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Pakistan Cricket Board was shocked by Jay Shah’s statement

जय शाह ने ऐसा क्या कह दिया है कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड बौखला गया है

Pakistan Cricket Board was shocked by Jay Shah’s statement
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नई दिल्ली, 17 जून। बीसीसीआई के सचिव जय शाह आज कल सुर्खियों में छाए हुए हैं। पहले तो पूर्व खिलाड़ियों की पेंशन बढाने को लेकर उनकी तारीफ हो रही है और साथ ही एक ही साथ दो इंडियन टीम का ऐलान करने को लेकर भी उनके नाम की चर्चाएं हो रही हैं। लेकिन अब उनका नाम या यह कहे बीसीसीआई के एक फैसले पर पाकिस्तान में चर्चाएं शुरू हो चुकी है। चर्चाएं भी ऐसी कि पूरा पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) बेचैन हो गया है।

दरअसल आईपीएल को लेकर जय शाह ने कहा था कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के अगले भविष्य दौरा कार्यक्रम (FTP) में आईपीएल के लिए ढाई महीने का विंडो समय होगा। शाह ने यह भी कहा था कि भारतीय क्रिकेट बोर्ड पहले ही अन्य क्रिकेट बोर्ड्स के अलावा आईसीसी के साथ चर्चा कर चुका है।

पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कहा है कि आईपीएल से संबंधित यह विंडो दूसरी अंतरराष्ट्रीय सीरीजों में बाधा उत्पन्न करेगी। पीसीबी का मानना है कि इस मामले पर चर्चा की जरूरत है। पीसीबी के एक अधिकारी ने कहा ‘आईसीसी बोर्ड की बैठक जुलाई में बर्मिंघम में कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान होगी और इस मामले को संभवत: वहां उठाया जाएगा। पीसीबी क्रिकेट में पैसा आने से खुश है, लेकिन भारतीय बोर्ड द्वारा हर सीजन में आईपीएल के लिए प्रमुख अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों को बुक करने की योजना इंटरनेशनल सीरीज और इवेंट्स में बाधा डाल सकती है।

जय शाह ने कहा था ‘बीसीसीआई को कभी नहीं लगा कि मीडिया राइट्स में बेस प्राइस बहुत ज्यादा है। यह समझने की जरूरत है कि 2018 में 60 मैच थे। अगले सत्रों में हमारे पास 410 मैच होंगे। आपको डिजिटल प्रभावों की भी जांच करने की आवश्यकता है. 2017 में लगभग 56 करोड़ डिजिटल दर्शक थे और 2021 में यह संख्या 66.5 हो गई. आप आने वाले वर्षों में इसके और भी बढ़ने की उम्मीद है।

शाह ने बताया, ‘2027 में आईपीएल में 94 मैच खेले जाएंगे, इस पहलू को लेकर हमने काम किया है। अगले आईसीसी एफटीपी कैलेंडर से आईपीएल में ढाई महीने की आधिकारिक विंडो होगी, ताकि सभी शीर्ष अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर भाग ले सकें। हमने विभिन्न बोर्डों के साथ-साथ आईसीसी के साथ भी चर्चा की है।

अब सवाल यह है कि पाकिस्तान को इतना दर्द क्यों हो रहा है। दरअसल आईपीएल एक ऐसा इवेंट हैं जिसमें पाकिस्तानी क्रिकेटरों के लिए कोई जगह नहीं। दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव के चलते पाकिस्तानी खिलाड़ी केवल 2008 के आईपीएल सीजन में खेल पाए थे। तब सलमान बट्ट, शाहिद आफरीदी, शोएब अख्तर, कामरान अकमल और सोहेल तनवीर ने भाग लिया था। दोनों देशों की राष्ट्रीय टीमें भी 2013 के बाद से किसी भी द्विपक्षीय सीरीज में आमने-सामने नहीं हुई हैं। केवल एशिया कप और विश्व कप जैसे टूर्नामेंट्स में ही दोनों के बीच मुकाबला होता रहा है।

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