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स्कूल में बंद रही पांच साल की छात्रा, अब सभी स्टाफ हुए सस्पेंड

UP Class 2 student from govt school in Bulandshahr left locked inside classroom
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बुलंदशहर जिले के गुलावठी ब्लॉक के गांव सैगड़ापीर के परिषदीय संविलियन विद्यालय में अजीबोगरीब असंवेदनशील घटना हुई। जब एक छात्रा को स्कूल के कमरे में ही बन्द कर सभी टीचर अपने घर को चले गए। इस मामले में बीएसए ने कार्रवाई करते हुए कार्यवाहक प्रधानाध्यापक, तीन सहायक अध्यापिकाओं और एक अनुचर को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है। मामला तब बिगड़ा जब बच्ची का स्कूल में बंद होने का वीडियो वायरल हुआ तो बीएसए ने गुलावठी बीईओ से रिपोर्ट मांगी थी।

बीते शुक्रवार को रिपोर्ट के आधार पर बीएसए ने यह कार्रवाई की है। विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाध्यापक रेशमपाल सिंह को सस्पेंड करने के बाद डिबाई ब्लॉक के उच्च प्रावि.चिरौरी व सहायक अध्यापिका मंजूलता, रेखा रानी व सरित को भी सस्पेंड के बाद डिबाई के ऊंचागांव बांगर के उच्च प्रावि.में संबद्ध किया गया है।

अनुचर हेमलता को डिबाई बीआरसी पर सम्बद्ध किया गया है। इतना ही नहीं बीएसए ने इसके लिए जांच के लिए तीन बीईओ की एक कमेटी भी गठित कर दी है। बीईओ की जांच रिपोर्ट में शिक्षकों की लापरवाही सामने आई, जिसके कारण बच्ची कक्षा में बंद हो गई। विद्यालय के समस्त स्टाफ को सस्पेंड कर डिबाई ब्लॉक में सम्बद्ध किया है। सभी शिक्षक छुट्टी के बाद कक्षाओं का निरीक्षण करें। इसमें लापरवाही बर्दास्त नहीं की जाएगी।

सैगड़ापीर के संविलियन विद्यालय में गुरुवार की देर शाम जब एक बच्ची का स्कूल में बंद होने का वीडियो वायरल हुआ तो स्कूल के सामने ग्रामीण इकट्ठा हो गए। पता चला कि शिक्षकों ने उस बच्ची को बन्द कर देर शिक्षक प्राथमिक शिक्षक संघ के चुनाव में चले गए थे। लेकिन विद्यालय किसने और कब बन्द किया यह कोई नहीं बताया। यह सिर्फ और सिर्फ लापरवाही का परिणाम था जिससे छात्रा इकरा करीब दो घण्टे तक कमरे में बंद होकर रोती रही। घर वाले जब बच्ची को ढूढते हुए विद्यालय में पहुंचे तो उन्हें बच्ची कक्षा में बंद मिली।

क्या कहता है नियम

स्कूल आने, पाठ्यक्रम, अवकाश के नियम के साथ-साथ छुट्टी के भी नियम होते हैं। उसमें छुट्टी होने के बाद शिक्षक सभी कक्षाओं का निरीक्षण करते हैं कि कोई बच्चा अंदर तो नहीं रह गया है? सुबह स्कूल की सभी कक्षाओं की सफाई होती है। अधिकांश स्कूलों में तो बच्चे छुट्टी के बाद स्वयं कक्षाओं को बंद करते हैं। शिक्षक पूरी तरह से नियमों का पालन नहीं करते है, इसी लापरवाही के चलते यह बच्ची कक्षा में बंद हो गई।

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