मंगलवार, मई 17Digitalwomen.news

International Port in Bihar: बिहार में बनने जा रहा है पहला इंटरनेशनल बंदरगाह, जाने क्या है इसका नाम और कब होगी इसकी शुरुआत

Kalughat International Port in Bihar

Kalughat International Port in Bihar
JOIN OUR WHATSAPP GROUP

बिहार की उन्नति के दिशा में एक बड़ा काम होने जा रहा है। राज्य के सारण/छपरा जिले में अब अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह बनने जा रहा है। इस अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह का शिलान्यास कल 5 फरवरी को होगा। पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल गायघाट स्थित भारतीय अंतरदेशीय जलमार्ग प्राधिकरण से इसका शिलान्यास कार्यक्रम करेंगे। यह अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह सारण जिले के कालू घाट में बनकर तैयार होगा।

बता दें कि साल 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा था कि राज्य में समंदर और बंदरगाह नहीं हैं इसलिए यहां उद्योग धंधे विकसित नहीं किए जा सकते हैं। 2 साल के भीतर इस बंदरगाह की शुरुआत की जा रही है।

आइए जानते हैं बिहार के पहले अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह कालू घाट बंदरगाह (Kalughat International Port in Bihar ) के बारे में:

  • कालू घाट अंतरराष्ट्रीय बंदरगाह 13.17 एकड़ में फैला होगा।
  • इस बंदरगाह के निर्माण पर 78.5 करोड़ रुपये खर्च होंगे।
  • दो साल में कालू घाट बंदरगाह को पूरी तरह से तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
  • अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग से हल्दिया पहुंचने वाला कंटेनर गंगा के रास्ते कालू घाट पहुंचेगा।
  • सड़क मार्ग से कंटेनर उत्तर बिहार के विभिन्न जिलों एवं नेपाल भेजा जाएगा।
  • हल्दिया से कालू घाट की दूरी करीब 900 किलोमीटर है। इसे तय करना आसान और सुरक्षित होगा। समय की भी बचत होगी।
  • हवाई, रेल व सड़क मार्ग की अपेक्षाकृत जल मार्ग से कंटेनरों द्वारा माल मंगाना और भेजना बहुत सस्ता होगा।
  • जलमार्ग से 20 से 40 फीट लंबे कंटेनर में माल की ढुलाई होगी। इसमें कोलकाता स्थित गार्डेन रीच बंदरगाह भी सहायक होगा।

5 फरवरी को केंद्रीय मंत्री हरी झंडी दिखाकर पोत को रवाना करेंगे। इसकी पहली खेप गायघाट स्थित बंदरगाह से असम के गुवाहाटी स्थित बंदरगाह के लिए 200 टन चावल की होगी जो गंगा के रास्ते रवाना की जाएगी। यह चावल फूड कारपोरेशन ऑफ इंडिया का होगा। यह पोत चावल लेकर पटना से गंगा के रास्ते भागलपुर, साहेबगंज, फरक्का, कोलकाता होते हुए यह बांग्लादेश के जलमार्ग से होते हुए गुवाहाटी तक पहुंचेगा। इसके सफल ट्रायल सफल होते ही बंदरगाह के निर्माण कार्य को शुरू किया जाएगा।

Leave a Reply

%d bloggers like this: