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पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत और मंत्री हरक सिंह में ‘गधा-ढेंचा’ बयान के बाद भाजपा में बढ़ी कलह

कुछ दिनों से उत्तराखंड में पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और धामी सरकार में कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत के बीच ‘गधा और ढेंचा’ के शुरू हुए विवाद ने बुधवार को राज्य की सियासी गलियारे में हलचल मचा दी है। बता दें कि पिछले दिनों कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत ने पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत को लेकर निशाना साधा था। उसके बाद त्रिवेंद्र सिंह रावत ने भी आज पलटवार किया है। कैबिनेट मंत्री हरक ने कहा था कि पिछली कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत ढेंचा बीज घोटाले में त्रिवेंद्र की गिरफ्तारी चाहते थे, लेकिन उन्होंने कृषि मंत्री के रूप में त्रिवेंद्र को जेल जाने से बचाया था। इस पर त्रिवेंद्र सिंह रावत ने बगैर नाम लिए हरक पर तंज कसते हुए कहा कि गधा ढेंचा-ढेंचा करता है। त्रिवेंद्र यहीं नहीं रुके उन्होंने हरक सिंह के चरित्र को लेकर भी सवाल उठाए। गौरतलब है कि त्रिवेंद्र सिंह रावत और हरक सिंह रावत के के बीच टकराव काफी समय से चली आ रही है। पिछले वर्ष अक्टूबर में कर्मकार कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाए जाने पर तो हरक तत्कालीन मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र से नाराज हो गए थे उन्होंने बाकायदा प्रेस कॉन्फ्रेंस करके सार्वजनिक रूप से प्रकट भी किया था। इस विवाद की शुरुआत मंत्री हरक सिंह रावत ने पिछले दिनों एक समाचार चैनल को दिए गए साक्षात्कार के दौरान कहा था कि त्रिवेंद रावत के कृषि मंत्री रहते हुए सामने आए ढेंचा बीज घोटाले को लेकर कहा था कि हमारी सरकार आने पर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत त्रिवेंद्र रावत को जेल भेजना चाहते थे। मैंने बतौर कृषि मंत्री त्रिवेंद्र रावत के समर्थन में दो पेज की नोटिंग की, जिसके चलते उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज नहीं हो पाया और वो जेल जाने से बच गए। हरक ने कहा था कि यदि वो जेल चले जाते तो 2017 में मुख्यमंत्री भी नहीं बन पाते। बता दें कि पिछली कांग्रेस की हरीश रावत सरकार में हरक सिंह रावत कृषि मंत्री थे। बाद में हरक ने भाजपा का दामन थाम लिया था। अब त्रिवेंद्र सिंह रावत के तीखे बोल के बाद भाजपा के अंदर तल्खी बढ़ा दी है। हालांकि इस मामले में अभी कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत का बयान नहीं आया है।

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