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कश्मीरी पंडितों पर केजरीवाल सरकार के रवैये का क्या मतलब है?

'Entire country stands shoulder to shoulder with you': Kejriwal
‘Entire country stands shoulder to shoulder with you’: Kejriwal
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पिछले कई दिनों से कश्मीरी पंडितों पर केजरीवाल सरकार केंद्र की मोदी सरकार पर हमलावर है। कश्मीर में हो रहे लगातार कश्मीरी पंडितों को लेकर केजरीवाल ने केंद्र सरकार को घेरना शुरु कर दिया है। आप नेता संजय सिंह ने तो साल 2019 के बाद कश्मीर को 1947 वाला कश्मीर से तुलना कर दिया है। इसी बीच कश्मीर में जो कुछ भी पिछले कुछ समय से घटका जा रहा है, उस पर चर्चा करने के लिए केजरीवाल ने गृह मंत्री अमित शाह से समय भी मांगा है। और आज उन्होंने ज्येष्ठ अष्टमी की शुभकामनाएं भी कश्मीरी पंडितों को ध्यान में रखकर दिया है। केजरीवाल ने ट्वीट कर लिखा

आज ज्येष्ठ अष्टमी का पावन दिन है। इस शुभ दिन की सभी कश्मीरी पंडित भाई-बहनों को हार्दिक शुभकामनाएँ। माँ खीर भवानी की कृपा आप सभी पर सदा बनी रहे। कश्मीरी पंडित समुदाय को मैं भरोसा दिलाना चाहता हूँ कि पूरा देश आपके हर सुख-दुख में आप सबके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है।

केजरीवाल के इस ट्वीट के कई मायने निकालें जा रहे हैं। पहला की केजरीवाल खुद को कश्मीरी पंडितों का हमदर्द बताने की कोशिश कर रहे हैं। खुद की पार्टी को अब राष्ट्र हित के लिए काम करने वाली पार्टी का आकलन करवाने के लिए केजरीवाल और उनकी पूरी सरकारी तंत्र कश्मीर मुद्दे को पुरजोर तरीके से उठा रहे हैं। केजरीवाल की आम आदमी पार्टी का भाजपा के खिलाफ और कश्मीर के लिए इस कदर बोलना इस बात का प्रबल दावेदारी बताता है कि वह दिन दूर नहीं जब भाजपा के विपक्ष में कांग्रेस की जगह आम आदमी पार्टी होगी। लेकिन लगातार कश्मीरी पंडितों के मुद्दे केजरीवाल द्वारा उठाये जाने का एक और मतलब भी निकलता है जिसके पास्ट में बहुत से प्रमाण है।

कुछ दिन पहले ही जब कश्मीरी पंडितों पर आधारित फिल्म द कश्मीर फाइल्स आई थी और उसे दिल्ली में टेक्स फ्री करने की बात कही गई तो केजीरवाल और उनके विधायकों ने इसे झूठी फ़िल्म करार देकर फ़िल्म का विधानसभा में ही अठ्ठाहस कर माजक उड़ाई थी। जिसके बाद उनकी और उनकी पूरी पार्टी का देश भर में मजाक उड़ाया गया था। उनकी काफी थू थू हुई। दिल्ली भाजपा इसपर केजरीवाल की कोई कसर नहीं छोड़ी। डॉक्टर कुमार विश्वास ने भी उनकी छवि को धूमिल करने से परहेज नहीं किया। सर्जिक स्ट्राइक पर सवाल खड़े करके केजरीवाल के ऊपर देश विरोधी छवि का एक ठप्पा पहले ही लग चुका है। इस सब चीजों को देखते हुए केजरीवाल एंड कम्पनी ने अपनी छवि को राष्ट्रवादी बनाने के लिए कश्मीरी पंडितों का ही सहारा लेना शुरू किया और आज उसका प्रमाण साफ दिखाई दे रहा है।

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