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हरीश रावत की नींबू पार्टी और सीएम धामी की त्रिवेंद्र सिंह से मुलाकात से बढ़ी सियासी सरगर्मी

Harish Rawat gave himalayan lemon and Malta party to workers
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उत्तराखंड विधानसभा चुनाव होने के बाद भाजपा और कांग्रेस के नेताओं को मतगणना का इंतजार है। इससे पहले दोनों दलों के नेता सरकार बनाने के लिए अपनी अपनी तैयारियों में जुटे हुए हैं। रविवार को उत्तराखंड राजनीति गलियारों में दो तस्वीरों मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत अपनी-अपनी पार्टी के नेताओं से मुलाकात कर आगे की दिशा तय करते हुए नजर आए। पहले बात करेंगे हरीश रावत की। उत्तराखंड सियासत में हरदा पार्टी देने के लिए मशहूर हैं। रविवार को भी मौका था और दस्तूर भी तो हरीश रावत ने राजधानी देहरादून स्थित कांग्रेस भवन में ‘नींबू माल्टा’ पार्टी का आयोजन किया। हालांकि इस आयोजन से रावत ने शक्ति प्रदर्शन भी किया। हरदा ने एक बार फिर पार्टी देकर सुर्खियां बटोरी। पार्टी में नेता प्रतिपक्ष प्रीतम सिंह और उनके कई समर्थक मौजूद रहे। नींबू पार्टी में प्रीतम पहुंचे तो हरदा ने उनका मुंह मीठा कराने में देर नहीं लगाई। कुछ देर बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल भी पार्टी में शामिल होने के लिए पहुंच गए। प्रीतम सिंह के साथ पार्टी में कुछ पुराने रूठे हुए चेहरे भी नजर आए, इसे हरदा का नया दांव भी माना जा रहा है। वहीं दूसरी ओर उत्तराखंड भाजपा में गुटबाजी के बाद 4 दिन बाद राजधानी दिल्ली से लौटे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत से अचानक मुलाकात कर सियासी गलियारों में एक बार फिर से गर्माहट पैदा कर दी। बता दें कि रविवार शाम को
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दिल्ली से लौटने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत के आवास पर पहुंच कर सियासी हालात पर चर्चा की। साढ़े पांच बजे जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने के बाद वे सड़क मार्ग से सीधे पहले डिफेंस कालोनी स्थित पूर्व सीएम त्रिवेंद्र के आवास पर पहुंचे। वहीं धामी ने त्रिवेंद्र को शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद धामी की दूसरी बार पूर्व सीएम त्रिवेंद्र के आवास पर पहुंचे। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री धामी दिल्ली रवाना होने से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक से मुलाकात कर चुके हैं। अब उत्तराखंड की सियासत में धामी और त्रिवेंद्र की इस मुलाकात के कई मायने निकाले जा रहे हैं।

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