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West Bengal: Mamata Banerjee back in Bengal Assembly with Bhabanipur win

5 महीने से हार का दंश झेल रहीं ममता बनर्जी ने भवानीपुर उपचुनाव से शानदार जीत दर्ज की

आखिरकार 5 महीने हार का दंश झेल रहीं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी आज जीत का स्वाद चखा। इसी साल 2 मई को बंगाल विधानसभा चुनाव के घोषित हुए परिणाम में ममता बनर्जी हार गईं थी। यह जीत दीदी के लिए बहुत ही मायने रखती है। अगर इसमें ममता चुनाव हार जातीं तो उन्हें मुख्यमंत्री की कुर्सी भी छोड़नी पड़ती। बंगाल की भवानीपुर सीट पर विधानसभा के उपचुनाव 30 सितंबर को हुए थे। आज उसका परिणाम घोषित कर दिया गया। हालांकि ममता का इस सीट से जीत तय मानी जा रही थी। तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने भाजपा की उम्मीदवार प्रियंका टिबरेवाल को 58,832 वोटों से हरा दिया है। 21 राउंड की गिनती के बाद ममता को 84,709 वोट मिले। टीएमसी कार्यकर्ता मुख्यमंत्री ममता की जीत का जमकर जश्न मना रहे हैं। अपनी शानदार जीत पर दीदी ने कहा कि जब बंगाल का चुनाव शुरू हुआ था, तब से हमारी पार्टी के खिलाफ बहुत षड्यंत्र हुआ था। केंद्र सरकार ने षड्यंत्र करके हम लोगों को हटाने का बंदोबस्त किया था, लेकिन मैं जनता की आभारी हूं कि जनता ने हमें जिताया। ममता की प्रतिद्वंद्वी प्रियंका टिबरेवाल ने कहा कि वह शालीनता के साथ हार को स्वीकार करती हैं। उन्होंने ममता बनर्जी को जीत की बधाई भी दी। साथ ही प्रियंका ने यह भी कहा कि सबसे देखा कि ममता ने कैसे जीत हासिल की। ममता बनर्जी की जीत के बाद उनके आवास के बाहर जश्न मनाया जा रहा है। कार्यकर्ता एक-दूसरे को मिठाई खिला रहे हैं और जश्न मना रहे हैं। ममता ने अपने घर के बाहर से ही कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। बता दें कि बंगाल के भवानीपुर का उपचुनाव ममता बनर्जी के लिए बेहद अहम था क्योंकि अपने पद पर बने के लिए ममता बनर्जी को विधानमंडल का सदस्य होना जरूरी है। इसके लिए उनके पास 3 नवंबर तक का समय था। भवानीपुर को ममता बनर्जी का गढ़ माना जाता है। वह यहां से दो बार पहले भी विधायक रह चुकी हैं हालांकि इस साल विधानसभा चुनाव में उन्होंने नंदीग्राम को चुना था। यहां उन्हें उनके पूर्व सहयोगी और बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी से 1,956 वोटों से मात मिली थी।

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