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Russia – Ukraine Crisis: NMC Allows Ukraine-returned MBBS Students To Complete Internship In India

यूक्रेन से भारत वापस आए मेडिकल के छात्रों को मिली राहत, एन एम सी ने दी भारत में 1 साल की इंटर्नशिप पूरी करने की अनुमति, लेकिन इसके लिए देना होगा एफएमजीई परीक्षा

Russia – Ukraine Crisis: NMC Allows Ukraine-returned MBBS Students To Complete Internship In India
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रूस-यूक्रेन में जंग जारी है। इस बीच यूक्रेन में पढ़ाई कर रहे हजारों विद्यार्थी भारत वापस आए हैं। भारत से हर वर्ष कई विद्यार्थी यूक्रेन मेडिकल की पढाई करने जाते हैं और मौजूदा समय में यूक्रेन और रूस के बीच जंग की वजह से मेडिकल की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को संकट का सामना करना पड़ा है। इस बीच इस संकट का सामना कर रहे मेडिकल छात्रों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। नेशनल मेडिकल कमीशन यानी NMC ने एक सर्कुलर जारी करते हुए इस बात की जानकारी दी है कि यूक्रेन से वापस आने वाले छात्र अब भारत में ही अपनी एक साल की इंटर्नशिप को पूरा कर सकते हैं। इन छात्रों की परेशानी को देखते हुए उनके भारत में इंटर्नशिप के आवेदन को योग्य माना जाएगा। इससे उन सैकड़ों छात्रों को राहत मिलेगी जो इस संकट के कारण अपने पाठ्यक्रम को अधूरा छोड़ कर वापस भारत आ गए हैं।
एनएमसी ने यह सर्कुलर अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर भी जारी किया है। विद्यार्थी से अधिक जानकारी के लिए एनएमसी की आधिकारिक वेबसाइट nmc.org.in पर जाकर इसे पढ़ सकते हैं।

बता दें कि हाल ही में केंद्र सरकार ने यूक्रेन से पढ़ाई को अधूरा छोड़कर वापस लौटे मेडिकल छात्रों की इंटर्नशिप के संबंध में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नेशनल मेडिकल कमीशन और नीति आयोग को Foreign Medical Graduate Licentiate फॉरेन मेडिकल ग्रैजुएट लाइसेंस एक्ट-2021 में राहत और मदद देने की संभावनाएं तलाशने को कहा था। इसके बाद एनएमसी की ओर से यह सर्कुलर जारी किया गया है।
एनएमसी की ओर से जारी सूचना में यह बताया गया है कि यूक्रेन से भारत आए छात्रों ने एनबीई की ओर से आयोजित एफएमजीई परीक्षा को पास किया हो। अगर छात्र सभी योग्यताओं को पूरा करते हैं तो उन्हें राज्य चिकित्सा परिषद की ओर से 12 महीने की इंटर्नशिप के लिए अंतरिम पंजीकरण दिया जाएगा। एनएमसी ने आगे बताया कि राज्य परिषदें इस बात का भी ध्यान रखेगी कि छात्रों से इंटर्नशिप पूरी करने के लिए कॉलेज की ओर से कोई भी शुल्क न लिया जाए। इस सर्कुलर में बताया गया है कि फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट को मिलने वाले स्टाइपेंड को भी भारत के सरकारी कॉलेज के मेडिकल छात्रों के बराबर किया जाएगा।

क्या है एफएमजीई परीक्षा :
एफएमजीई परीक्षा का पूरा नाम फॉरेन मेडिकल ग्रेजुएट्स एग्जामिनेशन है। इसका आयोजन एनबीई (National Examination Board) करता है। इस परीक्षा को हर साल दो बार जून और दिसंबर के महीने में आयोजित किया जाता है। जो भी छात्र विदेशी कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई करते हैं, उन्हें भारत में उच्च शिक्षा और डॉक्टरी (प्रैक्टिसिंग) के लिए इस परीक्षा को पास करना अनिवार्य है। परीक्षा में सफल होने के लिए छात्रों को न्यूनतम 50 फीसदी अंक लाने होते हैं और इसके बाद छात्रों को स्थाई पंजीकरण प्रदान किया जाता है।

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