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Uttarakhand 2022 Assembly polls: Poll campaigning ends in Uttarakhand

उत्तराखंड में चुनाव प्रचार हुआ खत्म, 632 प्रत्याशी मैदान में, अब जनता की बारी

Poll campaigning ends in Uttarakhand

उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव प्रचार शनिवार शाम 6 बजे खत्म हो गया । सभी पार्टियों ने जीत के लिए कमर कस ली है । अब कोई दल या प्रत्याशी रैली, जनसभा या अन्य माध्यम से प्रचार नहीं कर पाएगा। मतदाताओं से डोर टू डोर संपर्क किया जा सकता है। अब जनता की बारी है। आखिरी दिन सभी पार्टियों के नेताओं ने प्रचार में खूब पसीना बहाया। एक चरण में 14 फरवरी, सोमवार को वोट डाले जाएंगे। उत्तर प्रदेश के दूसरे चरण का भी प्रचार खत्म हो गया। इसके साथ गोवा का भी चुनाव प्रचार खत्म हो गया। उत्तराखंड के विधानसभा चुनाव में इस बार सभी 70 सीटों पर 632 प्रत्याशी मैदान में ताल ठोक रहे हैं। इनमें से 391 प्रत्याशी गढ़वाल मंडल के सात जिलों की 41 सीटों से जबकि कुमाऊं मंडल की 29 सीटों पर 241 प्रत्याशी मैदान में हैं। देहरादून जिले की 10 सीटों पर 117 प्रत्याशी, हरिद्वार जिले की 11 विधानसभा सीटों पर 110 प्रत्याशी, उत्तरकाशी जिले की तीन सीटों पर 23 प्रत्याशी व चमोली जिले की तीन विधानसभा सीटों पर 31 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। रुद्रप्रयाग जिले की दो विधानसभा सीटों पर 25, टिहरी जिले की छह विधानसभा सीटों पर 38, पौड़ी जिले की छह विधानसभा सीटों पर 47 प्रत्याशी और पिथौरागढ़ जिले की चार विधानसभा सीटों पर 28 प्रत्याशी किस्मत आजमा रहे हैं। बागेश्वर जिले की दो विधानसभा सीटों पर 14 प्रत्याशी, अल्मोड़ा जिले की छह विधानसभा सीटों पर 50 प्रत्याशी, चम्पावत जिले की दो विधानसभा सीटों पर 14 प्रत्याशी, नैनीताल जिले की छह विधानसभा सीटों पर 63 प्रत्याशी और ऊधमसिंह नगर जिले की नौ विधानसभा सीटों पर 72 प्रत्याशी चुनाव मैदान में हैं। सबसे अधिक 19 प्रत्याशी देहरादून की धर्मपुर विधानसभा सीट पर हैं। प्रचार के आखिरी दिन भाजपा कांग्रेस आम आदमी पार्टी समेत अन्य प्रत्याशियों ने पूरी ताकत झोंक दी। उत्तराखंड में विधानसभा चुनाव को सकुशल निपटाने के लिए शनिवार दोपहर से ही पोलिंग पार्टियां दूरस्थ मतदान केंद्रों के लिए रवाना हो गईं। इन मतदान केंद्रों तक पहुंचने लिए मतदान अधिकारियों को खूब मशक्कत करनी होगी, खूब पसीना बहाना पड़ेगा। इनमें कई मतदान केन्द्रों तक पहुंचने के लिए इन दलों को पूरा एक दिन पैदल चलना पड़ेगा। वहीं रविवार को भी पोलिंग पार्टियां रवाना होंगी। चुनाव प्रचार खत्म होने से पहले शनिवार को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि अगर हमारी पार्टी सत्ता में आई तो समान नागरिक संहिता लागू किया जाएगा। देहरादून में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान सीएम ने कहा कि इस बार भाजपा की सरकार बनते ही यूनिफॉर्म सिविल कोड का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए कमेटी बनेगी और यूनिफॉर्म सिविल कोड का दायरा विवाह, तलाक, जमीन जायदाद व उत्तराधिकार के मामले तक इसमें शामिल किए जाएंगे।

प्रचार के आखिरी दिन भाजपा, कांग्रेस समेत तमाम दलों के नेताओं ने झोंकी ताकत–

शनिवार को प्रचार थमने से पहले पीएम नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी, सचिन पायलट, दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने चुनावी रैली की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तराखंड के रुद्रपुर में जनसभा करने पहुंचे। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि पुष्कर धामी के काम ने लोगों का मुंह बंद करा दिया है, जो कहते थे कि दूर-सुदूर इलाकों में वैक्सीन नहीं पहुंच सकती है। ये वही लोग हैं जिन्होंने टीकाकरण अभियान के दौरान भारत की वैक्सीन को लगातार बदनाम किया है। पीएम मोदी ने कहा, अफवाह फैलाने वाले नहीं चाहते थे कि वैक्सीन का कवच पाने के बाद रोजगार और उद्योग धंधे फिर से चल पड़ें। प्रधानमंत्री ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आपने उत्तराखंड में एक बार फिर डबल इंजन की सरकार पर मुहर लगा दी है। वहीं कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने खटीमा में जनसभा को संबोधित किया। प्रियंका गांधी ने मोदी सरकार पर हमला बोला। कहा कि मोदी सरकार केवल दो उद्योगपतियों की सरकार बनकर रह गई है। प्रियंका ने कहा कि प्रधानमंत्री ने कहा था कि कांग्रेस ने प्रवासी श्रमिकों की मदद की और राजनीति करके देश भर में कोरोना फैलाया। वे सड़कों पर चल रहे थे, उनके लिए कोई सुविधा नहीं थी। क्या हम उन्हें ऐसे ही छोड़ देते? तब हम राजनीति नहीं कर रहे थे, अपना फर्ज निभा रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में कांग्रेस जरूर सत्ता में आएगी, क्योंकि जनता भाजपा सरकार से थक चुकी है। केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह उत्तराखंड पहुंचे। उन्होंने बागेश्वर के कपकाकोट में जनसभा को संबोधित किया और भाजपा को वोट देने की अपील की। राजनाथ सिंह ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने उत्तराखंड को विशेष दर्जा दिया था। लेकिन जब कांग्रेस राज्य और केंद्र में सत्ता में आई, तो उसने राज्य को विशेष दर्जा से वंचित कर दिया। जब पीएम मोदी सत्ता में आए, तो उन्होंने स्थिति बहाल कर दी। गृहमंत्री अमित शाह ने धनोल्टी विधानसभा में भाजपा प्रत्याशी प्रीतम सिंह पंवार के समर्थन में जनसभा की। उन्होंने उत्तराखंड को भाजपा ने बनाया और भाजपा ने उत्तराखंड को संवारा है। इस दौरान वे कांग्रेस पर निशाना साधने से भी नहीं चूके। शाह ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन के दौरान कांग्रेस ने यहां के लोगों पर अत्याचार किया। भाजपा की उपलब्धियां लोगों के सामने रखते हुए उन्होंने कहा कि भाजपा ने चारधाम का पुनर्निमाण किया। बदरीनाथ में ढाई सौ करोड़ का का मास्टर प्लान तैयार किया गया है और इस पर कार्य शुरू किया जा रहा है। वहीं दूसरी ओर यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शनिवार को नई टिहरी पहुंचे। यहां सभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने लोगों से एक बार फिर कमल को वोट देने की अपील की। कांग्रेस पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कांग्रेस को डूबता जहाज बताया और कहा कि जहां नहीं डूबे वहां भी पार्टी को दोनों भाई बहन डूबा रहे।

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