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सिसोदिया की बर्खास्तगी को लेकर एक ओर भाजपा का हस्ताक्षर अभियान तो दूसरी ओर विरोध प्रदर्शन

Delhi BJP protest outside Manish Sisodia's house against liquor policy in Delhi
Delhi BJP protest outside Manish Sisodia’s house against liquor policy in Delhi
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भारतीय जनता पार्टी इस वक्त नई आबकारी नीति में कथाकथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाकर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया को बर्खास्त करने की मांग को लेकर पूरे दिन सड़कों पर नज़र आई। पहले दिल्ली के लगभग 500 से अधिक स्थानों पर हस्ताक्षर अभियान चलाकर लोगों के हस्ताक्षर लिए गए ताकि भाजपा एक संख्या बता सके कि मनीष सिसोदिया की बर्खास्तगी के लिए कितने लोग सहमत है।

हस्ताक्षर अभियान की शुरुआत करोल बाग मेट्रो स्टेशन से भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने की। इसके बाद बाकी अन्य पदाधिकारियों ने दिल्ली के विभिन्न मेट्रो स्टेशन, बाज़ार और अन्य पब्लिक स्थानों पर चलाए गए हस्ताक्षर अभियान में शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी, सांसद मनोज तिवारी सहित अन्य पदाधिकारियों ने इस अभियान में हिस्सा लिया। भाजपा का मानना है कि मनीष सिसोदिया ने नई आबकारी नीति के तहत भारी भ्रष्टाचार को अंजाम दिया है और केजरीवाल यह सब जानने के बाद भी उन्हें बर्खास्त नहीं कर रहे हैं जिसका अर्थ है कि यह सब भ्रष्टाचार केजरीवाल के संरक्षण में ही संपन्न हुआ है।

इसके बाद भाजपा के सभी विधायक राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मिलने का समय तय किया था जिसकी पूरी तैयारी भी भाजपा कर चुकी थी और राष्ट्रपति से मिलकर एक ज्ञापन सौंपने की बात कही गई जिसमें केजरीवाल सरकार की बर्खास्तगी की डिमांड थी लेकिन शेख हसीना के राष्ट्रपति मुर्मू से मुलाकात के कारण भाजपा विधायकों को यह कार्यक्रम रद्द करना पड़ा। लेकिन इसके बाद भाजपा विधायकों ने नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी के नेतृत्व में मनीष सिसोदिया के घर के बाहर शाम 3.30 बजे विरोध प्रदर्शन किया। नेशनल स्पोर्ट्स क्लब ऑफ इंडिया से शुरु हुए इस विरोध प्रदर्शन में केजरीवार के खिलाफ भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और सिसोदिया की बर्खास्तगी की मांग भी की।

भाजपा का आरोप है कि सीबीआई द्वारा जब जांच शुरू की गई तो उससे ठीक पहले ही नई आबकारी नीति को वापस लेकर सिसोदिया ने भाजपा के उस आरोप पर सच्चाई की मुहर लगा दी जो भाजपा शुरू से ही कहती रही है कि नई आबकारी नीति में भारी भ्रष्टाचार हुआ है। आखिर शराब की बिक्री में दोगुने की वृद्धि और राजस्व में कमी ने भी इस बात को साफ कर दिया था कि शराब माफियाओं के साथ मिलकर केजरीवाल सरकार ने करोड़ों रुपये का भ्रष्टाचार किया है। इन सब के बाद स्टिंग ऑपरेशन ने भी सिसोदिया को फायदा पहुँचाने वाली और जनता के लिए पापकारी नीति की पोल खोल दी।

सिसोदिया ने स्टिंग ऑपरेशन पर हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था कि भाजपा वाले सड़क पर चलते हुए किसी से बात कर लेते हैं और उसको स्टिंग बता देते हैं जिसके बाद भाजपा ने जवाब में कहा कि स्टिंग में जो व्यक्ति है वह आरोपी नम्बर 13 सन्नी मारवाह के पिता कुलविंदर मारवाह हैं जो एल-1 के ठेकेदार हैं और उन्हें एयरपोर्ट जोन के ठेके केजरीवाल और सिसोदिया ने ही दिया था और साथ में 30 करोड़ वापस कर दिया था। सवालों का जवाब न देकर सिसोदिया भाजपा से छुप सकते हैं, लेकिन इस लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता से उन्हें कोई नहीं बचा सकता और दिल्ली की जनता भी चाहती है कि ऐसे भ्रष्ट मंत्री को मंत्री पद पर बने रहने का कोई हक नहीं है। भाजपा ने सवाल करते हुए कहा कि आखिर दिल्ली के राजस्व और टैक्स पेयर्स के पैसों को लूटने की अनुमति केजरीवाल को किसने दी।

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