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जन्मदिन विशेष- जब ‘धोनी फिनिशेज ऑफ इन हिज स्टाइल’ की आवाज से पूरा देश गौरवांवित हो गया था।

Happy Birthday Legend M S Dhoni
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2 अप्रैल 2011, शायद ही कोई भारतीय भूला हो। हमने भारतीय टीम को कई रोमांचकारी मैच जीतते हुये देखे हैं लेकिन, इस दिन का मैच रोमांचकारी हो या न हो, लेकिन एक ऐतिहासिक मैच ज़रूर था। क्योंकि इसी दिन ही भारत 28 साल के इंतजार के बाद विश्व कप जीता था। उस दिन की यादें आज भी जेहन में बसी हुई हैं। उस दिन को तो कभी कोई भूल ही नहीं सकता। जब भी विश्व कप की बात आती है, वही सब याद आने लगता है। चारों तरफ भीड़, सबकी सांसे थमी हुईं। कभी खिलाड़ियों को गाली देते, कभी किस्मत को कोसते और जब हमारी टीम का खिलाड़ी अच्छा करते तो ताली की जगह चिल्लाकर अपनी ख़ुशी का इज़हार करते।

वो कोई आम मैच नहीं था। जिस तरह भारतीय खिलाड़ी उस मैच के लिए परेशान होंगे, उसी तरह हम भी उस मैच को लेकर चिंतिंत थे। एक रात पहले हमने अपने क्रिकेट प्रेमी दोस्तों के साथ बैठक भी की थी, जिसमें सबने अपनी राय दी थी कि धोनी को किसको खिलाना चाहिए और किसको नहीं।

Happy Birthday Legend M S Dhoni

ऊपर से ख़ुशी और अंदर से डर

उस फाइनल मैच के दौरान हमारा हाल कुछ ऐसा था कि हम मैच के दौरान सबसे हंसी-ठिठोली, मज़ाक कर रहे थे। लेकिन वो तो हम भी जानते हैं कि अंदर से कितना डर लग रहा था। मन में न जाने कितने ही बुरे ख़याल आ रहे थे कि हमारे खिलाड़ी बकवास न खेल जायें। सबसे ज्यादा डर महेला जयवर्धने और कुमार संगकारा का था, पूरा द्रविड़ की तरह खेलते थे, जम जाते थे तो आउट होने का नाम ही नहीं लेते थे। सबसे बड़ी बात भारत के खिलाफ उनका रिकॉर्ड भी अच्छा था। उस दिन क्रिकेट प्रेम ऐसा था कि भारत के खिलाफ कुछ बुरा सुनना ही नहीं चाहते थे।

सचिन-सहवाग पर आया बहुत गुस्सा

मैच से पहले ही हम कह रहे थे कि सचिन-सहवाग अगर जम गये न, तो श्रीलंका की लंका में आग लग जायेगी। उन पर हमारे कई साथियों ने दांव तक लगा दिया था। जब श्रीलंका ने अच्छा-खासा स्कोर बना दिया तो हम तो उनमें से किसी एक का शतक सोच रहे थे। लेकिन जब सचिन-सहवाग सस्ते में निपट लिये तो हमको बड़ा गुस्सा आया। मैंने अपने फेवरेट खिलाड़ी सहवाग को बहुत कोसा, कुछ गालियां भी पटक दीं। आज भी बुरा लगता है कि इतने बड़े मैच में मेरे फेवरेट खिलाड़ी ही नहीं चले।

और फिर धोनी का वो छक्का

विश्व कप 2011 फाइनल मैच के अगर सबसे सुखद पल की बात की जाये तो धोनी का वो छक्का याद आता है, जिसे हर भारतीय ने बार-बार रिवाइन्ड करके देखा होगा। हमने भी किया है। वो क्या पल था! कुलशेखरा की बाॅल, धोनी का गगनचुंबी छक्का और फिर टी.वी. पर जितना जश्न था, वैसा ही जश्न हमारे यहां भी था। हमारे जश्न में तोड़-फोड़ था, एक-दूसरे के साथ शोर-शराबा था। जीत के नशे में हम ऐसे मदहोश थे कि हमने कुछ नुकसान भी कर दिया, जिसका होश हमें अगले दिन आया।

धोनी का वो छक्का, पूरे मैच में एक मिनट भी टी.वी से दूर न जाना। यहां तक कि उस दिन हमने खाना भी नहीं खाया, शोर-शराबा, मार-पीट, गालियां और अंत तक धक-धक होना, ऐसा ही कुछ एहसास है 2011 विश्व कप का।

आज भी जब विश्वकप की बात होती है तो कानों में रवि शास्त्री के शब्द गूंजने लगते हैं।

धोनी फिनिशेज ऑफ इन हिज स्टाइल। आज भारत को हर आईसीसी ट्राफी दिलाने वाले एकलौते कप्तान का जन्मदिन है। 41 साल के हो चूके धोनी के इस बर्थडे के जश्न का वीडियो और फोटोज खुद उनकी पत्नी साक्षी ने ही इंस्टाग्राम पर शेयर किए। इस फोटो में आपको टीम इंडिया के स्टार विकेटकीपर बैटर ऋषभ पंत भी नजर आ रहे हैं। अपने जन्मदिन पर विम्बलडन देखने पहुँचे एम एस धोनी का फोटो सामने आया है। 15 अगस्त 2020 को क्रिकेट को अलविदा कहने वाले माही आज भी लोगों के दिलो में राज करते हैं।

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