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तो क्या सौरभ गांगुली आईसीसी के साथ मिलकर क्रिकेट के नियमों में इतने बदलाव करने जा रहे हैं

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समय के साथ क्रिकट भी अपना स्वरूप बदलता जा रहा है। 60 ओवर का वनडे मैच और 7 गेंदों के ओवर में भी बदलाव हुआ। कई नियम बदले और साथ ही बदला क्रिकेट का फॉर्मेट। क्रिकेट के तीनों फॉर्मेट में कई बदलाव इस बात का गवाह है कि क्रिकेट कैसे इंटरेस्टिंग हो इसपर हमेशा ही काम चलते रहता है। 16 अक्टूबर से ICC T20 वर्ल्ड कप की शुरुआत होने जा रही है, जिसको लेकर ICC ने वर्ल्ड क्रिकेट के नियमों में कई बदलाव किए है. जो कि 1 अक्टूबर से प्रभावी होगी। इस बात की जानकारी खुद आईसीसी ने ट्वीट करके दी है।

सौरव गांगुली के नेतृत्व में मेरिलबोन क्रिकेट क्लब (MCC) के बनाए नियमों पर चर्चा कर इसमें कुछ बदलाव किए गए और नए सिरे से लागू करने की बात की गई है। जिसमें गेंद पर लार के इस्तेमाल को अब स्थायी तौर पर प्रतिबंधित कर दिया गया है।हालांकि इसे पहले कोविड को ध्यान में रखते हुए अस्थाई रूप से किया गया था जो अब पूरी तरह से बन्द हो जाएगा।

नियमों के बदलाव से गुजर रहा ICC अपने नए नियम में किसी भी प्लेयर के आउट हो जाने के बाद मैदान पर आने वाला नया खिलाड़ी ही स्ट्राइक लेगा। आउट होने वाले बल्लेबाज का क्रीज बदलने या नहीं बदलने से इस पर कोई असर नहीं होगा। इस नियम को भी लागू करने जा रहा है। जबकि पहले यह नियम था कि बल्लेबाज यदि कैच आउट होने से पहले स्ट्राइक चेंज करता है, तो नया बल्लेबाज नॉन स्ट्राइक पर आ जाता था।

इतना ही नहीं अब नए बैटर के स्ट्राइक लेने का समय में बदलाव होने वाला है। टेस्ट और वनडे में किसी प्लेयर के आउट होने के बाद नए बैटर को 2 मिनट के अंदर स्ट्राइक पर आना होगा। जबकि पहले इसके लिए 3 मिनट का समय निर्धारित था। वहीं T20 इंटरनेशनल में इसके लिए 90 सेकंड का समय निर्धारित किया गया है। यदि नया बैटर टाइम से स्ट्राइक नहीं लेता है, तो फील्डिंग टीम द्वारा टाइम आउट की अपील की जा सकती है।

अब आईसीसी ने बैटर के बैटिंग स्टाइल पर भी बैन लगाने जा रहा है। नए नियम के मुताबिक किसी बैटर को पिच के बाहर जाकर गेंद को मारने का अधिकार नहीं होगा नहीं तो गेंद डेड बॉल करार कर दी जाएगी और अगर बैटर पिच से बाहर आकर गेंद को खेलता है, तो वह नो बॉल करार कर दी जाएगी। इसके साथ ही अक्सर देखा गया है कि क्रीज के बीच में दौड़ के दौरान बल्लेबाज और गेंदबाज का आपस में टकराना। इसमें कभी-कभी गलती से तो कभी जानबूझकर गलतियां होती रही हैं। इसी को दूर करने के लिए अब अगर फील्डिंग करती टीम की ओर से कोई दुर्व्यवहार होता है तो बैटिंग करने वाली टीम के खाते में 5 रन जोड़ दिए जाएंगे।

मांकडिंग, यह शब्द क्रिकेट में अक्सर यूज किया जाता है। जिसका सीधे शब्दों में समझे तो बॉल फेंकते हुए नॉन स्ट्राइक से बल्लेबाज के बाहर निकलने पर बॉलर द्वारा उसे रन आउट करने की कोशिश करना। यह अब तक अनफेयर माना जाता रहा है लेकिन अब यह भी आउट करने का एक हिस्सा होगा। इस साल जनवरी से T20 इंटरनेशनल में लागू किया गया इन-मैच पेनल्टी नियम अब वनडे फॉर्मेट में भी अपनाया जाएगा। इस नियम के अनुसार जब कोई फील्डिंग टीम निर्धारित समय पर ओवर खत्म नहीं करती है, तो जितना ओवर बाकी होता है उस दौरान टीम को एक फील्डर को सर्कल के अंदर बुलाने सजा मिलती है। यह नियम 2023 में मेंस क्रिकेट वर्ल्ड कप सुपर लीग के खत्म होने के बाद वनडे में लागू होगा।

अमन पांडेय

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