शुक्रवार, अगस्त 12Digitalwomen.news

72 Civilians, 13 US Troops Killed In Kabul Blasts, ISIS Claims Attack

आईएस ने ली काबुल में हुए बम धमाके की जिम्मेदारी, 13 अमेरिकी सैनिकों समेत 72 की मौत

अफगानिस्तान के काबुल में गुरुवार को लगातार हुए दो बम धमाकों से अफगानिस्तान दहल गया। काबुल एयरपोर्ट के बाहर दो आत्मघाती हमले में 72 लोगों की मौत हो गई जबकि 143 लोग घायल हुए।इस आतंकी हमले में 13 अमेरिकी सैनिकों की जान गई है और 18 घायल हुए हैं। मिली जानकारी के अनुसार इस धमाके में 11 अमेरिकी मरीन और एक कमांडो की मौत हुई है।

वहीं इन बम धमाकों के पीछे आतंकी संगठन आईएस (इस्लामिक स्टेट) का हाथ होने की बात सामने आ रही थी और देर रात उसने इसकी जिम्मेदारी भी ले ली। वहीं, रूसी समाचार एजेंसी ने तीसरा धमाका होने का भी दावा किया है। ये धमाका तालिबान के वाहन पर आईईडी के जरिए हुआ। हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है। 

बता दें कि अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और ब्रिटेन ने पहले ही काबुल एयरपोर्ट पर आतंकी हमले की आशंका जाहिर की थी। साथ ही, अपने नागरिकों को काबुल एयरपोर्ट से दूर रहने की चेतावनी दी थी। वहीं, ब्रिटेन ने इस घटना को लेकर एक आपातकालीन बैठक बुलाई। दूसरी ओर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी एलान किया है कि वहां के राजदूत अब अफगानिस्तान छोड़ देंगे।
वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने इस हमले की निंदा करते हुए और यह साफ कहा है कि कहा- इन आतंकियों को हम माफ नहीं करेंगे। हम तुम्हें (आतंकी) ढूंढेंगे और इसका हिसाब लेंगे। बाइडन ने कहा कि हम अफगानिस्तान से अमेरिकी नागरिकों को निकालेंगे। हम अपने साथियों को यहां से निकालेंगे और हमारा मिशन जारी रहेगा।

30 अगस्त की शाम तक झुका रहेगा अमेरिकी ध्वज:

काबुल में हुए बम धमाके में 12 अमेरिकी सैनिकों की मौत हो गई है, वहीं 18 से अधिक घायल हैं। व्हाइट हाउस से मिली जानकारी के अनुसार इन शहीदों के सम्मान में अमेरिकी झंडा 30 अगस्त की शाम तक झुका रहेगा। 

वहीं भारतीय विदेश मंत्रालय ने बम धमाके पर बयान जारी करते हुए इसकी निंदा की है। विदेश मंत्रालय ने कहा- हम काबुल में धमाकों की निंदा करते हैं। हम आतंकी हमले में मारे गए लोगों के प्रति अपनी संवेदना जाहिर करते हैं। ये धमाका बताता है कि हमें आतंकवाद और इसे पोषित करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने की जरूरत है। 

यह है पूरा मामला:
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार काबुल एयरपोर्ट के ऐबी गेट के बाहर एक आत्मघाती हमलावर ने इस घटना को अंजाम दिया। बताया जा रहा है कि हमलावर फायरिंग करते हुए आया और उसने खुद को बम से उड़ा लिया। एयरपोर्ट के इस गेट पर ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के सैनिक तैनात रहते हैं। वहीं, दूसरा आत्मघाती हमला एयरपोर्ट के सामने मौजूद बैरन होटल के बाहर हुआ, जो कि ऐबी गेट के ही काफी करीब है। गौरतलब है कि इस हमले से कुछ देर पहले ही आईएस के आतंकियों द्वारा धमाका करने की आशंका जताई गई थी। इसका मकसद पश्चिमी देशों के उन सैनिकों को निशाना बनाना था, जो अफगान शरणार्थियों को देश से बाहर निकालने में मदद कर रहे हैं।

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