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राजस्थान के बाद अब छत्तीसगढ़ में भी पुरानी पेंशन नीति बहाल, जानें छत्तीसगढ़ सरकार की अहम योजनाएं

After Rajasthan, Chhattisgarh set to go for old pension scheme for employees
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छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने राज्य के वित्त वर्ष 2022-23 का बजट आज विधानसभा में पेश कर दिया है। इस बजट में सीएम बघेल ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना की बहाली समेत कई बड़ी और अहम घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने बजट में राजीव गांधी भूमिहीन कृषि मजदूर न्याय योजना के तहत सालाना सहायता 6000 रुपये से बढ़ाकर 7000 करने का एलान किया। बघेल ने कहा कि वह इस बजट में सरकारी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की घोषणा कर रहे हैं।

बजट की अहम बड़ी बातें:

राज्य में सेवाग्राम की स्थापना की जाएगी। फिलहाल 5 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

बस्तर के पुजारी, बैगा, गुनिया, मांझी को राजीव गांधी भूमिहीन कृषक न्याय योजना का मिलेगा लाभ।

औद्योगिक पार्क बनाकर युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिए जाएगे, जहां शिल्प के काम होंगे।

600 करोड़ का प्रावधान, इससे सुविधाएं मुहैया कराई जाएगी।

व्यापम पीएससी में स्थानीय प्रतिभागियों के परीक्षा शुल्क माफ।

मुख्यमंत्री रेशम मिशन की घोषणा।

नानगुर में कोकून बैंक की स्थापना की जाएगी।

नगरीय निकाय क्षेत्र में सी मार्ट की स्थापना की जाएगी।

इनमें छत्तीसगढ़ के ग्रामीण अंचल आदिवासी अंचल में बनने या होने वाले उत्पाद बिक्री के लिए होंगे।

विधायक निधि की राशि 2 करोड़ से बढ़ाकर 4 करोड़ की गई।

राज्य में मलखम्ब अकादमी की स्थापना की जाएगी।

सीएम बघेल की बड़ी घोषणाएं:

सरपंचों का भत्ता प्रतिमाह दो हजार से बढ़ाकर 4000 किया गया।

पंचायत क्षेत्र में खदान संचालित करने हेतु ग्राम पंचायत की सहमति जरूरी।

मोर जमीन मोर मकान एवं मोर मकान मोर चिन्हारी योजनाओं के लिए 450 करोड़ का प्रावधान।

नगरीय निकायों के संपत्ति के ऑफसेट मूल्य को कलेक्टर गाइडलाइन में निर्धारित दर से 30% कम करने की घोषणा।

मिशन अमृत 2.0 के तहत समस्त घरों में नल कनेक्शन प्रदान करने हेतु 200 करोड़ का प्रावधान।

खेल गतिविधियों को बढ़ावा देने राजीव युवा मितान क्लब के लिए 75 करोड़ का प्रावधान।

जिला पंचायत विकास निधि योजना में 22 करोड़ का प्रावधान।

जनपद पंचायत विकास निधि योजना में 66 करोड़ का प्रावधान।

जिला पंचायत अध्यक्ष का मानदेय 15000 से बढ़ाकर 25000 किया गया।

जिला पंचायत उपाध्यक्ष का मानदेय 10000 से बढ़ाकर 15000 किया गया।

जिला पंचायत सदस्य का मानदेय 6000 से बढ़ाकर 10000 प्रति माह किया गया।

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