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कर्नाटक में हिजाब पहनने मामले में आज हाईकोर्ट लेगा अहम फैसला, हाईकोर्ट के फैसले पर सबकी निगाह टिकी

Karnataka Hijab Row: High Court hears Petition as protests escalate Statewide
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(गरमाई सियासत)

कर्नाटक में लड़कियों के हिजाब पहनने को लेकर आज हाईकोर्ट के फैसले पर लगी निगाहें

दक्षिणी कर्नाटक में स्कूली लड़कियों को हिजाब पहनावे को लेकर उठे विवाद ने राज्य ही नहीं बल्कि देश के कई भागों में सियासी तूल पकड़ लिया है। कर्नाटक से लेकर दिल्ली तक मामला गरमाया हुआ है। पांच राज्यों में हो रहे विधानसभा चुनाव के बीच इस मामले में राजनीतिक दलों के नेता आमने-सामने आ गए हैं। संसद में भी यह मामला कांग्रेस सांसद ने उठाया। उडुपी जिले से शुरू हुआ हिजाब विवाद कई शहरों में फैल गया है। इसे देखते हुए कर्नाटक की बसवराज बोम्मई सरकार ने पूरे स्कूल कॉलेज 3 दिनों के लिए बंद कर दिए हैं। तमाम स्वयंसेवी संगठन और राज्य सरकार लोगों से शांति बनाए रखने की अपील कर रही हैं। आज एक बार फिर कर्नाटक हाईकोर्ट इस मामले पर सुनवाई करेगा। इससे पहले मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की थी। कर्नाटक हाईकोर्ट हिजाब पहनने के छात्राओं के अधिकार के लिए उनकी एक याचिका पर विचार कर रहा है। मंगलवार को कर्नाटक के मांड्या में हिजाब पहनी लड़की को प्रदर्शनकारी छात्रों ने घेर लिया। लड़के जय श्री राम का नारा लगा रहे थे। जिसके जवाब में लड़की ने भी अल्लाह हू अकबर का नारा लगाया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है। लोग इसको लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रिया व्यक्त कर रहे हैं। वहीं एआईएमआईएम के सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी कर्नाटक के हिजाब विवाद में कूद गए हैं।
असदुद्दीन ओवैसी ने छात्राओं का समर्थन किया। उन्होंने एक ट्वीट में कहा कि कर्नाटक में मुस्लिम छात्राओं ने हिंदुत्व की भीड़ के अत्यधिक उकसावे के बावजूद काफी साहस का प्रदर्शन किया है। उन्होंने यूपी की एक जनसभा में भी इस मुद्दे को उठाया। ओवैसी ने कहा कि वहां की महिला बच्चियों को स्कूल और कॉलेज में हिजाब पहनने से रोका जा रहा है। मैं भाजपा के इस फैसले की निंदा करता हूं। अब इस मामले में कर्नाटक हाईकोर्ट के फैसले का इंतजार है। ऐसे शुरू हुआ यह पूरा विवाद। पिछले महीने जनवरी में कर्नाटक के जिले उडुपी में एक सरकारी स्कूल में छात्राओं ने हिजाब पहनकर एंट्री ली थी। प्रशासन ने छात्राओं को हिजाब पहनने से मना किया था लेकिन वह फिर भी पहन कर आई। उसके बाद से ही हिजाब को लेकर बवाल शुरू हो गया था और इससे कई जगहों पर पढ़ाई भी प्रभावित हुई। इस मामले की सियासी तपिश बजट सत्र के दौरान संसद में भी देखने को मिली।

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