शुक्रवार, अगस्त 19Digitalwomen.news

उपराज्यपाल द्वारा मनीष सिसोदिया के ऊपर सीबीआई को जांच का आदेश देते ही दिल्ली में सियासी पारा हुआ गर्म

Manish Sidodia named in Delhi LG’s demand for CBI probe into liquor policy
JOIN OUR WHATSAPP GROUP

दिल्ली के उपराज्यपाल वी के सक्सेना के कारण एक बार फिर से दिल्ली की राजनीति में चर्चाएं शुरु हो चुकी है। आम आदमी पार्टी लगातार वी के सक्सेना को केंद्र सरकार का खासमखास बता रही है। उसका आऱोप है कि वी के सक्सेना एक संवैधानिक पद पर बैठकर भी भाजपा कार्यकर्ता की तरह काम कर रहे हैं। आम आदमी पार्टी का ऐसा बयान और आरोप इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वी के सक्सेना ने लागातार आम आदमी पार्टी के नेताओं के ऊपर सीबीआई और अन्य एजेंसियों की जांच के आदेश देने शुरु कर दिए हैं। इसी आदेश में आज मनीष सिसोदिया को लेकर भी सीबीआई को जांच की अनुमति दे चुके हैं।

दरअसल उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली सरकार की आबकारी नीति 2021-22 में नियमों के उल्लंघन तथा प्रक्रियागत खामियों को लेकर इसकी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराए जाने की सिफारिश की है। सीबीआई के अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि दिल्ली के मुख्य सचिव की इस महीने की शुरुआत में सौंपी गयी रिपोर्ट के आधार पर सीबीआई जांच की सिफारिश की गयी है। रिपोर्ट में जो आरोप लगाए गए हैं उसके अनुसार, प्रथम दृष्टया राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली सरकार (जीएनसीटीडी) अधिनियम, 1991, व्यापारिक लेनदेन की नियमावली-1993, दिल्ली आबकारी अधिनियम, 2009 और दिल्ली आबकारी नियम, 2010 के उल्लंघनों का पता चलता है।

रिपोर्ट में ‘‘शराब के ठेकों के लाइसेंसधारियों को अनुचित लाभ” देने के लिए ‘‘जानबूझकर और घोर प्रक्रियागत खामियां करने” का भी जिक्र है। इतना ही नहीं नयी आबकारी नीति 2021-22 पिछले साल 17 नवंबर से लागू की गयी थी, जिसके तहत 32 मंडलों में विभाजित शहर में 849 ठेकों के लिए बोली लगाने वाली निजी संस्थाओं को रिटेल लाइसेंस दिए गए। कई शराब की दुकानें खुल नहीं पायी। ऐसे कई ठेके नगर निगम ने सील कर दिए। भारतीय जनता पार्टी और कांग्रेस ने इस नीति का पुरजोर विरोध किया था और इसकी जांच के लिए उपराज्यपाल के साथ केंद्रीय एजेंसियों में शिकायत दर्ज करायी थी। भाजपा लगातार इसका विरोध करती रही लेकिन आज दिल्ली के प्रत्येक वार्डों में तीन-तीन शराब की दुकानें खोलकर केजरीवाल सरकार लोगों को आसानी से शराब उपलब्ध कराने का दावा करती रही है। केजरीवाल सरकार ने महिलाओं के लिए अलग से पिंक ठेकों का व्यवस्था भी करने का दावा करती है। शायद यही कारण है कि इसका विरोध विपक्षी पार्टियों ने महिला संगठन और आरडब्ल्यूए के सदस्यों के साथ मिलकर करती रही है।

Leave a Reply

%d bloggers like this: