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केजरीवाल के बिजली पर दिए बयान के बाद दिल्ली में मचा बवाल

Delhi: From October 1, electricity subsidy only for those who ask for it
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दिल्ली में अब उन्हें ही बिजली में छूट मिलेगी जिन्हें केजरीवाल संरक्षण दे रहे हैं- आदेश गुप्ता

नई दिल्ली, 6 मई। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल द्वारा कल एक प्रेस वार्ता कर बिजली पर दिए गए बयान से दिल्ली में मुफ्त वाली राजनीति पर खेल शुरु हो चुका है। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि हमारे पास कई लोगों ने सूझाव भेजे हैं कि हमें बिजली में सब्सिडी नहीं चाहिए बल्कि उन पैसों को दिल्ली के स्कूल, स्वास्थ्य, परिवहन सहित अन्य विकास कार्यों में लगाए। जिसके बाद भाजपा ने दिल्ली सरकार पर हमला बोला है। भाजपा का कहना है कि ऐसा कौन है जिसे मुफ्त की चिजें पसंद ना हो। केजरीवाल और उनकी पार्टी का सर्वे और उनके पास आए हुए सुझाव सिर्फ उन्हीं को पता होता है। पूरे दिल्लीवासी इससे अनजान होते हैं।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल का फ्री दिल्ली मॉडल अब पूरी तरह से जर्जर और फेल हो चुका है। दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने पहले तो फिक्स बिजली देने के नाम पर दिल्ली में लूट मचाई जिसमें किसानों को भी नहीं छोड़ा गया। अब उन्हें ही सिर्फ सब्सिडी मिलेगी जो आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता हैं और जिन्हें केजरीवाल का संरक्षण प्राप्त है। हालात यह है कि दिल्ली में केजरीवाल ने हर विभाग में इतनी लूट मचाई है कि सब कुछ जर्जर हो चुका है चाहे बिजली विभाग हो, जलबोर्ड हो, परिवहन विभाग हो या फिर शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग हो।

आदेश गुप्ता ने कहा कि केजरीवाल सरकार की ओछी राजनीति तो उस वक्त ही उजागर हो चुकी थी जब कोरोना काल में दुकानदारों से लेकर विभिन्न फैक्ट्रियों से कमर्शियल रेट पर बिजली शुल्क की वसूली की गई थी। जहां सभी राज्यों ने बिजली शुल्क में उपभोक्ताओं को राहत दी थी, वहीं बजट में बिजली बिलों में साल भर के लिए 2820 करोड़ की सब्सिडी देने का वादा करने वाली केजरीवाल सरकार, लॉकडॉउन में उन पैसों को खुद की जेब भरने का काम किया। उन्होंने कहा कि लॉकडाउन के दौरान ऑफिस और दुकाने बंद रहीं, ऐसे में बिजली की खपत लगभग 7409 मेगा वाट रही, लेकिन केजरीवाल सरकार 22,876 मेगा वाट के फिक्स्ड चार्ज के बिल भिजवाती रही।

आदेश गुप्ता का कहना कि दिल्ली में 50,000 से अधिक लोगों के यहाँ मीटर नहीं लग पा रहे हैं क्योंकि मीटर लगाने के लिए आम आदमी पार्टी के लूटेरों द्वारा 50,000 से1,00,000 रुपये तक की रिश्वत मांगी जा रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में कुल 5818231 बिजली उपभोक्ता हैं जिन्हें बिजली में छूट के नाम पर हज़ारों रुपये के बिल भेजे जा रहे हैं। झुग्गी झोपड़ी में 70000 से 1,00,000 रुपये तक की बिजली बिल भेजकर केजरीवाल ने साबित कर दिया है कि अब उन्हें दिल्ली की जनता से कोई हमदर्दी नहीं है।

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