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Permission denied to Rajya Sabha MP Manoj K Jha to visit Pakistan

राज्यसभा सांसद मनोज झा ने मांगी पाकिस्तान जाने की अनुमति तो केंद्र सरकार ने सीधा मना कर दिया

Permission denied to Rajya Sabha MP Manoj K Jha to visit Pakistan
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राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) से राज्यसभा सांसद मनोज झा। काफी चर्चा में रहते हैं। कारण है उनका प्रखर रूप से बोलना। लेकिन इस बार चर्चा उनकी बोलने के लिए नहीं बल्कि पाकिस्तान जाने की इच्छा को लेकर हो रही है। मनोज झा ने केंद्र सरकार से पाकिस्तान यात्रा पर जाने की बात कही है जिसको केंद्र सरकार ने राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया है।

मनोज झा इसी महीने अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते लाहौर जाना चाहते थे। वहां उन्हें मानवाधिकार कार्यकर्ता आसमा जहांगीर की याद में आयोजित एक कार्यक्रम में हिस्सा लेना था। मगर केंद्र से उन्हें मंजूरी नहीं दी गई। ऐसे में उनकी प्रस्तावित पाक यात्रा रद्द हो गई है। आरजेडी सांसद ने खुद इसकी पुष्टि की है। सांसद ने कहा कि उनकी प्रस्तावित पाकिस्तान यात्रा को केंद्र सरकार ने ‘राजनीतिक स्वीकृति’ देने से इनकार कर दिया है।

23 अक्टूबर को लाहौर में आसमां जहांगीर की याद में आयोजित कार्यक्रम में उन्हें ‘लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा में राजनीतिक दलों की भूमिका’ विषय पर संबोधन के लिए जाना था। यह यात्रा उन्हें लोगों के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए लड़ाई में भारतीय राजनीतिक दलों की महान परंपरा को बताने और उससे दुनिया को रूबरू करवाने के लिए एक मंच देती है। आसमां जहांगीर पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए लड़ने वाली कार्यकर्ता थीं। साल 2018 में उनका निधन हो गया था।

चुकी किसी भी नेता को जब विदेश जाना होता है तो पहले गृह मंत्रालय से और फिर विदेश मंत्रालय से अनुमति लेनी पड़ती हैं। ऐसे में मनोज झा को पाकिस्तान यात्रा पर जाने के लिए गृह मंत्रालय से विदेशी अनुदान (नियमन) अधिनियम संबंधी मंजूरी मिल गई, लेकिन विदेश मंत्रालय ने उन्हें राजनीतिक स्वीकृति नहीं दी। इस बात की जानकारी खुद मनोज झा ने ही दिया। अब सवाल यह है कि आखिर मनोज झा को ही वहां क्यों जाना था। दरअसल मनोज झा ने एक अच्छे जानकार और लोकतांत्रिक अधिकारों के ज्ञाता के रूप में अपनी छवि बनाई हुई है। इससे उन्हें भारतीय संसद की ओर से यह बताने का अवसर मिलता कि हम जनता के लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए सड़कों पर और संसद में कैसे लड़ते हैं। झा ने कहा कि उन्होंने 20 अक्टूबर को वाघा सीमा के रास्ते पाकिस्तान जाने और 24 अक्टूबर को लौटने की योजना थी। लेकिन अब सब खत्म हो गया है।

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