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हरियाण के आदमपुर उपचुनाव हारने के बाद क्या केजरीवाल के सपनों को बड़ा झटका लगा है?

Adampur bypoll: Setback for Kejriwal’s Haryana dreams
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हरियाणा के आदमपुर विधानसभा में उपचुनाव हुआ। चुनाव भाजपा के प्रत्याशी हरियाणा के दिवंगत मुख्यमंत्री भजन लाल के पोते और भाजपा उम्मीदवार भव्य बिश्नोई ने जीत हासिल की। उन्हें कुल 67,492 वोट मिले जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के जय प्रकाश – जिन्हें आमतौर पर जेपी के रूप में जाना जाता है, को 51,752 वोट मिले। इनेलो के कुर्दा राम नंबरदार को 5,248 (3.99 फीसदी) वोट मिले, जबकि आप के सतेंद्र सिंह को सिर्फ 3,420 (2.6 फीसदी) वोट मिले।

आम आदमी पार्टी हार जरुर चुकी है लेकिन इस हार से ज्यादा तकलीफ केजरीवाल को उनकी उम्मीद दे रही है। ऐसा इसलिए क्योंकि उपचुनाव को प्रचार के दौरान केजरीवाल ने कहा था कि यह सिर्फ 2024 विधानसभा का चुनाव है इसलिए अपने लाल यानि बेटे को जीताइए और फिर अगले विधानसभा में हम हरियाणा की सूरत बदलेंगे। एक तरह से इस उपचुनाव को 2024 विधानसभा चुनाव के नजरीय से देखा जा रहा था पर रिजल्ट केजरीवाल के पक्ष में नहीं गीर पाया।

पंजाब के नतीजों से उत्साहित पार्टी ने हरियाणा में भी निकाय चुनाव लड़ा था. हालांकि परिणाम उत्साहजनक नहीं थे, लेकिन पार्टी एक छोटी सी नगर पालिका में अध्यक्ष का पद जीतने में सफल रही थी। जिसके बाद से ही केजरीवाल को उम्मीद की किरण दिखी थी और उन्होंने जोर शोर से इस पर प्रचार करने और जीतने का मूड बना लिया था। हालांकि इस पूरे मामले में आम आदमी पार्टी के स्थानीय नेताओं का कहना है कि शीर्ष नेतृत्व गुजरात और हिमाचल में विधानसभा चुनाव के कारण आदमपुर में समय नहीं दे पाई जिसके कारण हम चुनाव हार गए।

अगर मैं हरियाणा नहीं बदलता तो मुझे हरियाणा से निकाल दो. मैं फिर से हरियाणा नहीं लौटूंगा। केजरीवाल की यह लाइन आज सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रही है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि अरविंद केजरीवाल हीसार के बगल में ही भिवानी के रहने वाले हैं और अगर वे अपने स्थानीय विधानसभा को बचाने में कामयाब नहीं पाए तो फिर हरियाणा विधानसभा चुनाव को जीतने की उम्मीद करना जल्दबाजी है।

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