सामग्री पर जाएं

World Smile Day 2021: चेहरे पर मुस्कुराहट लाएं बीमारी भगाएं, आपकी हंसी किसी की खुशी का कारण भी बनती है

हंसते-हंसते कट जाए रस्ते जिंदगी यूं ही चलती रहे, खुशी मिले या गम बदलेंगे ना हम, दुनिया चाहे बदलती रहे, जीना है तो हंस के जियो जीवन में एक पल भी रोना ना, हंसना ही तो है जिंदगी, रो-रो के जीवन खोना ना। हेलो दोस्तों, आज हमारी चर्चा का विषय हंसना, (मुस्कुराना) है। आज का विषय उन लोगों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जो जिंदगी ‘मुस्कुराते’ हुए जीते हैं और विशेष परिस्थितियों में भी अपने चेहरे पर ‘शिकन’ नहीं आने देते । आप लोग सोचेंगे ये हंसने-मुस्कुराने के बाद क्यों की जा रही है, चलिए हम ही बता देते हैं। आज अक्टूबर का पहला शुक्रवार है। इस दिन दुनिया में ‘वर्ल्ड स्माइल डे’ (अंतरराष्ट्रीय मुस्कान दिवस) मनाया जाता है । इस दिवस हम भी अपने चेहरे पर मुस्कुराहट ला दे, ‘क्योंकि आपकी हंसी किसी की खुशी का कारण बन सकती है’ और आपको भी तरोताजा (फ्रेश) रखती है। बता दें कि विश्व मुस्कान दिवस मनाने के पीछे एकमात्र मकसद खुशी फैलाना है और लोगों को मुस्कुराने में मदद करने के बारे में बताना (जागरूक) करना है। ‘हंसना तनाव को कम करने का सबसे अच्छा माध्यम है। इसलिए कहा जाता है कि जितना खुश रहोगे तनाव उतना ही कम होने लगेगा। स्माइल चेहरे वाले व्यक्तियों पर अगर तनाव के बादल छा भी जाते हैं तो वह इस स्थिति में भी मजबूती से खड़े रहते हैं और उनके चेहरे पर हमेशा एक मुस्कान रहती है। क्योंकि वह जानते हैं कि हर मुश्किल का हल मुस्कुराने से कम हो सकता है। ‘ह्रदय की बीमारियों से ग्रस्त लोगों को भी डॉक्टर खुश रहने की सलाह देते हैं, ऐसा इसलिए क्योंकि व्यक्ति अगर दिल से खुश रहेगा तो वह दिल संबधित बीमारियों से बच सकता है’। हम जितना मुस्कुराएंगे और खुश रहेंगे उतना ही हमारा दिल भी स्वस्थ रहेगा। इसलिए कहा भी जाता है खुश रहना सबसे अच्छी और सस्ती दवा हंसी है।

सुबह की शुरुआत स्माइल से करें, तनाव और कई बीमारियां भी दूर होंगी:

