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बिहार में अब जेडीयू-आरजेडी और कांग्रेस की महागठबंधन की सरकार, शपथ की तैयारी शुरू

Nitish Kumar elected leader of 'Mahagathbandhan' as prelude to staking claim to form new govt in Bihar
Nitish Kumar elected leader of ‘Mahagathbandhan’ as prelude to staking claim to form new govt in Bihar: Sources
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भाजपा ने सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार चुपचाप तरीके से उनसे दूर हो जाएंगे। हालांकि सोमवार शाम को गृहमंत्री अमित शाह ने नीतीश कुमार को फोन कर मनाने की कोशिश भी की थी लेकिन नितीश पहले ही भाजपा से अलग होने के लिए पूरी पटकथा लिख चुके थे। बिहार में सीटों के आंकड़ों के अनुसार भाजपा के लिए स्वतंत्र होकर सरकार बनाने के लिए संभावनाएं नहीं थी। आखिरकार आज बिहार में जेडीयू और भारतीय जनता पार्टी के बीच गठबंधन 5 साल बाद एक बार फिर से टूट गया है। नीतीश ने आज शाम 4 बजे राज्यपाल फागू चौहान से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया है। वे एनडीए से अलग हो गए हैं। इस्तीफा देने के बाद मीडिया से बात करते हुए नीतीश कुमार ने कहा है कि उन्होंने एनडीए सरकार में मिले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्हें बीजेपी के साथ एक कई दिक्कतें थीं। उनके नेता बाद में सबकुछ विस्तार से बता देंगे। राज्यपाल को इस्तीफा देने के बाद नीतीश ने तुरंत ही नई सरकार बनाने का दावा भी पेश कर दिया। उन्होंने राज्यपाल को 160 विधायकों के समर्थन की चिट्ठी सौंपी। राजभवन में ही नीतीश ने भाजपा से गठबंधन टूटने का एलान किया। उन्होंने कहा कि पार्टी के विधायकों और सांसदों ने एक स्वर में एनडीए से गठबंधन तोड़ने की बात कही है। इसके बाद नीतीश सीधे राबड़ी देवी के घर पहुंचे, जहां तेजस्वी यादव से उनकी मीटिंग हुई। जीतन राम मांझी की पार्टी एचएएम ने भी नीतीश को समर्थन का एलान कर दिया है। उनके पास 4 विधायक हैं। ऐसे में नीतीश के पास अब 164 विधायकों का समर्थन है। कांग्रेस विधायक शकील अहमद खान ने कहा है कि नीतीश कुमार महागठबंधन के मुख्यमंत्री होंगे। सब कुछ तय हो गया है। तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम होंगे। कांग्रेस को स्पीकर की कुर्सी मिल सकती है। बता दें कि 9 दिन पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्‌डा पटना आए थे। भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए जेपी नड्‌डा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी के विरोध में लड़ने वाली कोई राष्ट्रीय पार्टी बची नहीं। हमारी असली लड़ाई परिवारवाद और वंशवाद से है। देश से सारी क्षेत्रीय पार्टियां खत्म हो जाएंगी, रहेगी तो सिर्फ भाजपा। यह बात भी नीतीश को ठीक नहीं लगी। जेडीयू और बीजेपी ने 2020 का बिहार विधानसभा चुनाव साथ मिलकर लड़ा था। कम सीटें मिलने के बाद भी नीतीश कुमार को बीजेपी ने सीएम बनाया था। तब से ही दोनों दलों के बीच खटपट चली आ रही थी। कई मुद्दों पर दोनों पार्टी के नेता अलग-अलग बयानबाजी भी करते दिखे थे। लेकिन अब नीतीश ने अपना इस्तीफा सौंप दिया है। अब नीतीश कुमार आरजेडी कांग्रेस के साथ नई पारी खेलने जा रहे हैं।

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