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आर्थिक संकट से जूझ रहे श्रीलंका के राष्ट्रपति के घर से प्रदर्शनकारियों को मिले करोड़ो रूपये

प्रधानमंत्री के बाद अब श्रीलंका के राष्ट्रपति राजपक्षे ने भी 13 जुलाई को इस्तीफे की घोषणा कर दी है

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श्रीलंका में इस वक़्त कुछ ठीक नहीं चल रहा है। यह उन सभी देशों के लिए एक सिख है कि जो जनता आपको सत्ता पर बैठाती है वह आपको गिराने का भी दमखम रखती है। तीन साल पहले जिन लोगों ने बड़े सम्मान के साथ राष्ट्रपति गोटबाया राजपक्षे को सत्ता पर बैठाया था आज वे लोग ही उनके जान के दुश्मन बने हुए हैं। जब लोगों ने राष्ट्रपति के आवास पर धावा बोला तो वहां से राष्ट्रपति अपने परिवार के साथ जान बचाकर भाग निकले। जिसके बाद प्रदर्शन कर रहे लोगों की कई सारी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है।

प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पहले स्विमिंग पूल पर कब्जा कर लिया और उसके बाद जिम को भी अपना बनाया। कुछ लोग राष्ट्रपति आवास के कीचन में पहुँच गए जहां उन्हें खाते हुए भी देखा जा सकता है। राजपक्षे के पास गाड़ियों का कलेक्शन भी शानदार रहा है जिसका वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में महंगी कारें एक लाइन से खड़ी देखी जा सकती है। इसी बीच एक वीडियो राजपक्षे के रूम से वायरल हो रही है जिसमें कई लोग बैठकर पैसे गिन रहे हैं। मिली जनाकरी के अनुसार, श्रीलंका राष्ट्रपति के आवास में प्रदर्शन करते वक़्त जब लोग रूम की तलाशी लेने लगे तो उन्हें “लाखों रुपये” मिले। जिसका वीडियो नेटवर्क पर प्रसारित हो रहा है। साथ में यह भी कहा जा रहा है कि प्रदर्शनकारियों ने सारा पैसा सुरक्षा गार्डों को सौंप दिया है। इस बात में कितनी सच्चाई है यह जांच का विषय है।

सोशल मीडिया पर प्रदर्शन को लेकर शेयर हो रहे सभी वीडियो में देखा जा सकता है कि लोग जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। कुछ प्रोटेस्टर्स वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं। प्रदर्शकारियों ने इस दौरान ‘गोटा गो होम’ के नारे भी लगाए। राष्ट्रपति भवन में ये लोग जगह-जगह पर तस्वीरें खींच रहे हैं। हालांकि बाद में पुलिस को जगह खाली कराने के लिए आंसू गैस के गोले तक छोड़ने की नौबत आ गई। इससे पहले श्रीलंका के आंदोलनकारियों ने प्रधानमंत्री रानिल विक्रमसिंघे के निजी आवास को भी आग के हवाले कर दिया। हालांकि, विक्रमसिंघे ने इस्तीफे की पेशकश की थी। राष्ट्रपति राजपक्षे ने भी 13 जुलाई को इस्तीफे की घोषणा की है।

श्री लंका में हो रहे विरोध प्रदर्शन के पीछे लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से देश की मीडिया को भी कसूरवार ठहरा रहे हैं। लोगों का कहना है कि श्रीलंका में माननीय राष्ट्रपति भाग जाना बेहद दुखद है। दरअसल जिस देश में मीडिया,सत्तापक्ष के हाथों बिक जाती है,वहां अंदर की असली खबरों से बेखबर जनता को अचानक एक सुबह पता लगता है देश बर्बाद हो गया। और फिर जनता के सब्र का बांध टूटता है तो कुछ इस तरह की घटनाएं होती हैं जो फिलहाल श्रीलंका में हो रही हैं।

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