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पुण्यतथि पर याद आए ग्रेट सिंगर: आवाज के जादूगर किशोर कुमार गायकी के साथ हरफनमौला कलाकार के रूप में भी जाने जाते थे

Remembering Legendary Singer Kishor Kumar and his golden voice on his death anniversary
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बॉलीवुड के महान गायक, अभिनेता और निर्माता-निर्देशक किशोर कुमार की आज पुण्यतिथि है। ‌ 35 साल पहले आज ही के दिन 13 अक्टूबर 1987 को किशोर कुमार ने दुनिया को अलविदा कह दिया था। लेकिन किशोर दा के गाने आज भी देश ही नहीं बल्कि दुनिया भर में अमर हैं। किशोर दा के गाए गाने आज भी लोग गुनगुनाते हैं। सोशल मीडिया पर अपने चहेते सिंगर किशोर कुमार की पुण्यतिथि पर हजारों प्रशंसक उन्हें याद करते हुए श्रद्धांजलि दे रहे हैं। ‌सिंगर किशोर को बॉलीवुड में हरफनमौला कलाकार के रूप में जाना जाता था। गायकी के साथ उन्होंने कई फिल्मों में भी अभिनेता के तौर पर काम किया इसके साथ उन्होंने कई फिल्में निर्देशित भी की। ‌ वह अपने जमाने के बाकी गायकों से बिल्कुल अलग थे। उनकी आवाज में जितनी विविधता थी, उतनी शायद ही किसी गायक में थी। उनका हर अंदाज जुदा था। उनकी खनकती आवाज में ही संगीत था। उनके गीतों ने उन्हें ही नहीं बल्कि कई फिल्मी हीरो को सुपरस्टार बना दिया। उनकी जिंदगी के कई ऐसे किस्‍से हैं जो लोगों को हैरान करते हैं। बॉलीवुड में सैकड़ों बेहतरीन गाने गाकर हर दिल पर राज करने वाले किशोर कुमार अपनी आवाज के साथ साथ अनोखे और बेबाक अंदाज के लिए फेमस थे।वैसे किशोर कुमार जितना अपने टैलेंट के लिए जाने जाते हैं, उनकी निजी जिंदगी के किस्से भी उतने ही ज्यादा रोचक हैं। आजकल के कलाकारों के विपरीत किशोर पहले पैसा लेकर ही काम करते थे। और अगर पैसा नहीं मिलता था तो काम अधूरा भी छोड़ देते थे। इसके अलावा उन्होंने अपने ही घर के सामने एक बोर्ड टंगवा दिया था जिस पर लिखा था ‘किशोर से सावधान’। जब मन करता था तो दही-बड़े खाने खंडवा चले आते थे। कुल मिला कर आज भी किशोर को ना सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में प्रत्येक कलाप्रेमी द्वारा खूब सम्मान दिया जाता है। आजकल के नए गायक कलाकार तो उन्हें फॉलो करने का भी प्रयास करते हैं।

4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में किशोर कुमार का जन्म हुआ था:

4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के छोटे से शहर खंडवा जिले में एक बंगाली परिवार में जन्मे किशोर कुमार के बचपन का नाम तो आभास रखा गया था। किशोर कुमार के पिता कुंजीलाल खंडवा के बहुत बड़े वकील थे। किशोर अपने सभी भाई-बहनों में सबसे छोटे थे। 15 वर्षों तक खंडवा में रहने के बाद किशोर कुमार वर्ष 1946 में अपने भैया और फिल्म अभिनेता अशोक कुमार के पास मुंबई चले गए थे। यहां बॉलीवुड ने उन्हें किशोर कुमार का नाम दिया।‌‌ वो केएल सहगल की तरह गायक बनना चाहते थे।
उन्होंने साल 1946 में फिल्म शिकारी से डेब्यू किया था। आभास गांगुली यान‍ि किशोर कुमार को म्यूजिक डायरेक्टर एसडी बर्मन ने ब्रेक दिया था। उसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर कभी नहीं देखा। 40 साल तक किशोर कुमार ने बॉलीवुड में राज किया। किशोर कुमार ने अपने करियर में सभी भाषाओं को मिलाकर 1500 से ज्यादा गाने गाए । किशोर कुमार उन सिंगर्स में से एक हैं जिन्होंने कभी संगीत की ट्रेनिंग नहीं ली थी। किशोर कुमार ने बॉलीवुड में गायकी से लेकर अदाकारी तक के सफर में ऐसा मुकाम बनाया कि अमर हो गए‌। राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, शशि कपूर,राकेश रोशन,मिथुन चक्रवर्ती जैसे दो दर्जन से ज्यादा कलाकारों को उन्होंने अपनी आवाज दी। किशोर कुमार की आवाज का जादू पाकर इन कलाकारों को एक अलग मुकाम हासिल हुआ। किशोर कुमार ने चार शादी की। ‌13 अक्टूबर 1987 को महान गए किशोर कुमार दुनिया को अलविदा कह गए। ‌ किशोर ने अपने लंबे फिल्मी सफर में ‘मेरे सपनों की रानी कब आएगी तू’, ‘मेरे सामने वाली खिड़की में’ और ‘मेरे महबूब कयामत होगी’ जैसे कई बेहतरीन गाने दिए हैं।

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