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Gujarat Liquor Tragedy: शराब के नाम पर खेला हो गया, केजरीवाल ने उठाई मांग तो भाजपा ने कसा तंज

“People’s Lives Are At Stake”: Arvind Kejriwal On Gujarat Liquor Tragedy
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नई दिल्ली, 27 जुलाई। गुजरात उन राज्यों में शुमार है जहां शराब पूरी तरह से बन्द है। इसलिए भाजपा हमेशा ही नई आबकारी नीति के लिए दिल्ली की केजरीवाल सरकार को बिहार और गुजरात से सीखने की नसीहत देती रहती है। लेकिन शायद अब सवाल पूछने की बारी केजरीवाल की थी और होगी भी क्यों न आखिर शराब बंदी के नाम पर गुजरात सरकार फिर का प्रचार करती रहती है, लेकिन देहात क्षेत्रों के गांव में भी शराब धड़ल्ले से बिक रही है वह भी ब्रांडेड नहीं बल्कि नकली शराब। एक वैसी शराब जिसे पीने के बाद लोग लोगों की मौत हो रही है या गंभीर रूप से अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं।

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल गुजरात के भावनगर अस्पताल पहुँचे। जहां शराब पीने के बाद गंभीर रूप से भर्ती मरीजों से मुलाकात की। इसके बाद वे मीडिया से मुखातिब हुए और जिन 28 लोगों की जहरीली शराब पीने से मौत हो गई उनके अभिभावकों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए गुजरात सरकार से उचित मुआवजे देने की अपील की। केजरीवाल ने कहा कि आज गुजरात के अंदर शराब माफिया पूरी तरह से सक्रिय है और गांव-गांव में प्रतिदिन शराब धड़ल्ले से बिक रही है। इसमें प्रशासन और राजनेताओं का भी सह और हाथ है। इसीलिए यह शराब माफिया इतने खुले तौर पर लोगों को नकली और जहरीली शराब पहुंचा रहे हैं।

शराब बेचने वालों को गिरफ्तार करने के सवाल के जवाब में केजरीवाल ने कहा कि यह तो बस छोटे मोहरे हैं जरूरत है इसके पीछे के मास्टरमाइंड को पकड़ने की क्योंकि अगर यह आज पकड़े जाते हैं कल इनके जैसे सैकड़ों पैदा हो जाएंगे। केजरीवाल के इस बयान के बाद सवाल किया गया कि गुजरात सरकार ने इस पूरे मामले पर कार्रवाई के लिए टीम गठित कर दी है, इसलिए इस पर राजनीति न करने की सलाह दी गई है। जवाब में केजरीवाल ने कहा कि हम राजनीति नहीं कर रहे हैं बल्कि एक ही देश में रहने वाले हम सब हैं इसलिए एक-दूसरे के सुख-दुख में साथ रहना और दुखों को बांटना हमारा कर्तव्य भी है और इंसानियत भी।

भाजपा पहले से ही केजरीवाल को लेकर तरह तरह की बातें शुरू कर दी है बोलना। इस बार भी भाजपा को केजरीवाल जाना शायद अच्छा नहीं लगा। इसके कई कारण हैं। एक कारण तो ये भी है कि गुजरात में आएम आदमी पार्टी की बढ़ती पैठ जिसमें यह शराब कांड ने पार्टी को उड़ने का पंख भी दे दिया और दूसरा कारण यह है कि केजरीवाल दिल्ली के कार्यक्रम में आने पर खराब स्वस्थ्य बताते हैं लेकिन गुजरात जाने में परहेज नहीं किया। दिल्ली भाजपा ने ट्वीट कर कहा “दिल्ली के कार्यक्रम के लिए तबियत खराब और गुजरात में कर रहे हैं प्रचार। वाह, केजरीवाल जी!”

दरअसल गुजरात में जहरीली शराब पीने से 28 लोगों की मौत हो गई है और लगभग 40 लोग अभी भी अस्पताल में भर्ती है। गुजरात पुलिस ने 600 लीटर मेथनॉल जब्त किया गया और पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया लेकिन सवाल सभी म दिमाग में वही है कि आखिर ड्राई राज्य में शराब कैसे और क्यों बिकता है?

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