मंगलवार, अगस्त 9Digitalwomen.news

Celebrating the 191st birthday of Fatima Sheikh, a social reformer who was the first Woman Muslim Teacher of Modern India

देश के पहली महिला मुस्लिम शिक्षिका फातिमा शेख की 191वीं जयंती आज, समाज के गरीबों की शिक्षा में दिया था बड़ा योगदान

Celebrating the 191st birthday of Fatima Sheikh, a social reformer who was the first Woman Muslim Teacher of Modern India
JOIN OUR WHATSAPP GROUP

आज भारत की पहली मुस्लिम महिला शिक्षिका फामिता शेख की 191 वीं जयंती है। इस मौके पर गूगल ने उन्हें डूडल बनाकर सम्मानित किया है।

कौन थी फातिमा शेख:

फातिमा शेख का जन्म आज के ही दिन 9 जनवरी 1831 को भारत के पुणे महाराष्ट्र में हुआ था। फातिमा एक महिला शिक्षिका के साथ-साथ महान समाज सुधारक ज्योतिबा फुले और सावित्रीबाई फुले की सहयोगी भी रही है। जब सावित्रीबाई फूले को दलित व गरीबों को शिक्षा देने के विरोध में उनके पिता ने घर से निकाल दिया था तो उस्मान शेख व फातिमा ने उन्हें शरण दी थी। उन्होंने समाज सुधारक ज्योति बा फुले और सावित्री बाई फुले के साथ मिलकर 1848 में स्वदेशी पुस्तकालय की शुरुआत की थी, यह देश में लड़कियों का पहला स्कूल माना जाता है।

Fatima Sheikh, a social reformer who was the first Woman Muslim Teacher of Modern India

स्वदेशी पुस्तकालय की स्थापना शेख के घर में ही हुई थी। यहीं फातिमा शेख और फुले दंपती ने समाज के गरीब व वंचित तबकों व मुस्लिम महिलाओं को शिक्षा देने का काम शुरू किया था। पुणे के इसी स्कूल में उन लोगों को शिक्षा देने का महायज्ञ शुरू हुआ था, जिन्में जाति, धर्म व लिंग के आधार पर उस वक्त शिक्षा से वंचित रखा जाता था।

फातिमा घर-घर जाती थीं बच्चों को बुलाने के लिए:
फातिमा शेख बच्चों को अपने घर में पढ़ने बुलाने के लिए घर-घर जाती थीं। वह चाहती थीं कि भारतीय जाति व्यवस्था की बाधा पार कर वंचित वर्ग के बच्चे पुस्तकालय में आएं और पढ़ें। वह फुले दंपती की तरह जीवन भर शिक्षा व समानता के लिए संघर्ष में जुटी रहीं। अपने इस मिशन में उन्हें भारी अवरोधों का भी सामना करना पड़ा। समाज के प्रभावशाली तबके ने उनके काम में रोड़े डाले। उन्हें परेशान किया गया, लेकिन शेख व उनके सहयोगियों ने हार नहीं मानी।

Leave a Reply

%d bloggers like this: