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Ram Vilas Paswan worked with 6 PMs of the country, was considered an uncrowned king of politics

पुण्यतिथि विशेष:- एक ऐसा नेता जिसने 6 पीएम के साथ काम किया और चुनाव भी जीता तो वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया

Ram Vilas Paswan worked with 6 PMs of the country, was considered an uncrowned king of politics
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रामविलास पासवान, भारतीय राजनीति के मौषम वैज्ञानिक बोले तो परिस्थितियों को बेहतर तरीके से भांपने की कला अगर किसी राजनेता मब थी तो उनमें से एक रामविलास पासवान भी थे। आज उनकी है। 74 वर्ष की उम्र में दिल्ली के अस्पताल में इलाज के दौरान हुई उनकी मृत्यु ने भारतीय राजनीति को एक बड़ा झटका दिया था। रामविलास पासवान काफी अच्छे ज्ञानी राजनेता थे जिन्हें जनता की नब्ज़ जानने और परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने की बेहतर कला पता था।

हालांकि एक दौर था जब रामविलास पासवान को उनकी शादी के लिए काफी आलोचना झेलनी पड़ी थी। रामविलास पासवान की पहली शादी साल 1960 में राजकुमारी देवी से हुई थी। लेकिन जब 1981 में लोकसभा चुनावों के दौरान पासवान ने सार्वजनिक रूप से बताया कि उन्होंने अपनी पहली पत्नी से तलाक ले लिया है तो फिर बातें शुरू हो गई। पहली पत्नी से उनकी दो बेटियां ऊषा और आशा हैं। इसके बाद वे हरियाणा की रहने वाली रीना से प्रेम विवाह किया। जिससे चिराग पासवान और एक बेटी का जन्म हुआ। हालांकि रामविलास पासवान के बारे में कहा जाता है कि वे खुद किंग नहीं बन पाए लेकिन उन्होंने कइयों को किंग बना दिया। राजनीति में आने की कहानी भी रामविलास पासवान की कोई सिंपल नहीं है।

Ram Vilas Paswan worked with 6 PMs of the country, was considered an uncrowned king of politics

डीएसपी से बने राजनेता:

बिहार के खगड़िया जिले के शहरबन्नी गांव में जन्मे रामविलास पासवान यूपीएससी की परीक्षा क्लीयर कर डीएसपी के पद पर चयनीत भी हो हुए थे. इस बात से उनके परिवार में खुशी का ठिकाना नहीं रहा था लेकिन उनके दिमाग में कुछ और ही चल रहा था. समाजवादी नेता राम सजीवन से संपर्क में आने के बाद पहली बार 1969 में रामविलास पासवान संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़े और पहली बार विधायक बने उसके बात वो राजनीति में कुछ इस कदर चमके कि लगभग हर मंत्रीमंडल में वो मंत्री पद पर रहे। एक ऐसे नेता हैं जिन्होंने छह पीएम के साथ काम किया है।

कभी रामविलास पासवान जनता दल का हिस्सा हुआ करते थे। फिर वो नीतीश कुमार के साथ जेडीयू में आए। लेकिन इस दौरान बिहार में सियासी तस्वीर बहुत तेजी से बदल रही थी और साल 2000 में रामविलास पासवान ने लोक जनशक्ति पार्टी के नाम से अपना पार्टी का गठन किया। दलितों की सियासत करने वाले पासवान ने 1981 में दलित सेना संगठन भी बनाया था। इतना ही नहीं रामविलास पासवान अपने राजनीति जीवन में लगभग हर मंत्रीमंडल में रहे हैं। रामविलास पासवान 1977 में जनता पार्टी के टिकट पर हाजीपुर से लोकसभा चुनाव लड़े और सबसे अधिक चार लाख से अधिक वोट से जीत दर्ज करने का रिकॉर्ड बनाया।

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