शनिवार, नवम्बर 26Digitalwomen.news

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, 70 वर्ष तक के रिटायर्ड शिक्षक बनेंगे ‘शिक्षक साथी’

UP schools will have retired teachers as 'shikshak sathi'
JOIN OUR WHATSAPP GROUP

उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। अब यूपी में प्राथमिक और बेसिक स्कूलों की शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए सेवानिवृत्त यानी रिटायर्ड शिक्षकों की मदद ली जाएगी। मतलब ये कि राज्‍य सरकार ने फैसला किया है कि अगर 70 वर्ष तक के शिक्षकों का उनकी सहमति रहा तो उन्हें प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक साथी के रूप में नियुक्ति होगी। लेकिन इसके लिए जिनका नियुक्त होना है, उनकी सहमति लेना जरूरी है।

योगी सरकार रिटायर्ड शिक्षकों की नियुक्ति ‘शिक्षक साथी’ के रूप में जिला स्तर पर गठित समिति करेगी। ये शिक्षक मेंटॉर (mentor) की भूमिका निभाएंगे और शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए काम करेंगे। एक शिक्षक आजीवन शिक्षक रहता है, भले ही उसको नौकरी से अवकाश प्राप्त हो जाए. सेवानिवृत्त शिक्षकों को अब यूपी के प्राइमरी और अपर प्राइमरी स्कूलों में मेंटॉर के रूप में काम करने का मौका मिलेगा।

इस बात के लिए बेसिक एजुकेशन प्रमुख सचिव दीपक कुमार ने आदेश जारी कर दिए हैं। जारी आदेश में विस्तार से ऐसे शिक्षकों की जिम्मेदारी और नियुक्ति की शर्तों को बताया गया है। ये आदेश बेसिक शिक्षा परिषदीय स्कूलों के साथ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) पर भी लागू होगा। शिक्षक साथी की नियुक्ति में कार्यकाल एक साल के लिए तय किया गया है। हालांकि, एक साल बाद इस कॉन्ट्रैक्‍ट को बढ़ाया जा सकेगा। शिक्षकों के परफॉरमेंस के आधार पर कॉन्‍ट्रैक्‍ट रिन्‍यू होगा. शिक्षक साथी की नियुक्ति की अधिकतम आयु 70 वर्ष होगी।

योगी सरकार ने अपने इस योजना में भी फिल्टर लगाने का काम किया है। सरकार ने राज्य और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षकों को चयन में वरीयता देने की बात कही है। साथ ही इस नियुक्ति के लिए शिक्षक का परिषद के विद्यालयों में अपने सेवाकाल में सहायक टीचर या प्रिन्सिपल के रूप में 5 साल का अनुभव होना भी ज़रूरी है।

Leave a Reply

%d bloggers like this: