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गुजरात के मंत्री पूर्णेश मोदी और राजेंद्र त्रिवेदी को किया गया चुनाव से पहले ही विभाग मुक्त, कारण जान लीजिए

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गुजरात में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। आम आदमी पार्टी पूरी जोर शोर से सिर्फ विधानसभा चुनाव ही नहीं बल्कि 2024 में मोदी vs केजरीवाल की रट लगा रही है। साथ ही यह भी आरोप लगा रही है कि मोदी सरकार केजरीवाल के फेम से डर कर सीबीआई और ईडी की छापेमारी करवा रही है। मतलब भ्रष्टाचार के नाम पर आम आदमी पार्टी के नेताओं की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। लेकिन फिलहाल छवि खराब होती दिख रही है भाजपा की। और ऐसा हम नहीं बल्कि खुद गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने कर दिया है।


विधानसभा चुनाव से ठीक पहले दो बड़े मंत्रियों से अलग-अलग विभाग की जिम्मेदारी छीन ली गई। सीएम भूपेंद्र पटेल ने 20 अगस्त को कैबिनेट मंत्री राजेंद्र त्रिवेदी को राजस्व विभाग और पूर्णेश मोदी को सड़क और इमारत विभाग से हटा दिया। फिलहाल, गृह राज्य मंत्री हर्ष सिंघवी को राजस्व विभाग और पर्यावरण राज्य मंत्री जगदीश पांचाल को सड़क और इमारत विभाग का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है।

कारण भ्रष्टाचार की आशंका

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों मंत्रियों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगने की आशंका थी। इसलिए पहले ही सरकार ने उनसे इन विभागों की जिम्मेदारी ले ली। वहीं आधिकारिक तौर पर बताया जा रहा है कि दोनों मंत्रियों के पास ज्यादा विभाग थे इसलिए भार कम करने के लिए ये फैसला लिया गया। अब इसकी सच्चाई क्या है यह फिलहाल सही से स्पष्ट नहीं हो पाया। यह फ़ैसला 20 अगस्त को भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री बी एल संतोष के गुजरात दौरे से ठीक पहले लिया गया।

हालांकि राजेंद्र त्रिवेदी के पास अभी आपदा प्रबंधन, कानून और न्याय, विधायी और संसदीय कार्य विभाग भी हैं। त्रिवेदी वडोदरा के रावपुरा सीट से विधायक हैं। वहीं पश्चिमी सूरत से विधायक पूर्णेश मोदी के पास परिवहन, नागर विमानन, पर्यटन और तीर्थाटन मंत्रालय की जिम्मेदारी अब भी है। बताया जा रहा है कि सीएम भूपेंद्र पटेल ने हाल में दोनों मंत्रियों को चेतावनी दी थी। दोनों को यह चेतावनी उनके खिलाफ भ्रष्टाचार और ठीक से काम नहीं करने की शिकायत के बाद दी गई थी। गुजरात बीजेपी अध्यक्ष सीआर पाटिल भी इन शिकायतों और उनके कामों से खुश नहीं थे। आरोप तो यह भी लग रहे हैं कि दोनों मंत्री अपने काम से ज्यादा अपने प्रचार के लिए चिंतित थे।

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