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चंडीगढ़ नगर निगम ने मुख्यमंत्री आवास के सामने कूड़ा फेंकने पर काट दिया 10,000 रुपये का चालान

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चंडीगढ़ नगर निगम आज एक चलान की वजह से चर्चा में है। क्योंकि यह चलान मुख्यमंत्री भगवंत मान की कोठी के पीछे कचरा फेंकने के नाम पर किया गया है। चंडीगढ़ में सेक्टर 2 का कोठी नंबर 7… निगम ने सैकड़ों में नहीं बल्कि हज़ारों में चलान किया है और वो भी पूरे 10000 का। चालान CRPF बटालियन 113, DSP हरजिंदर सिंह का काटा गया है। जब यह खबर मीडिया में चलनी शुरु हो गई तो भगवंत मान के ऑफिस से भी इस पर सफाई दी गई। उनका कहना है कि संबंधित कोठी में पैरामिलिट्री फोर्स रहती है, उनका उससे कोई संबंध नहीं है।

चंडीगढ़ में कोठी नंबर 7 मुख्यमंत्री के नाम अलॉट है, लेकिन भगवंत मान 6 नंबर कोठी में रहते हैं। जबकि 7 नंबर में पंजाब के मंत्रियों के सुरक्षा कर्मी रहते हैं और साथ ही वहीं मंत्रियों की गाड़ियां भी खड़ी होती है। शनिवार की सुबह जब चंडीगढ़ नगर निगम को यह सूचना मिली तो वह पहुंच गई बताए गए स्थान का जायजा लेने। पहले जायजा लिया, फोटो खींचा और फिर कर दिया चलान। जबकि चालान के पेपर पर किसी अधिकारी ने दस्तखत नहीं की है। बस इतनी जानकारी दे दी गई कि यह चालान एक सप्ताह के अंदर भरा जाएगा।

कचरा फेंकने को लेकर जो बात सामने आई है उसके अनुसार स्थानीय लोगों ने कई बार मुख्यमंत्री निवास के स्टॉफ को कूड़ा फेंकते हुए देखा तो उन्हें मना भी किया जिसके बावजूद वे नहीं माने। इससे तंग आकर लोगों ने इसकी शिकायत निगम के कर्मचारियों को की और फिर 10,000 रुपये का चालान आज काट दिया गया है। स्थानीय पार्षद और भाजपा नेता महेश इंद्र सिंह सिद्धू के मुताबिक कोठी नंबर 44,45,6 और 7 पंजाब के मुख्यमंत्री के निवास स्थान का हिस्सा है। सिद्धू के अनुसार कोठियां बाहर से अलग हैं मगर अंदर से कंपाउंड हैं। इन कोठियों में मुख्यमंत्री का स्टाफ, कैंप ऑफिस, गाड़ियां आदि खड़ी होती हैं। ऐसे में मुख्यमंत्री ऐसी बात कह रहे हैं जैसे बैडरुम तो उनका है मगर ड्राइंग रुम किसी और का है।

इससे पहले चंडीगढ़ नगर निगम ने अप्रैल में पंजाब कांग्रेस के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग को शहर में बिना परमिशन के होर्डिंग्स लगाने पर चलान काटा था और वो भी पूरे साढ़े 29 हजार रुपए का। पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान के रूप में राजा वडिंग ने शपथ लेनी थी। सेक्टर-15 कांग्रेस भवन में कार्यक्रम था। इसे लेकर सेक्टर-15 सहित शहर में बाकी जगह पोस्टर लगाए गए थे। चंडीगढ़ एडवरटाइजमेंट कंट्रोल ऑर्डर 1954 के तहत यह कार्रवाई की गई थी। भगवंत मान का यह मामला अब तुल पकड़ता जा रहा है।

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