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Mulayam Singh’s daughter-in-law Aparna Yadav joins BJP

मुलायम सिंह की बहू हो गईं भाजपाई, पार्टी में शामिल होते ही सपा की शुरू की खिलाफत

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले आज समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह परिवार को सबसे बड़ा झटका लगा । सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने पिछले कुछ दिनों में भाजपा के तीन पूर्व मंत्रियों समेत कई विधायकों को अपने पाले में कर लिया था। अखिलेश के दांव पर भाजपा ने आज पलटवार किया । समाजवादी पार्टी के लिए चुनाव से पहले उनके परिवार के सदस्य ने लाल टोपी उतारकर भगवा धारण कर लिया । ‌हम बात कर रहे हैं समाजवादी पार्टी के संरक्षक और पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव की। कई दिनों से शिवपाल यादव की नसीहत और अखिलेश यादव की नाराजगी को दरकिनार करते हुए अपर्णा यादव भाजपाई हो गईं। दिल्ली में अपर्णा यादव ने भाजपा का दामन थाम लिया है। अपर्णा ने यूपी भाजपा अध्यक्ष स्वतंत्र देव सिंह और उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में पार्टी में शामिल हुईं। पार्टी में शामिल होते ही उन्होंने सपा पर जबरदस्त निशाना साधा। अपर्णा मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे प्रतीक यादव की पत्नी हैं। उत्तराखंड की मूल निवासी अपर्णा अब भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ेंगी। बताया जा रहा है कि वे लखनऊ कैंट से टिकट नहीं मिलने से नाराज थीं। शिवपाल यादव और अखिलेश यादव ने भी अर्पणा यादव को भाजपा में न जाने के लिए दबाव भी बनाया था। लेकिन अपर्णा ने इन दोनों की नाराजगी को दरकिनार करते हुए भाजपा की सदस्यता ले ली है। यह मुलायम सिंह यादव के परिवार में सबसे बड़ी फूट मानी जा रही है। यादव परिवार के बड़े सदस्य ने पहली बार भाजपा की सदस्यता ली है।


अपर्णा ने भाजपा में शामिल होते ही सपा पर साधा निशाना—


उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अब मुलायम सिंह यादव की बहू खुद चुनावी मैदान में उतर कर समाजवादी पार्टी की नीतियों का विरोध करते हुए नजर आएंगी। उन्होंने इसके संकेत आज ही भाजपा में शामिल होते दे दिए हैं। अपर्णा ने भाजपा की सदस्यता लेने के बाद पीएम मोदी और सीएम योगी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि मैं राष्ट्र की आराधना करने निकली हूं। मुझे आपका सहयोग बहुत जरूरी है। इसके बाद उन्होंने समाजवादी पार्टी पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा कि सपा के शासन में गुंडागर्दी को इतना तवज्जो दिया जाता है कि बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं थी।‌ शाम होते ही घरों के दरवाजे बंद हो जाते थे। मेरे लिए राष्ट्र सबसे जरूरी है, इसीलिए मैं हमेशा से प्रधानमंत्री जी से प्रभावित रही हूं। इस दौरान केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में अखिलेश जी असफल रहें हैं, साथ ही वह परिवार में भी असफल रहे हैं। इसी वजह से वह विधानसभा चुनाव लड़ने से भी बच रहे हैं।‌ अपर्णा यादव लखनऊ कैंट सीट से चुनाव लड़ना चाहती थीं, लेकिन समाजवादी पार्टी में रहते हुए ऐसा नहीं हो पा रहा था। इसी को लेकर परिवार में अपर्णा का विवाद भी शुरू हो गया था। जिस पर शिवपाल यादव और अखिलेश यादव ने भी नाराजगी जाहिर की थी।‌ इसके बाद अपर्णा ने भाजपा में शामिल होने के लिए तैयारी शुरू कर दी। आखिरकार आज दिल्ली में उन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर ली है ।

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