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Happy Independence Day 2022: लाल किले से पीएम मोदी ने अपने संबोधन के दौरान इन मुख्य विषयों पर दिया विशेष जोर

Happy Independence Day 2022: Key Points of PM Modi’s speech at Red Fort
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पूरा देश 75वें स्वतंत्रता दिवस के पूरे होने का जश्न मना रहा है। इस खास मौके पर पीएम ने लाल किले की प्राचीर पर लगातार 9वीं बार तिरंगा फहराया।इससे पहले प्रधानमंत्री ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि दी। अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। इस बार लाल किले का नजारा अलग दिखाई दिया। पीएम मोदी ने 82 मिनट तक लोगों को संबोधित किया। इस दौरान उन्हें 21 तोपों की सलामी भी दी गई। प्रधानमंत्री ने लाल किले की प्राचीर से अपने भाषण में कई बातों का उल्लेख किया। अपने भाषण में उन्होंने देश के सामने 5 संकल्प रखे। भ्रष्टाचार, परिवारवाद, भाषा और लोकतंत्र का जिक्र किया। महात्मा गांधी, पंडित जवाहर लाल नेहरू, वीर सावरकर को यादकर नमन किया। पीएम मोदी ने कहा कि आज का ये दिन ऐतिहासिक है। आजादी के जंग में गुलामी का पूरा काल खंड संघर्ष में बीता है। हिंदुस्तान का कोई कोना ऐसा नहीं था जहां के लोगों ने सैकड़ों सालों तक गुलामी के खिलाफ जंग न की हो। अपनी जिंदगी न खपाई हो। आहुती न दी हो। आज हम सब देशवासियों के लिए हर महापुरुष को, त्यागी को बलिदानी को नमन करने का अवसर है। उनके सपनों को पूरा करने का संकल्प लेने का अवसर है। उन्होंने आगे कहा कि मैं इस स्वतंत्रता दिवस पर सभी भारतीयों और भारत से प्यार करने वालों को बधाई देता हूं। आज नए संकल्प के साथ नई दिशा की ओर कदम बढ़ाने का दिन है। न सिर्फ हिंदुस्तान का हर कोना बल्कि दुनिया के हर कोने में आज किसी न किसी रूप में भारतीयों के द्वारा या भारत के प्रति अपार प्रेम रखने वाला विश्व के हर कोने में ये हमारा तिरंगा आन-बान-शान के साथ लहरा रहा है। इस मौके पर पीएम मोदी ने नारी सम्मान पर भी विशेष बल दिया। उन्होंने कहा, मैं एक पीड़ा जाहिर करना चाहता हूं। मैं जानता हूं कि शायद ये लाल किले का विषय नहीं हो सकता। मेरे भीतर का दर्द कहां कहूं। वो है किसी न किसी कारण से हमारे अंदर एक ऐसी विकृति आई है, हमारी बोल चाल, हमारे शब्दों में, हम नारी का अपमान करते हैं। क्या हम नारी को अपमानित करने वाली हर बात से मुक्ति का संकल्प ले सकते हैं।

भ्रष्टाचार और परिवारवाद, भाई-भतीजावाद खत्म करना होगा–

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने भाषण के दौरान भ्रष्टाचार और परिवारवाद पर कड़ा प्रहार किया।
पीएम मोदी ने कहा, ‘आज हम दो बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। भ्रष्टाचार और ‘परिवारवाद’ या भाई-भतीजावाद। हमें अपनी संस्थाओं की ताकत का एहसास करने के लिए, योग्यता के आधार पर देश को आगे ले जाने के लिए ‘परिवारवाद’ के खिलाफ जागरूकता बढ़ानी होगी। भ्रष्टाचार देश को दीमक की तरह खोखला कर रहा है, हमें इससे लड़ना है। उन्होंने कहा कि जिन्होंने देश को लूटा, उन्हें लौटाना होगा। बैंक लूटने वालों की संपत्ति जब्त हो रही है। वहीं पीएम ने आज लाल किले की प्राचीर से नया नारा दिया। उन्होंने कहा कि लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान, जय किसान का नारा दिया था। इसके बाद अटल बिहारी वाजपेयी ने इसमें जय विज्ञान जोड़ा और अब इसमें जय अनुसंधान जोड़ने का समय आ गया है। अब जय जवान, जय किसान, जय विज्ञान और जय अनुसंधान हो। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ’14 अगस्त को भारत ने विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस को भी हृदय के घावों को याद करके मनाया। देश वासियों ने भारत के प्रति प्रेम के कारण सबने दर्द खुशी खुशी सहा। आजादी के अमृत महोत्सव में हम सेना के जवानों, पुलिसकर्मी, ब्यूरोक्रेट, लोकसेवक, जनप्रतिनिधि, शासक-प्रशासकों को याद करने का अवसर है।

पूरे विश्व का भारत की तरफ देखने का नजरिया बदल चुका है–

प्रधानमंत्री ने कहा समस्याओं का समाधान भारत की धरती पर दुनिया खोजने लगी है। विश्व का ये बदलाव, विश्व की सोच में ये परिवर्तन 75 साल की हमारी यात्रा का परिणाम है। उन्होंने कहा कि कई चुनौतियों के बावजूद भारत रुका नहीं, झुका नहीं और आगे बढ़ता रहा। उन्होंने कहा कि आज उन लोगों को स्मरण करने का दिन है, जिन्होंने 75 साल में अनेक कठिनाइयों के बीच भी देश को आगे बढ़ाने के लिए अपने से जो हो सका, वो करने का प्रयास किया है। पीएम मोदी ने कहा कि आज विश्व के कोने-कोने में भारत का तिरंगा आन, बान, शान से लहरा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत लोकतंत्र की जननी है। मदर ऑफ डेमोक्रेसी है। जिनके जेहन में लोकतंत्र होता है वे जब संकल्प करके चल पड़ते हैं। सामर्थ्य दुनिया की बड़ी बड़ी सल्तनतों के लिए भी संकट का काल लेकर आती है ये मदर ऑफ डेमोक्रेसी। हमारे भारत ने सिद्ध कर दिया कि हमारे पास ये अनमोल सामर्थ्य है। 75 साल की यात्रा में आशाएं, अपेक्षाएं, उतार-चढ़ाव सब के बीच हर एक के प्रयास से हम यहां तक पहुंच पाए। आजादी के बाद जन्मा मैं पहला व्यक्ति था जिसे लाल किले से देशवासियों का गौरव गान करने का अवसर मिला। भाषण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लाल किले पर उपस्थित सभी राज्यों के बच्चों से भी मिले।

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