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क्रेज बरकरार: 15 साल पहले एपल आईफोन का सफर हुआ था शुरू, आज भी इसे लेने के लिए लगती हैं लाइनें

15 years of iPhone: Remembering Steve Jobs and incredible journey of Apple

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मौजूदा समय में दुनिया मोबाइल फोन चलाने में सबसे ज्यादा व्यस्त है। ‌ मोबाइल में आईफोन का क्रेज सबसे अधिक बना हुआ है। भारत समेत विश्व के करोड़ों युवाओं के हाथ में आईफोन मिल जाएंगे। आईफोन की अगर आज बात चली है तो एपल कंपनी को कौन भूल सकता है। एपल कंपनी के संस्थापक दिवंगत स्टीव जॉब्स के विचार करोड़ों युवाओं के हमेशा आदर्श रहेंगे। आज भले ही हमारे बीच स्टीव जॉब्स नहीं हैं लेकिन उनके आईफोन की पूरी दुनिया दीवानी है। पिछले एक दशक से जब-जब एपल आईफोन का नया वर्जन लॉन्च होता है तब अमेरिका के कई शहरों में इसे लेने के लिए रात से ही लोगों की लाइनें लग जाती है। एक दशक से एपल के आईफोन की दुनिया में सबसे अधिक डिमांड है। स्टीव जॉब्स ने आईफोन को पहली बार 29 जून 2007 को आज ही के दिन लॉन्च किया था। 15 साल पहले शुरू हुई इस आईफोन को लेने की दीवानगी आज भी बरकरार है। पहले आईफोन को लेने के लिए अमेरिका में एपल के स्टोर्स पर लंबी लाइनें लग गईं। पहली बार किसी फोन के लिए लोगों में इतना पागलपन देखा गया। इस आईफोन में 3.5 इंच का टचस्क्रीन डिस्प्ले और 2 मेगापिक्सल का रियर कैमरा था। फोन को 4GB और 8GB स्टोरेज के दो वैरिएंट में लॉन्च किया गया। इसमें बैक और एग्जिट के लिए होम बटन दिया था। यह बाद में आईफोन का आइकॉनिक बटन भी बन गया। 15 महीनों में ही एपल ने करीब 60 लाख आईफोन बेच दिए थे। उसके बाद से अभी तक एपल कई लेटेस्ट आईफोन लॉन्च कर चुका है। जब-जब इस कंपनी के आईफोन लॉन्च होते हैं इसे लेने के लिए आज भी कई देशों में होड़ लग जाती है।

स्टीव जॉब्स ने अपने दोस्तों के साथ साल 1976 में एपल कंपनी की स्थापना की थी–

साल 1976 में स्टीव जॉब्स ने अपने दोस्तों के साथ एपल कंपनी की स्थापना की थी। लाखों युवाओं के प्रेरणा स्रोत रहे स्टीव जॉब्स का भारत से गहरा लगाव था। एपल कंपनी के संस्थापक स्टीव जॉब्स 1974 से 1976 के बीच भारत भ्रमण पर आए थे। वह भारत अध्यात्मिक खोज में आए थे । उन्हें एक सच्चे गुरु की तलाश थी। स्टीव पहले हरिद्वार पहुंचे और इसके बाद वह नैनीताल के कैंची धाम तक पहुंच गए। यहां पहुंचकर उन्हें पता लगा कि बाबा नीम करौली समाधि ले चुके हैं। स्टीव को एपल के (लोगो) का आइडिया बाबा के आश्रम से ही मिला था। नीम करौली बाबा को सेब बहुत पसंद थे यही वजह थी कि स्टीव ने अपनी कंपनी के लोगों के लिए कटे हुए एपल को चुना। बता दें कि आज एपल कंपनी का पूरे दुनिया भर में कंप्यूटर और मोबाइल फोन के क्षेत्र में दबदबा है। 56 साल आयु में 5 अक्टूबर 2011 को स्टीव जॉब्स ने दुनिया को अलविदा कह दिया। आज भले ही जॉब्स दुनिया में नहीं है लेकिन उनके आईफोन युवाओं में सबसे अधिक लोकप्रिय बने हुए हैं।

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