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भारत के आखिरी गांव माणा पहुंचे पीएम मोदी ने पुरानी यादें की साझा, उत्तराखंड से फिर जोड़ा अपना नाता

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज पहले बाबा केदारनाथ फिर बाबा बदरीनाथ धाम में पहुंचकर पूजा-अर्चना की। ‌ पीएम मोदी ने आज एक बार फिर उत्तराखंड से अपना पुराना लगाव भी बताया। उन्‍होंंने केदारनाथ, बदरीनाथ व माणा में 3400 करोड़ की योजनाओं का शिलान्यास किया। इनमें केदारनाथ व हेमकुंड साहिब रोपवे और चीन सीमा से लगे माणा क्षेत्र में दो राजमार्गों से संबंधित योजनाएं शामिल हैं।‌‌ केदारनाथ धाम मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद पीएम मोदी बदरीनाथ धाम पहुंचे। ‌‌बदरीनाथ धाम में पूजा अर्चना के बाद भारत-चीन सीमा सटे माणा गांव पहुंचे। यहां वह सरस मेले में गए और स्‍थानीय उत्‍पादों की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने माणा गांव में जनसभा को संबोधित किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज से 25 साल पहले उत्तराखंड में बीजेपी के कार्यकर्ता के रूप में मैंने माणा में उत्तराखंड बीजेपी कार्यसमिति की बैठक बुलाई थी। तो मेरे साथी कार्यकर्ता उस समय नाराज हो गए थे। मैंने कार्यकर्ताओं से कहा कि जिस दिन उत्तराखंड बीजेपी के दिल में माणा का महत्व पक्का हो जाएगा। उस दिन उत्तराखंड की जनता के दिल में भाजपा के लिए महत्व बन जाएगा। पीएम मोदी ने कहा कि आज बाबा केदार और बदरी विशाल के दर्शन कर मेरा जीवन धन्‍य हो गया। उन्होंने कहा कि बाबा के सानिध्य में, बाबा के आदेश से पिछली बार जब आया था तो कुछ शब्द मेरे मुंह से निकले थे वो शब्द मेरे नहीं थे, लेकिन यूं ही निकल गया था कि ये दशक उत्तराखंड का दशक होगा। मुझे विश्वास है कि इन शब्दों पर बाबा का निरंतर आशीर्वाद बना रहेगा। पीएम मोदी ने आगे कहा कि मेरा सौभाग्य है, आज मैं नई परियोजनाओं के साथ फिर उसी संकल्प को दोहराने आया हूं। आज मुझे आप सभी के दर्शन का मौका मिला। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि माणा गांव भारत के अंतिम गांव के रूप में जाना जाता है, लेकिन जैसा सीएम ने कहा, अब तो मेरे लिए भी सीमा पर बसा हर गांव देश का पहला गांव हो गया है। पीएम मोदी ने आगे कहा, मैं सभी 130 करोड़ देशवासियों को हिंदुस्तान के उस गांव से बता रहा हूं जो चीन के सीमा पर रखवाली करने वाले इस गांव से बोल रहा हूं। आप किसी भी जगह जाएं। मैं देश के सभी पर्यटकों से अपील करता हूं कि वे अपने यात्रा बजट का कम से कम 5% स्थानीय उत्पादों को खरीदने पर खर्च करें। पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘जैसे मैं लोकल फॉर वोकल के लिए प्रार्थन करता हूं आज एक और प्रार्थना करता हूं आप जितना खर्च करते हैं। उसमें से कम से कम पांच फीसदी उस इलाके में जो कुछ भी स्थानीय उत्पाद है। उसको जरूर खरीदिए। आपके घर में है तो दूसरा ले जाइए, किसी को भेंट कर दीजिए। इन सारे क्षेत्रों में इतनी रोजी रोटी बढ़ जाएगी। अगर सब यात्रा, जहां जाएं वहां से 5 पर्सेंट का बजट जोड़ दीजिए। आपको संतोष होगा।


माणा गांव की मिट्टी और जनता के आशीर्वाद से ही उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है–


प्रधानमंत्री मोदी ने अंतिम गांव माणा के महत्व पर प्रकाश डाला। माणा की मिट्टी और जनता के आशीर्वाद से ही उत्तराखंड में भाजपा की सरकार है। उन्होंने कहा कि मैं राज्‍य में नई सरकार बनने के बाद सार्वजन‍िक कार्य में पहली बार आया हूं। 21वीं सदी में भारत न‍िर्माण के प्रमुख स्‍तंभ अपनी व‍िरासत पर गर्व व व‍िकास के ल‍िए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। आज उत्‍तराखंड इन द‍ोनों पर कार्य कर रहा है। परमात्‍मा ने जो काम द‍िया है वह मुझे करना होता है। यहां मुझे दो रोपवे के श‍िलान्‍यास का सौभाग्‍य म‍िला है। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी के कहे अनुसार अब तो मेरे लिए भी सीमा पर बसा देश का हर गांव देश का पहला गांव और यहां बसे लोग देश से सच्‍चे प्रहरी हैं। उन्होंने नाम न लेते हुए विपक्षि पार्टियों पर निशाना साधा। कहा कि हमारे देश को गुलामी की जंजीरों ने ऐसा जकड़ रख है कि कुछ लोगों को विकास के कार्यों पर सवाल उठाते हैं। पहले देश में अपनी संस्कृति को लेकर हीन भावना थी। लेकिन अब केदारनाथ, बदरीनाथ, हेमकुंड साहिब काशी उज्जैन अयोध्या ऐसे श्रद्धा के केंद्र अपनी भव्यता को दर्शा रहे हैं। देश में अब गुलामी की मानसिकता को खत्म करने की जरूरत है। कहा कि पहले की सरकारों ने सीमांत के लोगों के सामर्थ्य को उन्हीं के खिलाफ इस्तेमाल किया है। लेकिन आज सीमांत के लोग संतोष में हैं। अपने संबोधन के आखिर में प्रधानमंत्री ने सभी को दीपावाली की शुभकामनाएं दीं और जय बाबा केदार व बदरी विशाल के जयकारों के साथ अपना संबोधन खत्म किया । इसके बाद मोदी-मोदी के जयकारों को गूंज उठा। मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी के संबोधन के बाद प्रधानमंत्री मोदी ने मंच से बटन दबाकर माणा क्षेत्र में रोपवे परियोजना का शिलान्‍यास किया। बता दें कि पीएम मोदी आज रात बदरीनाथ धाम में ही विश्राम करेंगे।

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