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निर्माण के लगभग ढाई दशक बाद कुशीनगर का एयरपोर्ट हुआ तैयार, पीएम मोदी आज करेंगे इस ऐतिहासिक एयरपोर्ट का उद्घाटन

PM Modi to inaugurate Kushinagar International Airport today

आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कुशीनगर के ऐतिहासिक एयरपोर्ट का उद्घाटन करने वाले हैं।
इस दौरान प्रधानमंत्री के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी मौजूद रहेंगे। कुशीनगर का यह एयरपोर्ट उत्तर प्रदेश का तीसरा व सबसे लंबे रनवे वाला एयरपोर्ट होगा। इसका जीर्णोद्धार वर्ष 1995 में ही हो चुका था लेकिन इसके जीर्णोद्धार के ढाई दशक बाद अब जाकर इस एयरपोर्ट से नियमित उड़ान शुरू होगी। कुशीनगर के एयरपोर्ट की शुरुआत के साथ इस क्षेत्र में रोजगार और लोगों को पर्यटन से कारोबार को लेकर बड़ी उम्मीद है।इसके अलावा हर वर्ष श्रीलंका, म्यांमार, थाईलैंड आदि बौद्धिस्ट देशों के लोग यहां हर वर्ष शामिल होते हैं। इसके अतिरिक्त हर साल जर्मनी, फ्रांस, इंग्लैंड आदि देशों के इतिहासकार, शोधार्थी व पुरातत्वविद भी कुशीनगर की प्राचीनता को जानने आते हैं।

क्या कुशीनगर एयरपोर्ट का इतिहास:

ब्रिटिश हुकूमत में देवरिया-कुशीनगर का यह इलाका गन्ने की खेती के लिए जाना जाता था। तब यहां 13 चीनी मिलें स्थापित थीं। वर्ष 1946 में अंग्रेज अफसरों के आवागमन के लिए कसया के भलुही मदारीपट्टी गांव में एयरोड्रम का निर्माण हुआ था, लेकिनअंग्रेज इसका उपयोग नहीं कर पाए। वर्ष 1954 में कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय बौद्ध सम्मेलन का आयोजन हुआ। जिसमें चीन, ताइवान, तिब्बत, थाईलैंड समेत बौद्ध अनुयायी देशों के प्रतिनिधियों और राष्ट्राध्यक्षों ने भी प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम के लिए कसया की इस हवाई पट्टी का पहली बार प्रयोग किया गया। लेकिन उसके बाद से इसे बिसरा दिया गया। धीरे-धीरे आस-पास गांव के लोगों ने हवाई पट्टी का उपयोग वाहन चलाना सीखने व फसलों की मड़ाई के लिए करना शुरू कर दिया। हवाई पट्टी के बीच से ही सड़क बन गई।
वर्ष 1995 में प्रदेश में जब बसपा की सरकार बनी तो मुख्यमंत्री मायावती ने कुशीनगर की इस हवाई पट्टी के जीर्णोद्धार के लिए प्रयास शुरू किया। उस वक्त हवाई पट्टी के रनवे की मरम्मत के अलावा बाउंड्रीवाल, प्रतीक्षालय, एटीसी बिल्डिंग, गेस्ट हाऊस आदि का निर्माण कराया गया। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री रहे गुलाम नबी आजाद ने इसका उद्घाटन भी किया। दुर्भाग्य की बात यह रही कि इस एयरपोर्ट से उड़ान शुरू नहीं हो सकी।

वर्ष 2008 में मुख्यमंत्री के तौर पर मायावती कुशीनगर आई थीं। अपने आध्यात्मिक गुरु एबी ज्ञानेश्वर से मिलकर लौटीं मायावती ने कुशीनगर में अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट बनवाने की घोषणा की। इसके लिए प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया। मंजूरी भी मिल गई, लेकिन निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पाया। वर्ष 2012 में प्रदेश की सत्ता संभालते ही सपा सरकार ने मैत्रेय प्रोजेक्ट को लेकर तत्परता दिखाई। एयरपोर्ट के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई। मैत्रेय प्रोजेक्ट के विरोध को देखते हुए एयरपोर्ट के लिए जमीन मिलना मुश्किल था, लेकिन तत्कालीन डीएम के प्रयासों से जमीन अधिग्रहण का काम जल्दी ही पूरा हो गया।
इस अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे को अपने उद्घाटन के लिए भी लंबा इंतजार करना पड़ा। एयरपोर्ट का 3200 मीटर लंबा रनवे सबसे पहले बनकर तैयार हुआ। इसके बाद पुराने टर्मिनल बिल्डिंग का जीर्णोद्धार कर उद्घाटन की तैयारी शुरू हुई। कोरोना संक्रमण के चलते कार्यक्रम टल गया। इस दरम्यान यहां नया एटीसी टॉवर और जर्मन फेब्रिक से नया टर्मिनल बिल्डिंग भी बन गई। एयरपोर्ट को सीधे कुशीनगर तक फोरलेन से जोड़ने के लिए 21 करोड़ की लागत से नई सड़क का भी निर्माण शुरू हो गया। पिछले साल ही इसका उद्घाटन श्रीलंका के राष्ट्रपति की मौजूदगी में कराने की योजना थी लेकिन अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर प्रतिबंध की वजह से यह सफल नही हो पाया था।

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