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केजरीवाल ने गुजरात की जनता से कहा कि आपसे मेरा ईलु-ईलु का रिश्ता है और आदिवासी समाज के लिए किए 6 बड़े वायदें

गुजरात में चुनाव होना है जिसका चुनावी बुखार सभी नेताओं के सर चढ़कर बोल रहा है। या यह कहे कि सभी पार्टियां एड़ी चोटी एक कर चुनाव जीतने में लगी हुई है। आम आदमी पार्टी का भी लगातार दौरा जारी है। दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल तो हर हफ्ते में एक या दो दिन का गुजरात दौरा फिक्स कर लिया है। फिलहाल वे गुजरात दौरे पर हैं। आज वे वडोदरा में प्रेसवार्ता को संबोधित कर रहे थे।

प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने बोडेली की सभा में बीजेपी (BJP) पर जमकर निशाना साधा है। उन्होंने बीजेपी पर आरोप लगाते हुए दोहराया कि उनकी सभाओं में न जाने के लिए व्यापारियों को धमकाया जा रहा है। वहीं आज केजरीवाल ने गुजरात की जनता से कई बड़े चुनावी वादे भी किए हैं। भाजपा को अहंकारी बताते हुए केजरीवाल ने कहा कि आज पूरा गुजरात आम आदमी पार्टी के साथ खड़ा है क्योंकि पार्टी द्वारा कराए गए एक सर्वे में इस बात खुलासा हुआ है। इसलिए अब यह कहना कोई जल्दबाजी नहीं होगा कि गुजरात में बीजेपी-कांग्रेस की राजनीति खत्म होगी और सिर्फ जनता की राजनीति चलेगी।

बीजेपी और कांग्रेस का ILU-ILU का रिश्ता

अपने प्रेसवार्ता में ही केजरीवाल ने कांग्रेस और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का सीधा मुकाबला भाजपा से है। फिलहाल बीजेपी और कांग्रेस का ILU-ILU का रिश्ता चल रहा था, लेकिन अब AAP विकल्प के रूप में आ चुकी है। केजरीवाल ने ये भी कहा, ‘मैं अपनी पार्टी द्वारा किए गए सभी वादों को निभाऊंगा क्योंकि हमारे-आपके बीच ईलू-ईलू का रिश्ता है। मैं कोई आतंकंवादी नहीं बल्कि शरीफ आदमी हूं।
अरविंद केजरीवाल का गुजरातवालों को दी गारंटी

केजरीवाल ने गुजरात की जनता से लगातार चुनावी वायदें कर रहे हैं। एक बार फिर उन्होंने कुछ वायदें किए। अभी हाल ही में उन्होंने कहा था कि हम गुजरात के लोगों के एक सीमा तक मुफ्त बिजली देंगे। पिछला सारा बिजली का बिल माफ कर देंगे। हर बेरोजगार को नौकरी लगने तक तीन हजार रुपये दिये जाएंगे। महिलाओं का विशेष ध्यान रखा जाएगा। हम दिल्ली जैसे हर आदिवासी इलाके में अच्छे स्कूल खोलेंगे। इसके साथ ही मोहल्ला क्लीनीक खोलने की बात कही थी।

आदिवासी हैं सबसे बड़े चुनावी हथियार

गुजरात में कोई भी राजनीतिक पार्टी आदिवासियों को क्यों टारगेट कर रही है। गुजरात की कुल आबादी में आदिवासियों की करीब 14.8 फीसदी हिस्सेदारी है और 27 सीटें अनूसूचित जनजाति के लिए आरक्षित हैं। इसको ध्यान में रखते हुए केजरीवाल ने आदिवासियों के लिए विशेष ऐलान किया। आदिवासियों के लिए संविधान में जो ‘पेसा’ का प्रावधान उसे लागू करेंगे। इसके तहत प्रावधान है कि सभी फैसले ग्रामसभा ही करेगी। इसके साथ ही दूसरी गारंटी यह भी है कि ट्राइबल अडवाइजरी कमेटी का चेयरमैन किसी आदिवासी को ही बनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि गुजरात में सीएम इसके चेयरमैन हैं। इस व्यवस्था को खत्म किया जाएगा। आम आदमी पार्टी की सरकार बनी तो किसी आदिवासी को इसका चेयरमैन बनाया जाएगा।

इसके साथ ही केजरीवाल ने आदिवासियों के लिए शिक्षा के क्षेत्र में विशेष दावा किया। उनकी पार्टी की सरकार बनी तो हर आदिवासी गांव में अच्छा सरकारी स्कूल खोला जाएगा, जिनमें शिक्षा पाकर आदिवासी बच्चे आगे बढ़ पाएंगे। उनकी सरकार बनी तो हर आदिवासी गांव में ‘गांव क्लीनिक’ खोला जाएगा। आदिवासी इलाकों में अच्छे सरकारी अस्पताल बनाए जाएंगे, जहां सभी को पूरी तरह मुफ्त इलाज मिलेगा। चौथी गारंटी के रूप में उन्होंने कास्ट सर्टिफिकेट की प्रक्रिया को आसान बनाने की बात कही। पांचवीं गारंटी में उन्होंने कहा कि जिन आदिवासियों के पास अपना घर नहीं है, उन्हें पक्का मकान दिया जाएगा। छठी गारंटी यह है कि हर गांव में पक्की सड़क बनाई जाएगी। इन छह वायदों के आधार पर आकलन करना अगर हो तो केजरीवाल का पूरा फोकस इस वक्त आदिवासी समाज के ऊपर ही है।

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