुरुआत में अपने कैंसर के उपचार का पुनर्मूल्यांकन करने के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था और बाद में पता चला कि उन्हें रेस्पिरेटरी इन्फेक्शन भी है। पेले के निधन से पूरी दुनिया में शोक की लहर है।

ब्राजील को तीन बार बनाया था वर्ल्ड चैंपियन
फुटबॉल जैसे महान शब्द की शुरुआत पेले से ही हुई थी। ब्राजील के एक छोटे से इलाके से आए पेले ने दुनिया भी में फुटबॉल की परिभाषा ही बदल कर रख दी थी। पेले ने ब्राजील को तीन बार विश्व चैंपियन बनाया। 1958, 1962 और 1970 में उनके रहते ब्राजील ने विश्व कप जीता। और अब तक उनसे ज्यादा बार वर्ल्ड कप किसी ने नहीं जीता। उन्होंने कुल चार वर्ल्ड कप खेले, जिसमें से तीन जीते।

सफर:

पेले ने 1958 में अपना पहला वर्ल्ड कप जीता था।

उन्होंने 17 वर्ष और 239 दिन की उम्र में 1958 वर्ल्ड कप में वेल्स के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मैच में वर्ल्ड कप का अपना पहला गोल दागा था।

इस तरह वह इस टूर्नामेंट में गोल दागने वाले सबसे कम उम्र के फुटबॉलर बन गए थे। उन्होंने 17 साल और 244 दिन की उम्र में 1958 वर्ल्ड कप के सेमीफइनल में फ्रांस के खिलाफ हैट्रिक गोल भी दागे।
इसके साथ ही पेले हैट्रिक लगाने वाले सबसे युवा खिलाड़ी भी बन गए।

पेले ने फाइनल में भी गोल दागा था और अपनी टीम को विश्व विजेता बनाया था।
पेले 18 साल की उम्र से पहले फीफा वर्ल्ड कप में गोल दागने वाले दुनिया के इकलौते खिलाड़ी हैं।
तीन बार विश्व फुटबॉल कप के विजेता पेले ने 1958 फीफा वर्ल्ड कप में सूडान के खिलाफ विश्व कप फाइनल में दो गोल दागे थे।

पेले ने प्रोफेशनल करियर में कुल 1363 मैच खेले और 1281 गोल दागे।
पेले के नाम दो साल 100 से ज्यादा गोल दागने का भी रिकॉर्ड है। उन्होंने 1959 में 127 और 1961 में 110 गोल दागे थे।
विश्व में वह ऐसा करने वाले पहले और इकलौते खिलाड़ी हैं। जाम्बिया के फुटबॉलर गॉडफ्रे चितालू ने जरूर 1972 में क्लब और देश के लिए 107 गोल दागे थे, लेकिन पेले की तरह दो साल तक 100+ गोल का आंकड़ा नहीं छू सके।
पेले ने 1971 में अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल से संन्यास ले लिया था।

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