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Deepti Sharma Mankading controversy: Deepti Sharma runs Dean out at non-striker’s end

दीप्ति शर्मा द्वारा किया गया रन आउट कितना सही कितना गलत इसपर फैसला आ चुका है

Deepti Sharma Run-Out controversy: Deepti Sharma runs Dean out at non-striker’s end
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Mankading controversy: – दीप्ति शर्मा द्वारा किया गया रन आउट कितना सही कितना गलत इसपर फैसला आ चुका है

भारतीय वोमेन्स क्रिकेट टीम ने इंग्लैंड को वनडे में 3-0 से क्लीन स्वीप करके अपनी सबसे अनुभवी प्लेयर्स झूलन गोस्वामी को शानदार करियर की बेहतरीन विदाई दी। टीम का मैच खत्म हो चुका है लेकिन तीसरे और आख़िरी वनडे मैच का लास्ट विकेट अभी भी चर्चा का विषय बना हुआ है। दीप्ति शर्मा ने जिस तरह से बेहतर दिख रही डीन को आउट किया वह वाकई सब लोग आश्चर्य है।

कई लोग उसपर सवाल खड़े कर रहे हैं कई लोग इसे क्रिकेट के नियम के अनुसार बता रहे हैं। विश्व के दिग्गज क्रिकेटर्स भी इसपर खुलकर आगे आ रहे हैं और बयान दे रहे हैं। हालांकि इंग्लैंड को सपोर्ट करने वाले इस खेल भावना नहीं बता रहे हैं लेकिन नियम के अनुसार यही सही है और इसलिए इसके खिलाफ कुछ भी बोलना गलत है। सबकुछ जानने से पहले मामला समझ लीजिए।

इंग्लैंड की आखिरी बल्लेबाज चार्लोट डीन (47) को गेंदबाजी छोर पर खड़ी थी गेंदबाजी कर रही थीं दीप्ति शर्मा। तभी अचानक से जब दीप्ति ने दौड़ना शुरु किया तो उनके गेंद रिलीज करने से पहले ही डीन क्रिज छोड़कर आगे निकल गई। फिर गेंद फेंकने की जगह दीप्ति शर्मा ने गेंदों को स्टंप से लगा दिया और फिर रन आउट की अपील कर दी। क्रीज से आगे निकलने पर विवादास्पद अंदाज में रन आउट दिया गया, जिससे भारत जीत हासिल करने में सफल रहा।

अब सब लोग इस अलग-अलग तरह के बयान दे रहे हैं लेकिन अब इसपर क्रिकेट के नियमों के संरक्षक मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) ने बयान देकर सबकी जुबान पर ताला लगा दी। एमसीसी ने ऑलराउंडर दीप्ति शर्मा के इंग्लैंड की चार्लोट डीन को गेंदबाजी छोर पर रन करने पर अपनी मुहर लगा दी। दीप्ति का रन आउट करना पूरी तरह से वैध था, लेकिन फिर भी इंग्लैंड के कुछ खिलाड़ियों ने नाखुशी जाहिर की लेकिन एमसीसी ने रविवार को कहा कि इसमें कुछ भी गलत नहीं है। एमसीसी ने एक बयान में कहा, ‘कल वास्तव में एक रोमांचक मैच का असामान्य अंत था, इसमें अधिकारियों ने उचित भूमिका निभाई और इसे और कुछ नहीं माना जाना चाहिए।

एमसीसी ने कहा, ‘गेंदबाजी छोर पर बल्लेबाजों के लिए एमसीसी का संदेश यही रहेगा कि वे तब तक क्रीज पर रहें जब तक कि गेंदबाज के हाथ से गेंद को निकलते हुए नहीं देख लेते। ऐसा करने पर कल जैसा आउट नहीं हो सकता।’ हाल ही में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) ने खेल की परिस्थितियों को संशोधित करते हुए इस तरह के आउट होने को ‘अनुचित खेल’ से ‘रन आउट’ कर दिया था. ये बदलाव 1 अक्टूबर से लागू होंगे।

एमसीसी के इस बयान के बाद स्पष्टिकरण भी सामने आया जिसमें साफ तौर पर कहा गया कि गेंद फेंके जाने से पहले गेंदबाजी छोर पर क्रीज को नहीं छोड़ें। ‘नियम स्पष्ट हैं जिससे कि सभी अंपायरों के लिए खेल के सभी स्तरों और खेल के सभी क्षणों में आसानी से व्याख्या की जा सके।’ क्रिकेट की भावना के संरक्षक के रूप में एमसीसी इसकी सराहना करता है कि दुनिया भर में इसकी अलग-अलग व्याख्या की जाती।

अमन पांडेय

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