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5 राज्यों के चुनाव को लेकर आयोग भी मैदान में, जनवरी के पहले सप्ताह में बज सकती है डुगडुगी

EC begins exercise for polls in 5 states

पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी सरगर्मियों, मीटिंग, ताबड़तोड़ जनसभाएं और रैली के साथ एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप पूरे चरम पर है । इससे संकेत मिल रहे हैं कि निर्वाचन आयोग भी अब चुनाव की तारीखों का एलान करने के लिए मैदान में आ चुका है। अगले साल फरवरी-मार्च में होने जा रहे पांच राज्यों, उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में आयोग ने दौड़ लगानी शुरू कर दी है। मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा ने अपनी टीम के साथ तीन दिनी दौरे पर गोवा में डेरा जमा लिया है। यहां आयोग की टीम विधानसभा चुनाव की तैयारियों का जायजा लेगी। बता दें कि इससे पहले पिछले हफ्ते निर्वाचन आयोग ने पंजाब का भी दौरा कर चुनाव की स्थिति की समीक्षा की थी। अनुमान लगाया जा रहा है कि जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में आयोग पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों की तारीखों की डुगडुगी बजा देगा। यहां हम आपको बता दें कि मतदान संबंधित तारीखों की घोषणा से पहले चुनाव आयोग चुनाव वाले राज्यों के दौरे पर इसलिए जाता है, ताकि स्थानीय प्रशासन से वहां के त्योहारों, मौसम की स्थिति, फसल चक्र, कानून-व्यवस्था की स्थिति के साथ-साथ सेंट्रल फोर्स की जरूरतों को लेकर चर्चा कर सके। इस समय कोविड प्रोटोकॉल भी चर्चा का एक अहम मुद्दा है। इसके अलावा आयोग चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों के लोगों के साथ भी उनकी समस्याओं को लेकर बातचीत करता है। फिर उसी आधार पर अपनी आगे की तैयारियों को अंतिम रूप देता है।

मुख्य चुनाव आयुक्त सुशील चंद्रा 23 को उत्तराखंड में लेंगे तैयारियों का जायजा–

गोवा के तीन दिवसीय दौरे के बाद मुख्य निर्वाचन आयुक्त सुशील चंद्रा अपनी टीम के साथ दो दिवसीय दौरे पर उत्तराखंड आएंगे। यहां आयोग की टीम जिलाधिकारियों, पुलिस अधीक्षक के साथ बैठक कर चुनाव तैयारियों की समीक्षा करेगी। साथ ही राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक करेंगे। इसके बाद उत्तर प्रदेश और मणिपुर में भी निर्वाचन आयोग विधानसभा चुनाव की तैयारियों और जानने के लिए जाएगी। बता दें कि चुनाव आयोग पहले ही मतदान वाले राज्यों से 1 जनवरी मतदाता सूची प्रकाशित करने को कहा है। सामान्य तौर पर चुनाव आयोग मतदान वाले राज्यों में ताजा मतदाता सूची प्रकाशित होने तक चुनावों की घोषणा की प्रतीक्षा करता है, लेकिन यह कोई अनिवार्य प्रक्रिया नहीं है। आपको बता दें कि निर्वाचन आयोग अगले साल 5 जनवरी के बाद कभी भी उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, गोवा, मणिपुर में विधानसभा चुनावों की तारीखों का एलान कर सकता है। आयोग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2017 में इन पांचों राज्यों में विधानसभा चुनाव के तारीखों का एलान 6 जनवरी को हुआ था। मार्च-अप्रैल में सीबीएसई सहित इन सभी राज्यों के शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए निर्वाचन आयोग मार्च के पहले हफ्ते तक इन सभी राज्यों में विधानसभा चुनाव समाप्त कराने की तैयारी में है। वर्ष 2017 में इन राज्यों में चुनाव 8 मार्च को खत्म हो गए थे और नतीजे 11 मार्च को आए थे।

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