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दिल्ली भाजपा की आंतरिक बैठक में आगामी निगम चुनाव के लिए आखिर किन बिंदुओं पर हुई चर्चा

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दिल्ली में आगामी निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मुद्दे खंगाले भी जा रहे हैं और जोर शोर से वायदें भी किये जा रहे हैं। चुनाव की तारीख हालांकि अभी तय होना बाकी है लेकिन जैसी खबरें आ रही है उसके अनुसार दिसम्बर के पहले सप्ताह में चुनाव होने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। बताया तो यह भी जा रहा है कि शायद गुजरात का विधानसभा और दिल्ली में निगम चुनाव एक साथ ही हो। लेकिन फिलहाल निगम चुनाव को लेकर किसी भी प्रकार की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है। लेकिन बैठकों का दौर शुरू हो चुका है।

केदारनाथ साहनी हॉल सीविक सेंटर में भाजपा की आंतरिक बैठक में प्रदेश का शीर्ष नेतृत्व शामिल हुआ जिसमें कई मुद्दों, मामलों, काम और विकास को लेकर भी बातचीत हुई। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत जय पांडा जो कि दिल्ली प्रदेश के प्रभारी भी हैं, ने केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों को जनता तक पहुँचाने की बात कही तो वही दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने लोगों को केजरीवाल सरकार के हर विभाग में किये गए भ्रष्टाचार को जन जन तक पहुंचाने की हामी भरी।

लेकिन फिलहाल भाजपा आम आदमी पार्टी को हल्के लेने की गलती नहीं करने वाली। तीन बार से जरूर भाजपा निगम में है और शायद यही समय है जब उससे निगम में किये गए कार्यों का हिसाब लिया जाएगा। निगम के पास कई जिम्मेदारियां होती है, लेकिन साथ ही निगम के पास सबसे पहली जिम्मेदारी दिल्ली को साफ बनाने का है और उसी मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी ने मोर्चा खोल दिया है और इस बात को भाजपा के नेता बेहतर तरीके से समझते हैं। तीन कूड़े के पहाड़ जिनको हटाने के लिए सिर्फ वायदा ही किया गया लेकिन आज भी उसकी स्थिति वैसी ही बनी हुई है।

भाजपा इस पूरे मसले पर कहती रही है कि केजरीवाल सरकार ने फंड रोककर रखा हुआ है जबकि अन्य कार्य हो रहे हैं और केजरीवाल सरकार का कहना है कि पिछले 15 सालों में 2 लाख करोड़ रुपये भाजपा खा गई जिसका हिसाब लेने का समय आ चुका है। दिल्ली में भाजपा की स्थिति मजबूत नहीं होने के कई कारण पिछले कुछ दिनों से निकलकर सामने आया। पहला कि जब से मीडिया प्रमुख नवीन कुमार जिंदल को पार्टी ने बर्खास्त किया है तब से उनकी जगह किसी ने नहीं लिया या दूसरे शब्दों में कहें तो किसी को मीडिया प्रमुख नहीं बनाया गया।

हरीश खुराना जो कि दिल्ली के पूर्व सीएम स्व मदन लाल खुराना के बेटे हैं, वे फिलहाल प्रदेश भाजपा मीडिया रिलेशन विभाग के प्रभारी हैं जबकि उनका नाम कई बार लेते वक्त अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने मीडिया प्रमुख भी बोला है। इसके साथ ही एक और नाम हरिहर रघुवंशी जिनका अधिकारिक रूप से मीडिया इनवाइट से लेकर हर जगह नम्बर जाता है लेकिन आधिकारिक तौर पर उन्हें भी अभी तक सह प्रमुख की ही उपाधि दी गई है।

ऐसे में कई नेता पदों के लिए कुर्सी की लालच में आंतरिक कलह से ही नहीं निपट रहे है। ऐसे कई बार देखा भी गया है जब आपस में मनमुटाव हुआ हो। अभी परिस्थितियों को देखकर समझने की जरूरत है ना कि आपसी मनमुटाव करना है। इन सब के अलावा भाजपा के लिये कई मुश्किल राहे हैं। एक तो प्रमुख चेहरे की कमी तो वही दूसरी ओर भाजपा का लक्ष्यविहीन होना।

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