शुक्रवार, अगस्त 12Digitalwomen.news

आम आदमी पार्टी उत्तराखंड में बेरोजगारों के लिए 25 से रोजगार गारंटी यात्रा करेगी शुरू

पिछले रविवार को आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल उत्तराखंड के हल्द्वानी में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राज्य के बेरोजगार युवाओं के लिए बड़ी घोषणा की थी। सीएम केजरीवाल ने कहा था कि उत्तराखंड में आम आदमी पार्टी की सरकार आने पर छह महीने में एक लाख नौकरी दी जाएगी। इसके लिए केजरीवाल ने पार्टी के घोषित मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार कर्नल अजय कोठियाल को जिम्मेदारी दी थी। मुख्यमंत्री केजरीवाल की घोषणा के बाद अब आम आदमी पार्टी साल 2022 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव से पहले उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभाओं में ‘रोजगार गारंटी यात्रा’ शुरू करने जा रही है। जिसकी शुरुआत पार्टी 25 सितंबर, शनिवार से नैनीताल से करने जा रही हैं। इसका आगाज कर्नल अजय कोठियाल के नेतृत्व में होगा। गुरुवार को उत्तराखंड के आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रभारी दिनेश मोहनिया ने जानकारी देते हुए बताया कि पार्टी के वरिष्ठ नेता गांव-गांव जाकर बेरोजगार युवाओं से फीडबैक लेंगे। कर्नल कोठियाल के नेतृत्व में होने वाली इस यात्रा में 300 नुक्कड़ सभाएं, 70 बड़ी जनसभाओं के साथ हर दिन रोड शो आयोजित होगा। इस चरण के बाद अगले चरण में कर्नल कोठियाल रोजगार गारंटी यात्रा को लेकर पूरे प्रदेश में भ्रमण करेंगे। विधानसभा चुनाव से पहले आम आदमी पार्टी का यह रोजगार गारंटी यात्रा 70 दिनों तक चलेगी। इसके तहत कर्नल कोठियाल कार्यकर्ताओं के साथ एक-एक दिन हर विधानसभा में जाकर लोगों को रोजगार संबंधी जानकारी देंगे। इसके साथ ही युवाओं और वहां के उद्यमियों से बातचीत कर सुझाव भी साझा किए जाएंगे। रोजगार गारंटी यात्रा पहले चरण में 9 विधानसभाओं में आरंभ होते हुए 25 सितंबर से 3 अक्टूबर तक चलेगी। आम आदमी पार्टी की इस घोषणा के बाद एक बार फिर भाजपा और कांग्रेस में हलचल बढ़ गई है। अभी तक सीएम अरविंद केजरीवाल बेरोजगारों को नौकरी देने के अलावा ‘फ्री बिजली’, ‘उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी’ बनाने, विश्व प्रसिद्ध मशहूर पर्यावरणविद और चिपको आंदोलन के प्रणेता सुंदरलाल बहुगुणा को ‘भारत रत्न’ देने की घोषणा कर चुके हैं। अब आम आदमी पार्टी की इस रोजगार गारंटी यात्रा को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्ष कांग्रेस भी राज्य के बेरोजगारों के लिए कोई बड़ी घोषणा कर सकती है। यहां हम आपको बता दें कि उत्तराखंड में बेरोजगारी एक बड़ा मुद्दा रहा है। ‌राज्य में पर्याप्त रोजगार न होने से पढ़े-लिखे युवा अन्य राज्यों की ओर पलायन करते हैं।

Leave a Reply

%d bloggers like this: