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टोक्यो में पीएम मोदी के ‘फिल्मी स्टाइल बोल’, झूमे अप्रवासी भारतीय, लगे जय श्रीराम के नारे

`Jai Shri Ram` in Tokyo: PM Modi receives grand welcome from Indians in Japan
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साल 1984 में निर्देशक सावन कुमार की फिल्म आई थी ‘सौतन’। इस फिल्म में अभिनेता राजेश खन्ना और अभिनेत्री टीना मुनीम और पद्मिनी कोल्हापुरी थीं। सौतन फिल्म का एक डायलॉग जो प्रेम चोपड़ा ने बोला था । वह संवाद था ‘मैं शीशे से पत्थर को तोड़ता हूं’, उस जमाने में लोगों की जुबान पर खूब सिर चढ़कर बोला। आज इसी डायलॉग की तर्ज पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान की राजधानी टोक्यो में अप्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए मंच से कहा कि ‘मैं मक्खन पर लकीर नहीं खींचता हूं मैं पत्थर पर लकीर खींचता हूं’। प्रधानमंत्री के इस संबोधन पर वहां मौजूद सैकड़ों अप्रवासी भारतीयों ने खड़े होकर जय श्रीराम के नारे लगाए और खूब तालियां बजाईं। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 2 दिन के दौरे पर जापान में हैं। क्वाड सम्मेलन में शामिल होने के लिए पीएम मोदी रविवार शाम को जापान रवाना हुए थे। कल मंगलवार को क्वाड सम्मेलन में भारत के अलावा अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और जापान की महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। बता दें कि यह चारों देश क्वाड के सदस्य हैं। इससे पहले आज पीएम नरेंद्र मोदी ने जापान में रह रहे अप्रवासी भारतीयों को संबोधित करते हुए कहा कि जापान से प्रभावित होकर स्वामी विवेकानंद जी ने कहा था कि हर भारतीय नौजवान को अपने जीवन में कम से कम एक बार जापान की यात्रा जरूर करनी चाहिए। मैं स्वामी जी की इस सद्भावना को आगे बढ़ाते हुए, मैं चाहूंगा कि जापान का हर युवा अपने जीवन में कम से कम एक बार भारत की यात्रा करे। पीएम ने आगे कहा कि आजादी का ये अमृत काल भारत की समृद्धि का, भारत की संपन्नता का एक बुलंद इतिहास लिखने वाला है। प्रधानमंत्री मोदी ने अप्रवासी भारतीयों से कहा कि आपमें से कई साथी ऐसे हैं, जो बरसों से यहां बसे हुए हैं। जापान की भाषा, वेशभूषा, कल्चर आपकी जिंदगी का हिस्सा बन गया है। इसका एक कारण यह भी है कि भारतीय समुदाय के संस्कार समावेशक रहे हैं। साथ-साथ जापान में अपनी परंपरा अपने मूल्य अपनी जीवन पद्धति के प्रति जो कमिटमेंट है, वह बहुत गहरा है। इन दोनों का मिलन होने के कारण एक अपनेपन का अहसास होने स्वाभाविक है।


भारत अपने खोए हुए विश्वास को फिर से हासिल कर रहा है–


130 करोड़ देशवासियों का संकल्प और सपने यह सामर्थ्य हम देखकर रहेंगे। यह सपनों का भारत होगा। भारत अपने खोए विश्वास को फिर हासिल कर रहा है। पीएम ने कहा कि आज का भारत अपने अतीत को लेकर जितना गौरवान्वित है, उतना ही टैक लेड, साइंस लेड, इनोवेशन लेड, टेलैंड लेड फ्यूचर को लेकर भी आशावान है।प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत में आज सही मायने में जनता के नेतृत्व वाली सरकार काम कर रही है। गवर्नेंस का यही मॉडल, डिलिवरी को कुशल बना रहा है। यही लोकतंत्र पर निरंतर मजबूत होते विश्वास का सबसे बड़ा कारण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जापान से हमारा रिश्ता सामर्थ्य का है, सम्मान का है, विश्व के लिए साझे संकल्प का है। उन्होंने जापानी युवाओं से भारत आने का भी आह्वान किया। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जापान के उद्योपतियों से मुलाकात की है। उन्होंने ट्वीट कर कहा है कि इन कारोबारियों में भारत के प्रति काफी उत्साह है। पीएम ने लिखा, टोक्यो में शीर्ष उद्योगपतियों से मुलाकात की। हमारी बातचीत नवाचार से लेकर निवेश, तकनीक से लेकर वस्त्र, स्टार्टअप में सुधार समेत कई विषयों पर केंद्रित रही।

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