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दहेज के फायदे बताने वाले नर्सिंग के सिलेबस पर महिला आयोग ने लिया संज्ञान, शिक्षा मंत्री से की कार्रवाई की मांग

United News of India
DCW writes letter to Union Education Minister over misogynist passage in nursing textbook
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राष्ट्रीय महिला आयोग ने मंगलवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर नर्सों के लिए समाजशास्त्र की पाठ्यपुस्तक जिसमें दहेज के फायदे का उल्लेख था उसके खिलाफ हस्तक्षेप और उपचारात्मक कार्रवाई की मांग की है।

बता दे कि बीते सोमवार को शिवसेना सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने पाठ्यपुस्तक से एक तस्वीर ट्वीटर पर शेयर किया था, ट्वीटर पर शेयर किए पाठ्यपुस्तक की तस्वीर में दहेज के चार गुण सूचीबद्ध हैं, उनमें से एक है बदसूरत दिखने वाली लड़कियों की शादी आकर्षक दहेज से की जा सकती है। यह पृष्ठ टीके इंद्राणी द्वारा नर्सों के लिए समाजशास्त्र की पाठ्यपुस्तक से है, जिसका शीर्षक द मेरिट्स ऑफ दहेज है। पाठ्यपुस्तक की सामग्री के बारे में जिक्र करते हुए शिवसेना सांसद ने कहा, यह भयावह है कि इस तरह के अपमानजनक और समस्याग्रस्त पाठ प्रचलन में हैं और दहेज के गुणों का विस्तार करने वाली पाठ्यपुस्तक वास्तव में हमारे पाठ्यक्रम में मौजूद हो सकती है। यह देश और देश के संविधान के लिए शर्म की बात है।

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DCW writes letter to Union Education Minister over misogynist passage in nursing textbook

जिसके बाद महिला आयोग ने संज्ञान लेते हुए इस मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पत्र लिखकर हस्तक्षेप करने की मांग की है। महिला आयोग का कहना है कि दहेज भारत में एक गहरी जड़ें जमा चुकी सामाजिक बुराई है। सरकार विभिन्न योजनाओं और कानूनों के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाने के लिए सभी प्रकार के प्रयास कर रही है, लेकिन गहरी जड़ वाली बुराई को सकारात्मक तरीके से चित्रित करना महिला सशक्तिकरण को कमजोर करेगा। मामला गंभीर चिंता का है और आयोग ने संज्ञान लिया है। यह छात्रों को दहेज के प्रचलित खतरे के बारे में एक बहुत ही गलत संदेश भेजता है। महिला आयोग की अध्यक्षा रेखा शर्मा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को पत्र लिखकर इस मामले में हस्तक्षेप करने और उपचारात्मक कार्रवाई करने के की मांग की है। इसके साथ ही स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के सचिव राजेश भूषण को भी इस मामले में कार्रवाई करने और सात दिनों के भीतर आयोग को सूचि त करने की मांग की गई है।

क्या है मामला:

बता दें कि राष्ट्रीय महिला आयोग को कई ऐसे मीडिया पोस्ट मिले हैं जिनमें यह बताया गया है कि नर्सिंग छात्रों के लिए एक स्‍टडी मटीरियल में दहेज प्रणाली के गुणों और लाभों को शामिल किया गया है। मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, किताबों में बताया गया है कि दहेज में माता-पिता की संपत्ति का हिस्सा प्राप्त करना इस प्रतिगामी प्रथा के गुणों में से एक है। किताब के कवर में इंडियन नर्सिंग काउंसिल के सिलेबस के मुताबिक लिखा हुआ बताया गया है। यह पेज टी के इंद्राणी द्वारा नर्सों के लिए समाजशास्त्र की पाठ्यपुस्तक से है, जिसका शीर्षक मेरिट्स ऑफ डॉरी (Merits of Dowry) है।

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