सुबह उठते ही मुस्कुराइए ताकि आपका पूरा दिन खुशनुमा बीते। हंसी सभी पर अच्छा प्रभाव छोड़ती है और आसपास के माहौल को भी पॉजिटिव बनाती है।घर के अलावा ऑफिस, पार्क आदि जगहों पर आप लोगों को भी हंसने के लिए प्रेरित करें। ‘जब आप वास्तविकता में मुस्कुराते हैं तो आपकी बॉडी में डोपामाइन और सेरोटोनिन हार्मोन रिलीज होता है जो आपकी खुशी के लिए जिम्मेदार होता है। सेरोटोनिन हार्मोन स्ट्रेस को कम करने का काम करता है’। आप दूसरों के साथ थोड़ी खुशियां साझा कीजिए और उन्हें कोई जोक (चुटकुला) सुनाकर उनकी मुस्कुराहट ला सकते हैं। बता दें कि हल्की मुस्कान न सिर्फ चेहरे की सुंदरता में चार चांद लगाती है, बल्कि इससे मूड रिलैक्स होता है और दिल की धड़कन सामान्य होती है। ‘हंसने की आदत कई बीमारियों से बचाती है। मुस्कुराना एक एनर्जी बूस्टर की तरह काम करता है और इससे तनाव कम होता है’। किसी भी प्रकार के दर्द को कम करने में आपकी हंसी बेहद मददगार साबित हो सकती है। हंसने से शरीर में हैप्पी हार्मोन रिलीज होता है, जिससे खुशी का अनुभव और दर्द का एहसास कम होता है। एक अध्ययन के अनुसार, खुश रहने वाले लोग कम खुश रहने वाले लोगों की तुलना में सात साल ज्यादा जीते हैं और उनका स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है। मुस्कुराने से मानसिक स्वास्थ्य बेहतर होता है। इतना ही नहीं अगर आप रोजाना हंसते हैं तो आपको अपने चेहरे की सुंदरता को निखारने के लिए किसी ब्यूटी प्रोडक्ट की जरूरत नहीं पड़ेगी, क्योंकि हंसने से प्राकृतिक रूप से चेहरे में निखार आता है।

1999 से मनाया जा रहा है वर्ल्ड स्माइल डे, अमेरिकी आर्टिस्ट हार्वे बॉल ने की थी शुरुआत:

इस्माइल की शुरुआत अमेरिका से हुई थी। यूएस के ‌मैसाचुसेट्स के आर्टिस्ट हार्वे बॉल ने 1963 में एक ‘स्माइली फेस’ बनाया था। हार्वे ने स्माइल फेस इस वजह से बनाया था। बता दें कि एक अमेरिकी इंश्योरेंस कंपनी ने अपने नाराज कर्मचारियों को मनाने और उनमें जोश भरने के लिए विज्ञापन और पब्लिक रिलेशन एजेंसी चलाने वाले हार्वी बॉल से संपर्क किया। कंपनी के अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने दूसरी कंपनी के साथ विलय किया है, इससे उनके कर्मचारी ‘नाराज’ हैं। वह चाहते हैं कि उनके कर्मचारियों की नाराजगी दूर हो। इसके लिए हार्वी ने एक नायाब ‘तरीका’ निकाला। उन्होंने नाराज कर्मचारियों को मनाने के लिए ‘पीले रंग का एक हंसता हुआ चेहरा’ बनाया, जिसे आज स्माइली के नाम से जाना जाता है। ये स्माइली कर्मचारियों को बहुत पसंद आया। यह दुनिया भर में प्रसिद्ध हो गया। 1999 में हार्वी बॉल ने अक्टूबर के पहले शुक्रवार को ‘विश्व मुस्कान दिवस’ के रूप में मनाया जाने की घोषणा की थी । 2001 में हार्वे के निधन के बाद उनके नाम पर ‘हार्वे बॉल वर्ल्ड स्माइल फाउंडेशन’ बनाया गया। उन्हें सम्मानित करने के लिए उनकी याद में हर साल वर्ल्ड स्माइल डे मनाया जाता है। गौरतलब है कि 1982 को अमेरिका के पिट्सबर्ग स्थित कानर्गी मिलॉन यूनिवर्सिटी में प्रो स्कॉट ई फालमैन ने पहली बार इलेक्ट्रॉनिक संदेश के रूप में कुछ चिह्नों का प्रयोग किया था। फालमैन के सुझाव के बाद कंप्यूटर की दुनिया में एक के बाद एक सैकड़ों स्माइली आ गए। आइए वर्ल्ड स्माइल डे पर दूसरों को मुस्कुराने में मदद करिए, कोशिश करिए की आपकी वजह से किसी के चेहरे पर स्माइल हो। साथ ही अपने चेहरे पर भी मुस्कान बनाए रखिए। मुस्कुराइए, खुशियां फैलाइए और याद रखिए ‘खुशी हो या गम, हंसते रहे हम’।

एक उत्तर दें

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s

%d bloggers like this: