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गैंगरेप के 11 आरोपियों को रिहा करने पर बिलकिस बानो ने सुप्रीम कोर्ट का खटखटाया दरवाजा, दायर की पुनर्विचार याचिका

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गुजरात दंगों के पीड़िता बिलकिस बानो आज एक बार फिर से सर्वोच्च अदालत पहुंची। ‌बिलकिस बानो ने सुप्रीम कोर्ट से इसी साल 15 अगस्त को रिहा किए गए 11 दोषियों के खिलाफ उन्हें जेल भेजने की मांग की। ‌ बानो ने कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दायर की है। ‌बिलकिस ने 13 मई को आए कोर्ट के आदेश पर दोबारा विचार की मांग की है। इसी आदेश के आधार पर बिलकिस से सामूहिक बलात्कार और उसके परिवार के सदस्यों की हत्या के दोषी रिहा हुए थे। मामला आज चीफ जस्टिस के सामने रखा गया। उन्होंने इस पर विचार कर उचित बेंच के सामने लगाने का आश्वासन दिया।‌‌ बिलकिस बानो की तरफ से दाखिल पुनर्विचार याचिका में कहा गया है कि जब मुकदमा महाराष्ट्र में चला, तो नियम भी वहां के लागू होने चाहिए, गुजरात के नहीं। बता दें कि 2002 के गुजरात दंगों के दौरान दाहोद जिले के रंधिकपुर गांव की बिलकिस अपने परिवार के 16 सदस्यों के साथ भाग कर पास के गांव छापरवाड के खेतों में छिप गई। 3 मार्च 2002 को वहां 20 से अधिक दंगाइयों ने हमला बोल दिया। 5 महीने की गर्भवती बिलकिस समेत कुछ और महिलाओं का बलात्कार किया गया। इतना ही नहीं बिलकिस की 3 साल की बेटी समेत 7 लोगों की हत्या कर दी। गैंगरेप के आरोपियों को 2004 में गिरफ्तार किया गया था। जनवरी 2008 में सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने 11 दोषियों को उम्रकैद की सजा दी थी। बॉम्बे हाईकोर्ट ने आरोपियों की सजा को बरकरार रखा था। आरोपियों को पहले मुंबई की आर्थर रोड जेल और इसके बाद नासिक जेल में रखा गया था। करीब 9 साल बाद सभी को गोधरा की सब जेल में भेज दिया था। इस केस के सभी 11 दोषी 15 अगस्त को आजादी के अमृत महोत्सव के तहत रिहा कर दिए गए थे।

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